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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SEMICON India 2026 के उद्घाटन के दौरान भारत के तेजी से बढ़ते पावर सेक्टर, मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क और SMRs पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए प्रमुख डेस्टिनेशन बनने की दिशा में जरूरी कदम उठा रहा है।
भारत में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए आयोजित SEMICON India 2026 का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के यशोभूमि में उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने भारत के तेजी से डिवेलप होते पावर सेक्टर, ट्रांसमिशन नेटवर्क और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर यानी SMR से जुड़ी कोशिशों का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए मजबूत ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद महत्वपूर्ण हैं और इस दिशा में भारत लगातार अपनी क्षमता बढ़ा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का पावर सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसे निजी क्षेत्र के लिए भी खोला गया है। उनके मुताबिक, देश में बिजली उत्पादन और वितरण से जुड़े क्षेत्र में हो रहे बदलाव भारत के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। सेमीकंडक्टर निर्माण जैसी इंडस्ट्री में लगातार और भरोसेमंद बिजली की जरूरत होती है, इसलिए पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को भारत की चिप मैन्युफैक्चरिंग महत्वाकांक्षाओं के महत्वपूर्ण आधार के तौर पर देखा जा रहा है।
SMRs पर भी काम कर रहा है भारत
प्रधानमंत्री ने Small Modular Reactors (SMRs) को लेकर भारत के काम का भी जिक्र किया। SMR छोटे आकार के परमाणु रिएक्टर होते हैं, जिन्हें पारंपरिक बड़े परमाणु संयंत्रों की तुलना में अलग तरीके से विकसित किया जा सकता है। ऊर्जा जरूरतों के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने यह जिक्र ऐसे समय में किया है जब भारत अपनी बढ़ती औद्योगिक और तकनीकी जरूरतों के लिए मजबूत एनर्जी सिस्टम तैयार करने पर जोर दे रहा है।
PM मोदी ने पिछले एक दशक में भारत के ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार को भी देश की बड़ी ताकत बताया। सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट और उससे जुड़ी औद्योगिक इकाइयों के लिए स्थिर और पर्याप्त बिजली आपूर्ति जरूरी है। ऐसे में मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क को भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विस्तार में महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर माना जा रहा है।
ग्लोबल सप्लाई चेन को मिलेगी मजबूती
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत खुद को सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए एक प्रमुख डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी महत्वपूर्ण और स्ट्रेटजिक इंडस्ट्री में भारत की मजबूत मौजूदगी ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत करने में योगदान दे सकती है।
SEMICON India 2026 में दुनिया भर की सेमीकंडक्टर कंपनियों, निवेशकों, विशेषज्ञों और अन्य stakeholders की भागीदारी हो रही है। आयोजन का फोकस चिप डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ एक व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करने पर है। भारत की कोशिश है कि आने वाले समय में देश केवल सेमीकंडक्टर का बड़ा बाजार न रहे, बल्कि डिजाइन, निर्माण और सप्लाई चेन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
600 से ज्यादा कंपनियां लेंगी हिस्सा
SEMICON India 2026 में 600 से ज्यादा कंपनियां भाग ले रही हैं। इनमें करीब 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं। आयोजन में 52 देशों के प्रतिनिधि, 400 से ज्यादा एग्जीक्यूटिव और 150 से अधिक स्पीकर शामिल होने की उम्मीद है। आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम में करीब 50,000 लोगों के पहुंचने की संभावना है।
कार्यक्रम में जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड्स, सिंगापुर और स्वीडन के लिए अलग-अलग Country Pavilions भी बनाए गए हैं। इसके अलावा 12 State booths, Startup Pavilion, Innovation Showcase, Student Hackathon और Workforce Development Pavilion भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति पर रहेगा जोर
SEMICON India 2026 ऐसे समय हो रहा है जब भारत अपनी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइन क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। सरकार ने SEMICON India Programme 2.0 के तहत सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए नई योजनाओं और वित्तीय सहायता का ऐलान किया है। इसका उद्देश्य भारत में चिप निर्माण के साथ-साथ डिजाइन, पैकेजिंग, कंपोनेंट्स, उपकरण और रिसर्च जैसी क्षमताओं को भी विकसित करना है।
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