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बांग्लादेश में हिंदू परिवार के 4 लोगों की एक ही रात में कैसे हुई हत्या? पुलिस की थ्योरी पर उठे सवाल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

31 अगस्त को आई रिपोर्ट के अनुसार, दोनों आरोपियों का डोप टेस्ट नेगेटिव आया यानी उनके शरीर में किसी भी तरह के ड्रग्स के अंश नहीं मिले। इससे पुलिस का मुख्य दावा धराशायी हो गया।

बांग्लादेश के रंगपुर शहर में एक ही हिंदू परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक हत्या ने सनसनी फैला दी है। 65 साल के रिटायर शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता, बेटी आगामी और 12 साल के बेटे प्रियम की हत्या के मामले में पुलिस की थ्योरी पर अब कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शुरुआत में इस घटना को डकैती का रूप दिया गया था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी पुलिस के बयानों में विरोधाभास और ढेरों विसंगतियां सामने आने लगीं।

पुलिस ने इस मामले में दो स्थानीय युवकों सिद्धार्थ दास और मुग्ध दास को मुख्य आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा था कि दोनों आरोपी छत पर नशीली दवा का सेवन कर रहे थे तभी गणपति चक्रवर्ती ने उन्हें देख लिया। पकड़े जाने के डर से दोनों ने गणपति, उनकी पत्नी, बेटी और बेटे की हत्या कर दी।

31 अगस्त को आई रिपोर्ट के अनुसार, दोनों आरोपियों का डोप टेस्ट नेगेटिव आया यानी उनके शरीर में किसी भी तरह के ड्रग्स के अंश नहीं मिले। इससे पुलिस का मुख्य दावा धराशायी हो गया। सिद्धार्थ के पिता बिनॉय चंद्र दास ने सवाल उठाया कि दो बेहद दुबले-पतले लड़के बिना कोई शोर-शराबा किए चार लोगों को इतनी सफाई से कैसे मार सकते हैं? क्या चार लोग बिना चिल्लाए, बिना शोर मचाए एक के बाद एक मारे गए और पड़ोसियों को भनक तक नहीं लगी?

पुलिस के मुताबिक, हत्याएं करने के बाद दोनों आरोपी भागे नहीं बल्कि 6 से 7 घंटे तक उसी घर में रहे। उन्होंने वहां खाना खाया, स्नान किया, दोबारा ड्रग्स लिया और सुबह की अजान के समय शांति से निकल गए। स्थानीय लोगों और परिजनों के लिए यह कहानी गले उतरना मुश्किल हो रहा है।

पुलिस कमिश्नर के बदलते बयान

23 अगस्त को उन्होंने कहा कि गणपति की हत्या छत पर, पत्नी व बेटी की दूसरे माले की सीढ़ियों पर और बेटे की कमरे में हुई। 27 अगस्त को उन्होंने कहा कि गणपति, पत्नी और बेटी तीनों की हत्या छत पर हुई और बाद में शवों को सीढ़ियों पर घसीट कर लाया गया। इसके अलावा, प्रेस कॉन्फ्रेंस में तैयार बयान पढ़कर कमिश्नर बिना पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए चले गए।

घटनास्थल पर बिजली काट दी गई और पानी का पंप चालू छोड़ दिया गया, जिससे छत से पानी बहता रहा। इससे घटनास्थल के महत्वपूर्ण फॉरेंसिक साक्ष्य नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा, पैसों और गहनों की बरामदगी की रकम को लेकर भी पुलिस के आंकड़ों में अंतर देखा गया।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN