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8-10 घंटे की सिटिंग जॉब ने 35 साल के लड़के को पहुंचाया आईसीयू! डॉक्टर ने बताई 3 गलतियां

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Source :- LIVE HINDUSTAN

आजकल ज्यादातर लोग सिटिंग जॉब करते हैं, जिसमें लगातार 8-10 घंटे बैठकर काम करना पड़ता है। लेकिन क्या हो अगर यही आदत आपको ICU तक पहुंचा दे? डॉ शालिनी ने एक ऐसा ही केस साझा किया है, साथ ही गलतियां भी बताई हैं जो सिटिंग जॉब वालों को अवॉइड करनी चाहिए।

आज के समय में ज्यादातर लोग सिटिंग जॉब करते हैं, जिनमें लगातार 8-10 घंटे बैठकर काम करना पड़ता है। कई लोग तो इस बीच ज्यादा मूवमैंट भी नहीं करते और पूरा टाइम कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन के आगे बिता देते हैं। ये आदत आजकल ज्यादातर लोगों के लिए नॉर्मल बनती जा रही है, लेकिन अंदर ही अंदर के शरीर को बुरी तरीके से इफेक्ट करती है। जानी-मानी हेल्थ एक्सपर्ट डॉ शालिनी सिंह सालुंके एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बताती हैं कि एक 35 साल का युवा कैसे बैठे-बैठे ICU तक पहुंच गया। ये सुनने में काफी अजीब लग सकता है लेकिन पूरे दिन बैठने की आदत और साथ में खराब लाइफस्टाइल, एक ऐसा कॉम्बिनेशन है जो धीरे-धीरे अंदर से शरीर को खराब कर रहा होता है। आइए जानते हैं इसपर डॉक्टर ने क्या बताया है।

3 आदतों ने पहुंचाया 35 साल के युवा को ICU

डॉ शालिनी एक केस शेयर करते हुए 35 साल के रमेश की कहानी बताती हैं। रमेश IT सेक्टर में काम करता था, जहां उसके दिन के 10 घंटे लगतार बैठे-बैठे ही बीत रहे थे। इसी बीच पिछले कुछ दिनों से रमेश के एक पैर में हल्का दर्द और अजीब सा खिंचाव महसूस हो रहा था। रमेश को लगा ये कमजोरी की वजह से हो रहा है इसलिए उसने पेन किलर और मल्टी विटामिन की गोली खा ली। लेकिन अगले ही दिन रमेश को खांसी और चलते हुए सीने में दम लगने का अहसास होना लगा।

डॉक्टर कहती हैं कि फिर भी रमेश ऑफिस चला गया। लेकिन जैसे ही लिफ्ट से बाहर निकला, वो तुरंत बेहोश हो कर गिर पड़ा। ऑफिस के बाकी लोग उसे तुरंत हॉस्पिटल ले कर गए, जहां उसे बिना देरी किए ICU में भर्ती कर लिया गया। डॉक्टर कहती हैं कि रमेश के मामले में तुरंत अस्पताल पहुंचने की वजह से उसकी बच गई, लेकिन इस बीमारी में 30-40 प्रतिशत लोगों की मौत मौके पर ही हो जाती है।

आखिर रमेश को ऐसी क्या बीमारी हुई थी?

डॉ शालिनी बताती हैं कि दरअसल रमेश को पल्मोनरी एम्बोलिज्म (Pulmonary Embolism) हुआ था। यानी उसके फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जम गया था, जिसके कारण उसका फेफड़े का हिस्सा डैमेज हो गया था। इसका कारण उसकी घंटों बैठने वाली जॉब और ये 3 गलतियां थीं, जो रमेश डेली बेसिस पर कर रहा है। डॉक्टर कहती हैं कि सिटिंग जॉब करने वाले ज्यादातर लोग ये गलतियां कर रहे हैं।

सिटिंग जॉब में ना करें ये 3 गलतियां

  • एक ही जगह पर 8-10 घंटे लगातार बैठकर काम करना। इससे पैरों की नसों में ब्लड फ्लो कम हो सकता है।
  • स्मोकिंग यानी धूम्रपान की आदत से खून का थक्का आसानी से जम सकता है, इसे डीप वेन थ्रोम्बोसिस कहा जाता है। इसी वजह से रमेश के पैर में दर्द और खिंचाव महसूस हो रहा था।
  • पैर में किसी तरह का दर्द, भारीपन या खिंचाव महसूस हो तो इसे नजरंदाज ना करें। तुरंत अपने डॉक्टर की सलाह लें।

कई बीमारियों से बचा सकता है इस 1 बात का ध्यान

डॉ शालिनी कहती हैं कि अगर आप सिटिंग जॉब कर रहे हैं तो बस एक बात का ध्यान रखें। आपको लगातार बैठकर काम नहीं करना है। एक घंटे से ज्यादा बिल्कुल ना बैठें। थोड़ी-थोड़ी देर में आप वॉक कर सकते हैं, वरना किसी तरह का एंकल टू टो मूवमैंट (टखने से पैर की उंगलियों को हिलाना) जरूर कर लें।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर मौजूद यूजर-जनरेटेड कंटेंट पर आधारित है। लाइव हिन्दुस्तान ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN