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कर्ज के दबाव में SP ग्रुप… टाटा संस में 7% स्टेक बेचने का बड़ा प्लान

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Source :- LIVE HINDUSTAN

शापूरजी पलोनजी (SP) ग्रुप के चेयरमैन शापूर मिस्त्री ने टाटा ग्रुप की प्रमुख होल्डिंग कंपनी टाटा संस में अपनी हिस्सेदारी के एक हिस्से को बेचने की योजना बनाई है। इसके जरिए अगले 24 महीने में करीब ₹25,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं। बता दें कि SP ग्रुप के पास टाटा संस की अनुमानित 18.37% हिस्सेदारी है। इसमें से लगभग 7% हिस्सेदारी बेचकर पैसे जुटाने की योजना है।

शापूर मिस्त्री ने नोएल टाटा को लिखा पत्र

ईटी की एक खबर में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि शापूर मिस्त्री ने टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा को इस प्रस्ताव के साथ पत्र लिखा है। सूत्र के मुताबिक टाटा संस के अधिकारी इस पर चर्चा कर सकते हैं क्योंकि दोनों पक्ष इस मामले का समाधान चाहते हैं। मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि SP ग्रुप के चेयरमैन जुलाई तक टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और नोएल टाटा के साथ हिस्सेदारी के एक हिस्से से पैसे जुटाने पर चर्चा कर रहे थे। हालांकि, अगस्त में चेयरमैन पद पर दोबारा नियुक्ति से इनकार करने के बाद चंद्रशेखरन ने इससे जुड़ी चर्चाओं में हिस्सा नहीं लिया है।

क्या है प्रस्ताव में?

शापूर मिस्त्री के मौजूदा प्रस्ताव में टाटा संस से अपनी कुछ हिस्सेदारी के बदले एक तय अवधि में नकद भुगतान हासिल करने की बात है। सूत्रों के मुताबिक, मिस्त्री के प्रस्ताव से SP ग्रुप को अपनी हिस्सेदारी के एक हिस्से के बदले कैश जुटाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही टाटा संस अपना प्राइवेट कंपनी का दर्जा भी बनाए रख सकती है। इससे पहले दोनों पक्षों के बीच एक शेयर स्वैप के विकल्प पर भी चर्चा हुई थी। इसके तहत SP ग्रुप को अपनी टाटा संस की हिस्सेदारी के एक हिस्से के बदले टाटा ग्रुप की कुछ लिस्टेड कंपनियों के शेयर मिल सकते थे।

हालांकि, अभी तक दोनों पक्षों के बीच डील की कीमत, वैल्यूएशन, फंडिंग का तरीका, कितनी हिस्सेदारी खरीदी जाएगी और भुगतान की समयसीमा पर सहमति नहीं बनी है। वहीं, इस पर ना तो टाटा ग्रुप की ओर से कोई आधिकारिक जवाब आया है और ना ही शापूर मिस्त्री के SP ग्रुप ने किसी तरह का स्पष्टीकरण दिया है।

SP ग्रुप को फंड जरूरी क्यों?

SP ग्रुप को अपनी कर्ज की जरूरतों को पूरा करने के लिए तुरंत फंड जरूरी है। जुलाई में ग्रुप ने करीब ₹21,500 करोड़ की रीफाइनेंसिंग पूरी की थी, जिससे तत्काल फंडिंग जरूरत पूरी हुई। सूत्र बताते हैं कि SP ग्रुप को सितंबर के अंत तक लगभग ₹3,500 करोड़ का भुगतान करना है। सितंबर का भुगतान न करने पर इसे डिफॉल्ट माना जा सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN