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DA मर्जर से फिटमेंट फॉर्मूला तक, 8वें वेतन आयोग में इन मुद्दों पर हो रहा मंथन

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Source :- LIVE HINDUSTAN

8th pay commission latest: केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है। वेतन आयोग अगले साल की पहली छमाही तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप सकता है। इससे पहले, वेतन आयोग लगातार कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें कर रहा है। इन बैठकों में वेतन, भत्ते, पेंशन और दूसरी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है। आइए जानते हैं कि किन मुद्दों पर चर्चा हो रही है।

दरअसल, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की बैठकों में कर्मचारियों की सैलरी और उससे जुड़े अलग-अलग घटकों में बदलाव को लेकर चर्चा की जा रही है। इसमें महंगाई भत्ता (DA), महंगाई राहत (DR) शामिल है। इसके अलावा, यात्रा भत्ता (TA) और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) जैसे भत्ते पर भी विचार किया जा रहा है। डीए मर्जर के अलावा बेसिक पे, वेतन ढांचा, फिटमेंट फैक्टर और पे मैट्रिक्स में बदलाव भी संभव है।

जानकारी के मुताबिक वेतन आयोग कर्मचारियों को मिलने वाले अन्य लाभों पर भी चर्चा कर रहा है, जिसमें एनुअल इंक्रीमेंट, प्रमोशन, बेहतर प्रदर्शन पर अवार्ड और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव शामिल हैं। इसके साथ ही कर्मचारियों की संख्या और काम का युक्तिकरण, मौजूदा समय की नौकरी से जुड़ी जरूरतों और अलग-अलग पदों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बदलावों पर भी विचार किया जा रहा है।

18 महीने में वेतन आयोग की रिपोर्ट

बता दें कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) के मुताबिक आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है। वेतन आयोग को गठन के 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें देनी हैं। इस हिसाब से मई 2027 तक रिपोर्ट आने की समयसीमा है। इसके बाद सरकार सिफारिशों पर विचार करेगी और उन्हें स्वीकार करने, संशोधित करने या किसी अन्य तरीके से लागू करने का फैसला करेगी। हालांकि, कुछ मुद्दों पर अंतरिम रिपोर्ट या सिफारिशें इससे पहले आने की संभावना को लेकर चर्चाएं चल रही हैं।

लगातार हो रही हैं बैठकें

हाल ही में वेतन आयोग ने अलग-अलग यूनियन के साथ चंडीगढ़, चेन्नई और पुडुचेरी में बैठकें की हैं और अगले महीने बेंगलुरु का दौरा करने का कार्यक्रम भी तय किया है। बता दें कि ये यूनियन, समूह मिलकर बड़ी संख्या में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये बैठकें इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि प्रतिनिधियों के साथ बातचीत से वेतन आयोग की चर्चाओं और फैसलों को आकार देने में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है।

किन लोगों को होगा फायदा

आठवें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों से 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को फायदा होने की उम्मीद है, जिनमें लगभग 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और करीब 65 लाख पेंशनभोगी (रक्षा और रेलवे के कर्मचारी और रिटायर हो चुके लोग) शामिल हैं। कुल मिलाकर, अलग-अलग सरकारी विभागों, एजेंसियों और सेवाओं के लोग इन सिफारिशों का फायदा उठा सकेंगे।

इनमें केंद्र सरकार के कर्मचारी (इंडस्ट्रियल और नॉन-इंडस्ट्रियल), ऑल इंडिया सर्विसेज के कर्मचारी, रक्षा बलों के कर्मचारी, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी, भारतीय ऑडिट और अकाउंट्स विभाग के अधिकारी और कर्मचारी, संसद के कानूनों के तहत बनी रेगुलेटरी बॉडीज (RBI को छोड़कर) के सदस्य, सुप्रीम कोर्ट के अधिकारी और कर्मचारी, हाई कोर्ट के वे अधिकारी और कर्मचारी जिनका खर्च केंद्र शासित प्रदेश उठाते हैं और केंद्र शासित प्रदेशों की निचली अदालतों के न्यायिक अधिकारी शामिल हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN