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ईरान युद्ध से संबंधित जानकारियों मीडिया में लीक होने की वजह से डोनाल्ड ट्रंप अधिकारियों पर बुरी तरह भड़क गए। इसके बाद टॉप अधिकारियों की लाइ डिटेक्टर टेस्ट किया जा रहा है।
अमेरिका के अत्यंत गोपनीय हथियार भंडार से जुड़ी संवेदनशील जानकारी मीडिया में लीक होने के बाद अमेरिकी सेना के कई शीर्ष अधिकारियों से इस गर्मी में पॉलीग्राफ जांच करायी गई। सीबीएस न्यूज की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया।
रिपोर्ट में तीन अलग-अलग अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि इस मामले में कई लोगों की जांच हुई, जिनमें सेंटकॉम और अन्य सैन्य कमानों के अधिकारी शामिल थे। दो सूत्रों ने बताया कि कोई भी अधिकारी मीडिया को जानकारी लीक करने से जुड़े सवालों की जांच में असफल नहीं हुआ।
बेहद नाराज थे डोनाल्ड ट्रंप
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन सूचनाओं के लीक होने से बेहद नाराज थे। सीमित संख्या में लोगों के पास ही संबंधित गोपनीय जानकारी की पहुंच होने के कारण किसी विदेशी खुफिया एजेंसी के लिए काम कर रहे उच्च सुरक्षा मंजूरी वाले व्यक्ति की आशंका भी जतायी गयी। बता दें किअमेरिका और ईरान में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच रहा है।
लाई डिटेक्टर टेस्ट
रक्षा विभाग के जनसंपर्क सहायक सचिव शॉन पार्नेल ने कहा कि विभाग आंतरिक जांच या कर्मचारियों से जुड़े मामलों पर टिप्पणी नहीं करता, लेकिन गोपनीय जानकारी के लीक होने को “बेहद गंभीरता” से लेता है। यह जांच ईरान के साथ युद्ध के दौरान अमेरिका के अत्याधुनिक और सीमित संख्या वाले हथियारों के तेजी से इस्तेमाल संबंधी खबरों के बाद शुरू हुई। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने जुलाई में संवेदनशील सरकारी जानकारी मीडिया में लीक करने वालों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए रक्षा विभाग तथा न्याय विभाग की संयुक्त कार्यबल गठित करने की घोषणा की थी।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, शीर्ष गोपनीय जानकारी तक पहुंच रखने वाले अधिकारियों की पॉलीग्राफ जांच सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इस बार जांच का दायरा असामान्य रूप से व्यापक था। संघीय कानून और रक्षा विभाग के नियम पॉलीग्राफ के इस्तेमाल पर कुछ सीमाएं और प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपाय भी निर्धारित करते हैं।यह भी उल्लेखनीय है कि सभी वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की जांच नहीं की गयी। संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन भी जांच के दायरे में नहीं थे।
हेगसेथ इससे पहले भी पेंटागन से जानकारी लीक होने की आशंका में पॉलीग्राफ जांच का सहारा लेने की धमकी दे चुके हैं। पिछले वर्ष चीन से संबंधित एक गोपनीय पेंटागन ब्रीफिंग की जानकारी मीडिया में लीक होने के बाद उन्होंने तत्कालीन कार्यवाहक संयुक्त चीफ अध्यक्ष एडमिरल क्रिस्टोफर ग्रेडी से भी कथित तौर पर पूछताछ की थी। ग्रेडी की पॉलीग्राफ जांच नहीं करायी गयी थी।
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