Home rss business hindi लॉन्चिंग से पहले इस IPO का धमाका, SBI और फेडरल बैंक को...

लॉन्चिंग से पहले इस IPO का धमाका, SBI और फेडरल बैंक को हो गया 292% तक मुनाफा

3
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (इंडिया) लिमिटेड’ (Arcil) के IPO ने आगाज से पहले ही देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI और निजी क्षेत्र के फेडरल बैंक को बड़ा मुनाफा दिया है। इन दोनों ही बैंक को अपने निवेश पर 281 फीसदी और 292 फीसदी तक का भारी रिटर्न मिला है। आइए समझते हैं कि आखिर कैसे दोनों बैंकों को मुनाफा हुआ है।

दोनों बैंकों का कितना निवेश?

दरअसल, फेडरल बैंक ने Arcil के 7,00,116 शेयर औसतन 35.43 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर खरीदे थे, जिससे उसकी कुल खरीद लागत 2.48 करोड़ रुपये हो गई थी। अब जब बैंक IPO प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर यानी 139 रुपये प्रति शेयर पर अपनी हिस्सेदारी बेचने जा रहा है तो उसकी होल्डिंग की कीमत 9.74 करोड़ रुपये हो गई है। यह 292% का फायदा दिखाता है।

इसी तरह, SBI की बात करें तो कंपनी में 40 करोड़ रुपये का निवेश किया था। वह निवेश बढ़कर 152.39 करोड़ रुपये हो गया है, जो 281% का भारी फायदा है। बता दें कि Arcil में एवेन्यू इंडिया रिसर्जेंस और SBI की हिस्सेदारी क्रमशः 69.73% और 19.95% है। पब्लिक शेयरहोल्डर्स में सिंगापुर के सॉवरेन वेल्थ फंड GIC समर्थित ‘लेथ इन्वेस्टमेंट’ के पास 5% हिस्सेदारी है जबकि कर्नाटक बैंक के पास 2.64% हिस्सेदारी है। इसके अलावा,साउथ इंडियन बैंक और फेडरल बैंक दोनों के पास कंपनी में 1.27% हिस्सेदारी है।

आईपीओ की डिटेल

एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (इंडिया) लिमिटेड ने अपने करीब 733 करोड़ रुपये के आईपीओ का प्राइस बैंड 132-139 रुपये प्रति शेयर तय किया है। आईपीओ बोली के लिए नौ सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। एंकर (बड़े) निवेशक आठ सितंबर को बोली लगा सकेंगे। आईपीओ पूरी तरह 5.27 करोड़ शेयर की बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित है।

इसमें कोई नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे। इस इश्यू में केवल बिक्री पेशकश शामिल है, इसलिए Arcil को आईपीओ से कोई राशि नहीं मिलेगी। शेयर बिक्री से प्राप्त पूरी राशि शेयर बेचने वाले शेयरधारकों को जाएगी। कंपनी के शेयर को 17 सितंबर को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध किए जाने का प्रस्ताव है।

कंपनी के बारे में

Arcil भारत में बनी पहली एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) थी और इसे अगस्त 2003 में कामकाज शुरू करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिला था। FY25 तक कंपनी ने बताया कि वह एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) के मामले में भारत की दूसरी सबसे बड़ी ARC थी। मार्च 2026 में खत्म हुए साल के लिए कंपनी का मुनाफा 6.7% बढ़कर 351.7 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 329.5 करोड़ रुपये था। इस दौरान रेवेन्यू 24% बढ़कर 721.7 करोड़ रुपये हो गया, जो पहले 581.8 करोड़ रुपये था।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN