Home rss world hindi पाकिस्तान हुआ बेदम, लॉकडाउन के हालात; मजबूरी में क्या करेगी शहबाज सरकार?

पाकिस्तान हुआ बेदम, लॉकडाउन के हालात; मजबूरी में क्या करेगी शहबाज सरकार?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

पाकिस्तान की हालत खस्ता हो गई है। लोग तेल के लिए तरस रहे हैं। इधर पश्चिम एशिया की जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में शहबाज शरीफ की सरकार देश में लॉकडाउन लगा शक्ति है।

पश्चिम एशिया में चल रही जंग से पाकिस्तान बेदम हो चुका है। महीनों से जंग में चौधरी बनने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान के हाथ कुछ नहीं लग पाया और अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध अब भी जारी है। बीते सप्ताह क्षेत्र में तनाव तब बढ़ गया जब सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच भी जंग शुरू हो गई है। ऐसे में तेल संकट बढ़ गया है। पाकिस्तान में तो अब हालात ऐसे हैं कि लॉकडाउन वाली स्थिति बन गई है।

बता दें कि पाकिस्तान का फॉरेन रिजर्व पहले ही खाली पड़ा है और उसने हाल ही में माना था कि वह जल्द ही अमेरिका के पास गिड़गिड़ाने जाएगा। इस बीच पाकिस्तान की मुसीबत तब बढ़ गई जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब पाकिस्तान की सरकार ‘पेट्रोलियम स्मार्ट लॉकडाउन’ लगाने की योजना बना रही है।

हफ्ते में 4 दिन ही होगा कामकाज

रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की हालत इतनी बुरी है कि कामकाज भी ठप हो सकता है। पेट्रोल लॉकडाउन के तहत सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के लिए हफ्ते में केवल 4 दिन काम करने का नियम लागू हो सकता है। वहीं छुट्टियों को शुक्रवार से रविवार तक बढ़ाकर सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही को कम करने का प्लान है।

इसके अलावा सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों को रोटेशन बेसिस पर बुलाया जाएगा और अधिकतर लोगों को घर से काम करने का निर्देश दिया जाएगा। वहीं पेट्रोल-डीजल और बिजली बचाने के लिए शॉपिंग मॉल्स, व्यावसायिक बाजारों और मैरिज हॉल को शाम को जल्दी बंद करने का फैसला लिया जा सकता है।

भत्ता भी कटेगा

शहबाज शरीफ की सरकार मजबूरी में अपने कर्मचारियों का वेतन तक काटेगी। सरकारी तंत्र में ईंधन बचाने के लिए लगभग 50 फीसदी सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल पर रोक लगाने का प्रस्ताव है। वहीं अधिकारियों के गैर-जरूरी दौरों और सरकारी पेट्रोल भत्तों में भी भारी कटौती की जाएगी। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने इससे पहले भी इस तरह के उपाय लागू किए थे। अधिकारियों के वेतन तक काटने के आदेश दे दिए गए थे। हालांकि फायदा कुछ नहीं मिला।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN