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जमुई यौन हिंसा मामला: मुठभेड़ के बाद मुख्य अभियुक्त गिरफ़्तार, अब तक क्या पता है

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Source :- BBC INDIA

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर

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पढ़ने का समय: 6 मिनट

बिहार पुलिस ने जमुई में नाबालिग़ छात्रा के साथ यौन हिंसा करने वाले मुख्य अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया है.

अभियुक्त मुठभेड़ के दौरान घायल हुआ है और मुंगेर रेंज के डीआईजी राकेश कुमार ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से इसकी पुष्टि की है.

उन्होंने बताया कि पुलिस के साथ मुठभेड़ के दौरान मुख्य अभियुक्त के पैर में गोली लगी. पुलिस ने इस मामले में एक अन्य अभियुक्त को भी गिरफ़्तार किया है.

पुलिस ने इसे संबंधित लड़की की निजता और सम्मान का मामला बताया है और साथ ही चेतावनी दी है कि ऐसा करना भारतीय न्याय संहिता 2023, आईटी एक्ट 2000, जेजे एक्ट और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में अपराध है और इसके लिए सख़्त सज़ा का प्रावधान है.

वीडियो वायरल करने वालों के ख़िलाफ़ पुलिस करेगी कार्रवाई

तीसरे अभियुक्त को पकड़कर अस्तपताल ले जाया गया है

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वहीं बिहार पुलिस की एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) केएस अनुपम ने कहा, “जितने वीडियो वायरल हुए हैं, उसके संबंध में हम लोगों ने 13 फ़ेसबुक, 12 इंस्टाग्राम और 7 ट्विटर अकाउंट को हटवाया है. इसकी आगे की जांच जारी है क्योंकि बहुत से वीडियो वायरल किए गए हैं.”

केएस अनुपम ने बताया है कि जिन लोगों ने यह वीडियो वायरल किया है उनके ख़िलाफ़ अलग-अलग क़ानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी.

बिहार महिला आयोग की अध्यक्ष

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अब तक क्या पता है

बिहार पुलिस के मुताबिक़ 19 तारीख़ को एक नाबालिग छात्रा अपने छात्र दोस्त के साथ जमुई में घटनास्थल के पास तस्वीरें खिंचने के लिए गई थी. उस समय कुछ नाबालिग छात्र और युवक वहां पहुंचे और लड़की के साथ छेड़खानी की.

उन्होंने बताया कि “जमुई पुलिस ने तीन नाबालिगों को पकड़ लिया है. दो अन्य लोगों के शामिल होने की जानकारी भी मिली है. पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.”

हालांकि उनके बयान के बाद दो अन्य अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है.

पुलिस के मुताबिक़ यह घटना शाम के क़रीब 6:30 बजे की है और यह लखीसराय-जमुई मुख्य सड़क से क़रीब 3 किलोमीटर दूर हुई थी.

प्रशांत किशोर

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उन्होंने आरोप लगाया, “ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने कथित भगवा गमछे पहने हुए थे और खुद को सामाजिक पुलिस नियुक्त कर लिया था. यह भयावह है कि यह घटना तीन या चार दिन पहले हुई, फिर भी सरकार और पुलिस को इसकी जानकारी तक नहीं थी. अगर अपराध करने वालों ने खुद वीडियो बनाकर जारी नहीं किया होता, तो हमें इसके बारे में पता ही नहीं चलता.”

उन्होंने आगे कहा, “एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने कहा है कि वीडियो प्रसारित करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी. लेकिन अगर वीडियो प्रसारित ही नहीं होता, तो समाज को अपराध के बारे में कैसे पता चलता?”

कांग्रेस ने श्रेयसी सिंह के बयान पर पूछे सवाल

श्रेयसी सिंह बिहार सरकार में मंत्री भी हैं

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इस बीच कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने जमुई की विधायक और बिहार सरकार में मंत्री श्रेयसी सिंह के एक कथित बयान को लेकर सवाल खड़े किए हैं.

पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें श्रेयसी सिंह कथित तौर पर कह रही हैं, “मोरल पुलिसिंग सभ्य और शालीन तरीके से की जा सकती है. लेकिन जिस तरह से उन्होंने (जमुई के अभियुक्तों) लड़के और लड़की दोनों के साथ ग़लत व्यवहार किया और उन्हें परेशान किया, वह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.”

पवन खेड़ा ने इस पर सवाल खड़े किए और पूछा, “तो, आगे क्या? क्या बलात्कार तब ठीक हैं, जब वे ‘सभ्य और शालीन’ हों और हिंसक न हों?”

“हस्तक्षेप, चाहे वह मौखिक, शारीरिक, भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक या आध्यात्मिक हो, सिर्फ इसलिए स्वीकार्य नहीं हो जाता क्योंकि वह ‘सभ्य’ या ‘शालीन’ तरीके़ से किया गया है. समस्या हस्तक्षेप के तरीके में नहीं है. समस्या हस्तक्षेप करने में है.”

उन्होंने लिखा, “सर, आधी रात में एक रील. जमुई में हुई भयावह घटना पर बस एक रील. 15 साल की दिल्ली की एक लड़की का आपको गाली देना एक रील का हक़दार था, लेकिन जमुई में 15 साल की लड़की के साथ शारीरिक दुर्व्यवहार सिर्फ़ ख़ामोशी का हकदार है? शानदार उत्पीड़न.”

क्या है मामला

जमुई पुलिस लगातार अभियुक्तों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है

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सोमवार को बिहार के जमुई का एक वीडियो वायरल हुआ. इसमें दिख रहा है कि नाबालिग छात्र-छात्रा एक स्कूटर पर बैठे हुए हैं और युवकों की भीड़ ने उन्हें घेर रखा है. भीड़ उनसे सवाल करती है कि शाम को यहां दोनों क्या कर रहे हैं.

इसी दौरान छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया जा रहा है. वहीं छात्र युवकों के समूह से छात्रा को बचाने की कोशिश कर रहा है.

इस वायरल वीडियो को लेकर जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने मीडिया से बात की थी.

उन्होंने बताया था, “आज सुबह (21 सितंबर) को एक वीडियो संज्ञान में आया था जिसमें दो नाबालिग स्टूडेंट के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है. वीडियो के आधार पर ही हमने विक्टिम की पहचान की, उनका बयान रिकॉर्ड किया गया और उसी से पता चला कि ये घटना 19 सितंबर को शाम सात बजे के आसपास की है. जिसमें ये लड़का और लड़की कोचिंग के लिए गए हुए थे.”

“उसी दौरान वो उस क्षेत्र में फ़ोटोशूट करने गए थे जहां पर ये घटना हुई है. ये जमुई थानाक्षेत्र की घटना है. अभियुक्तों की पहचान हो गई है और क़ानूनी कार्रवाई कर रहे हैं. जल्द ही इस मामले में गिरफ़्तारी हो जाएगी. पीड़ितों ने कोई भी आधिकारिक शिकायत नहीं दी थी लेकिन जब आज उनसे संपर्क किया गया तो उन्होंने आवेदन दिया जिस पर एफ़आईआर दर्ज की है.”

“छह-सात लोग वायरल वीडियो के फ्रेम में दिख रहे हैं. एफ़आईआर में किसी का नाम नहीं है और जांच से ही अभियुक्तों की पहचान की गई है.”

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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SOURCE : BBC NEWS