Source :- LIVE HINDUSTAN
BRICS summit 2026: ब्रिक्स समिट 2026 की साइड लाइन में ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने यूएई के क्राउन प्रिंस से मुलाकात की है। पश्चिम एशिया जंग के दौरान दोनों देशों के बीच यह वार्ता महत्वपूर्ण है।
भारत में आयोजित ब्रिक्स समिट 2026 से पश्चिम एशिया में जारी संकट का रास्ता भी निकलता हुआ दिख रहा है। ब्रिक्स सदस्य देश सऊदी अरब, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात ने नई दिल्ली घोषणा पत्र 2026 को स्वीकार किया है। युद्ध के शुरू होने के बाद से इन तीनों देशों के बीच में जबरदस्त तनाव चल रहा है। ईरान और उसके समर्थक आए दिन सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के ऊपर हमला करते रहते हैं। घोषणा पत्र से एक कदम आगे बढ़ते हुए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने यूएई के क्राउन प्रिंस से भी मुलाकात की।
ब्रिक्स समिट के साइडलाइन में पश्चिम एशिया में उलझे संयुक्त अरब अमीरात और ईरान के नेताओं ने मुलाकात की। ईरान की तरफ से राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने तेहरान का नेतृत्व किया। वहीं सऊदी अरब की तरफ से क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जायेद अल नाह्यान शामिल हुए। दोनों नेताओं के बीच में इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
बता दें, अमेरिका और इजरायल द्वारा हमला किए जाने के बाद से ईरान लगातार खाड़ी देशों को निशाना बनाता हुआ आया है। यूएई ने कई बार ईरान के साथ अपने संबंधों को सुधारने की कोशिश की है, लेकिन ईरान का आरोप है कि यूएई अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका को हमला करने के लिए देता है। फिलहाल यूएई और ईरान के बीच में एक बेहतर समन्वय बना हुआ है। इसके चलते संयुक्त अरब अमीरात की जमीन पर ज्यादा हमला नहीं हो रहा है। लेकिन इसके बाद भी खतरा बना हुआ है। नई दिल्ली में दोनों पक्षों के बीच हुई बैठक के बाद कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक किसी बड़े मुद्दे पर चर्चा संभव हो सकती है। अगर यूएई और सऊदी अरब मिलकर ईरान के साथ समझौते पर आते हैं, तो पश्चिम एशिया में शांति की तरफ यह एक बड़ा कदम होगा।
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