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₹2000 के नए UPI नियम का आपकी जेब पर क्या होगा असर? क्या दोस्त को ₹5000 गूगल पे करने पर लगेगा चार्ज?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

15 रुपये की चाय से लेकर 30000 रुपये के रूम रेंट तक। सब्जी की दुकान से लेकर मॉल में शॉपिंग तक भारत में करोड़ों लोग रोजाना UPI से पेमेंट करते हैं। गूगल पे हो या फोनपे, पेटीएम हो या भारतपे, या फिर कोई भी पेमेंट ऐप; QR कोड स्कैन किया, UPI PIN डाला और कुछ ही सेकंड में पेमेंट हो गया।

लेकिन, पिछले कुछ समय से लोगों के मन में एक सवाल है। क्या अब 2,000 रुपये से ज्यादा का UPI पेमेंट करने पर शुल्क देना पड़ेगा? सरकार ने इस बारे में स्थिति साफ कर दी है। सिर्फ इसलिए कि आपने 2,000 रुपये से ज्यादा का UPI पेमेंट किया है, आपसे कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा।

यानी अगर आप 500 रुपये, 2,000 रुपये, 5,000 रुपये या 20,000 रुपये UPI से पेमेंट करते हैं, तो केवल रकम 2,000 रुपये से ज्यादा होने के कारण आपके खाते से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं कटेगा।

फिर 2,000 रुपये की बात क्यों हो रही है?

यहीं सबसे ज्यादा भ्रम पैदा हुआ है। 2,000 रुपये की लिमिट डिजिटल पेमेंट से जुड़े कुछ नियमों और छोटे कारोबारियों वाले लेनदेन के लिए इस्तेमाल की गई है। इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि 2,000 रुपये से ज्यादा का UPI पेमेंट करने पर ग्राहक से शुल्क लिया जाएगा।

सरकार ने यह भी साफ किया है कि अगर भविष्य में MDR यानी Merchant Discount Rate लागू किया जाता है, तो यह केवल कुछ खास बिजनेस ट्रांजैक्शन पर और एक तय लिमिट से ऊपर लागू हो सकता है। इसका मतलब यह है कि 2,000 रुपये UPI से मुफ्त पेमेंट की अधिकतम लिमिट नहीं है।

क्या 5,000 रुपये के UPI पेमेंट पर शुल्क लगेगा?

जवाब है नहीं। मान लीजिए आपने किसी दुकान का QR कोड स्कैन करके 5,000 रुपये का पेमेंट किया। सिर्फ इसलिए कि पेमेंट 2,000 रुपये से ज्यादा है, आपसे अभी कोई अलग शुल्क नहीं लिया जाएगा। यही बात 10,000 रुपये और 20,000 रुपये के पेमेंट पर भी लागू होती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम ग्राहकों को UPI इस्तेमाल करने पर ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं देना होगा।

MDR क्या होता है?

MDR का पूरा नाम Merchant Discount Rate है। इसे आसान भाषा में समझें तो यह डिजिटल पेमेंट को प्रोसेस करने से जुड़ा शुल्क है। इसमें दुकानदार, बैंक और पेमेंट सेवा देने वाली कंपनियां शामिल होती हैं। यह शुल्क सीधे हर बार ग्राहक के बैंक खाते से काटे जाने वाला UPI शुल्क नहीं है।

दो लोगों के बीच पैसे भेजने पर क्या होगा?

इस मामले में स्थिति और भी साफ है। अगर आप अपने दोस्त को 5,000 रुपये भेजते हैं या परिवार के किसी सदस्य को 20,000 रुपये UPI से भेजते हैं, तो इसके लिए कोई MDR नहीं लगेगा। इसे P2P यानी Person-to-Person पेमेंट कहा जाता है। सरकार ने साफ कहा है कि दो लोगों के बीच होने वाले UPI पेमेंट मुफ्त रहेंगे। इसलिए MDR को सामान्य व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने वाले लेनदेन से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।

सरकार का क्या कहना है

UPI को चलाने के लिए बड़े स्तर पर बैंक, फिनटेक कंपनियां और पेमेंट सेवा प्रदाता काम करते हैं। इसके लिए तकनीक, सर्वर, साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकने और पेमेंट व्यवस्था को 24 घंटे चालू रखने पर लगातार खर्च होता है।

सरकार का कहना है कि UPI के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए इस पूरे सिस्टम को लंबे समय तक आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए भविष्य में सीमित बिजनेस ट्रांजैक्शन पर मामूली MDR लगाया जा सकता है, लेकिन अगर ऐसा होता भी है, तो ज्यादातर UPI बिजनेस ट्रांजैक्शन मुफ्त ही रहेंगे।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN