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शर्तें पूरी होंगी तभी खुलेगा रास्ता… होर्मुज को लेकर ईरान का बड़ा ऐलान, क्या करेगा अमेरिका?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा है कि जब तक ईरान की सात शर्तें पूरी नहीं होतीं, होर्मुज नहीं खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि सही समय पर सैन्य कार्रवाई और बातचीत दोनों साथ-साथ चलनी चाहिए।

अमेरिका संग जारी तनाव के बीच ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक तेहरान की सात शर्तें पूरी नहीं होतीं, होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान को सही समय पर सैन्य कार्रवाई और बातचीत दोनों साथ चलानी चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका को शर्तें भेज दी हैं और ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है।

संसद को संबोधित करते हुए गालिबाफ ने कहा कि सिर्फ युद्ध या सिर्फ बातचीत का रास्ता सही नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें समझदारी से लड़ना भी चाहिए और सही मौके पर बातचीत भी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान को अपनी सैन्य ताकत से दुश्मन को पीछे धकेलना चाहिए। जब मैदान में बढ़त मिल जाए और दुश्मन कमजोर हो जाए, तब कूटनीति से उस बढ़त को मजबूत करना चाहिए। जब तक दुश्मन पूरी तरह नहीं हारता और ईरान की ताकत मजबूत नहीं हो जाती, तब तक यह सिलसिला जारी रहना चाहिए।

थोपने का रास्ता अब बंद हो चुका है

गालिबाफ ने कहा कि कूटनीति में ईरान का रुख साफ, सही और बिना मोलभाव वाला है। शर्तें बिचौलियों के जरिए दूसरी तरफ पहुंचा दी गई हैं। उन्होंने कहा कि धोखा देने और एकतरफा शर्तें थोपने का रास्ता अब बंद हो चुका है। इस दौरान उन्होंने दोहराया कि जब तक ईरानी लोगों के कानूनी अधिकारों को मान्यता नहीं मिलती और अमेरिका अपने वादे पूरे नहीं करता, होर्मुज खोलने या पुरानी शर्तों पर बातचीत शुरू करने का कोई रास्ता नहीं है।

तेहरान बड़े युद्ध के लिए है तैयार

बता दें कि यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका को सात शर्तें भेजी हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर वाशिंगटन इन मांगों को नहीं मानता, तो तेहरान बड़े युद्ध के लिए तैयार है। वहीं, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रजाई ने कहा कि कतर ने ये शर्तें वाशिंगटन तक पहुंचा दी हैं। तेहरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है।

रजाई के अनुसार शर्तों में सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना, ईरान के रुके हुए फंड जारी करना और नौसेना नाकाबंदी हटाना शामिल है। उन्होंने कहा कि तेहरान का संदेश साफ है। अगर अमेरिका इस मुश्किल से निकलना चाहता है, तो उसे ईरान की शर्तें माननी होंगी। ट्रंप की धमकियों से कुछ नहीं होगा। ईरान बड़े युद्ध के लिए तैयार है।

अमेरिकी हमले की आशंका

रजाई ने कहा कि युद्ध अभी भी जारी है। तेहरान इसे जल्द से जल्द खत्म करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अमेरिकी हमले की आशंका भी बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की तैयारी अब खाड़ी, ओमान की खाड़ी और अरब सागर में अमेरिकी नौसेना के ठिकानों पर केंद्रित है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने हाल में एक अमेरिकी जहाज या विमानवाहक के पास बहु-वारहेड एंटी-शिप मिसाइल का परीक्षण किया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN