Home rss business hindi 8th Pay Commission: 5 साल पर लगे नया चयन वेतन, फैमिली यूनिट...

8th Pay Commission: 5 साल पर लगे नया चयन वेतन, फैमिली यूनिट भी 5 करने की मांग; अब चंडीगढ़ मीटिंग पर निगाह

3
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

8th Pay Commission latest Updates: 8वें वेतन आयोग की लगातार तीन दिन की मीटिंग समाप्त हो चुकी है। 7-8 सितंबर को पे कमीशन की मीटिंग चेन्नई में थी। 9 अगस्त को मीटिंग पुडुचेरी में हुई। अब 16, 17 और 18 सितंबर को पे कमीशन की बैठक चंडीगढ़ में होने जा रही है। यह मीटिंग भी काफी अहम है। बता दें, नवंबर 2025 में पे कमीशन के गठन के बाद आयोग अबतक देश के अलग-अलग हिस्सों में कई मीटिंग कर चुका है। दिल्ली, लखनऊ, कोलकाता, भुवनेश्वर, श्रीनगर, जम्मू में पहली ही आयोग की बैठक हो चुकी है।

5 साल में चयन वेतन मान की मांग (8th Pay Commission News)

आयोग की बैठक में कर्मचारियो की तरफ से कई मांगे की जा रही है। फिटमेंट फैक्टर, डीए के अलावा जिसपर फोकस अधिक है वह Modified Assured Career Progression सामान्य बोल-चाल की भाषा में चयन वेतन मांग की है। मौजूदा समय में कर्मचारियों को हर 10 साल की नौकरी के बाद इसका लाभ मिलता है। आयोग की मीटिंग में इसे 5 साल पर करने की मांग हो रही है। अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों को बहुत लाभ मिलेगा।

डीए को लेकर भी बड़ी डिमांड (8th Pay Commission DA demand)

केंद्रीय कर्मचारियों के संगठनों की मांग है जब डीए 25 प्रतिशत हो जाए तब इसका मर्जर बेसिक पे में कर दिया जाए। इसके अलावा साल में दो नहीं चार बार डीए में बढ़ोतरी है। बता दें, इस समय केंद्रीय कर्मचारियों को 62 प्रतिसत महंगाई भत्ता मिल रहा है।

फैमिली यूनिट को 5 किया जाए (8th Pay Commission Family unit)

संगठनों ने फैमिली यूनिट भी बढ़ाने की मांग कर दी है। मौजूदा में यानी 7वें पे कमीशन के दौरान फैमिली यूनिट को 3 रखा गया है। इससे 5 करने की मांग हो रही है। अगर ऐसा हुआ तो कर्मचारियों का बेसिक पे पहले की तुलना में और अधिक हो जाएगा। बता दें, कर्मचारी संगठनों का कहना है कि समय के साथ माता-पिता को भी इससे जोड़ा जाए।

फिटमेंट फैक्टर

8वें वेतन आयोग से जिस विषय पर सबसे अधिक बात अबतक हुई होगी वह फिटमेंट फैक्टर है। कुछ कर्मचारी संगठनों ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर रखने की मांग की है। जोकि 7वें पे कमीशन के 2.57 फिटमेंट फैक्टर की तुलना में भी अधिक है। हालांकि, आयोग ने अभी तक फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई भी आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।

HRA पर भी जोर

कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा एचआरए पर्याप्त नहीं है। खासकर दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों के लिए तो इस एचआरए में व्यवस्था करना काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में इसे भी पहले की तुलना में अधिक करने की मांग हो रही है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN