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एक तरफ ईरान से जंग, दूसरी तरफ अमेरिकी सुरक्षा, पेजेशकियन के लिए Secret Service क्यों बनी कवच?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है, फिर भी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन को न्यूयॉर्क में अमेरिकी सीक्रेट सर्विस सुरक्षा दे रही है। बाकी ईरानी प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा स्टेट डिपार्टमेंट और न्यूयॉर्क पुलिस कर रही है।

अमेरिका और ईरान के बीच अभी युद्ध चल रहा है। दोनों देश एक-दूसरे को दुश्मन मान रहे हैं। इसके बावजूद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन न्यूयॉर्क में अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा में घूम रहे हैं। बता दें कि ईरानी राष्ट्रपति संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोलने के लिए आए हुए हैं। खबरों के अनुसार, बाकी ईरानी प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा स्टेट डिपार्टमेंट की डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस कर रही है। न्यूयॉर्क पुलिस के खुफिया अधिकारी, जासूस और हाईवे पेट्रोल भी उनके साथ हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि दुश्मन देश के नेता की सुरक्षा अमेरिका खुद क्यों कर रहा है?

है न अजीब बात। दुश्मन की सुरक्षा दुश्मन करे तो बात और अजीब हो जाती है, क्योंकि दोनों देश लड़ाई में हैं, फिर भी अमेरिकी एजेंसियां ईरानी नेता की जान की रक्षा कर रही हैं। यहां आपको बता दें कि पेजेशकियन मंगलवार को न्यूयॉर्क पहुंचे। बुधवार को महासभा को संबोधित किया, लेकिन ईरान छोड़ते समय उन्होंने अमेरिका को दुश्मन कहा था। उन्होंने आगे कहा कि वे संयुक्त राष्ट्र के मंच पर ईरान की मुश्किलें और अपनी बात दुनिया के सामने मजबूती से रखेंगे और रखा भी।

गौरतलब है कि अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र की बैठक के लिए ईरानी टीम के कुछ अहम सदस्यों को आने की अनुमति दी है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी न्यूयॉर्क में हैं। लेकिन पूरी टीम को छूट नहीं मिली। ईरान की संचार टीम को वीजा नहीं दिया गया। न्यूयॉर्क में ईरानी अधिकारियों के आने-जाने पर भी पाबंदी है। वे बिना अनुमति के मिडटाउन मैनहट्टन के सीमित इलाके से बाहर नहीं जा सकते। उनका काम सिर्फ संयुक्त राष्ट्र से जुड़ा होना चाहिए।

तो सुरक्षा क्यों दी जा रही है?

दरअसल, वजह कानून और अंतरराष्ट्रीय समझौता है। संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय न्यूयॉर्क में है। अमेरिका मेजबान देश है। पुराने समझौते के तहत अमेरिका को सदस्य देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों को आने देना और उनकी सुरक्षा का इंतजाम करना पड़ता है। राष्ट्रपति जैसे बड़े नेता की सुरक्षा आमतौर पर सीक्रेट सर्विस करती है। बाकी राजनयिकों की सुरक्षा डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस करती है। यह नियम दोस्त देशों के नेताओं पर भी लागू होता है और दुश्मन माने जाने वाले देशों पर भी।

हालांकि इस साल हालात और ज्यादा पेचीदा हैं। युद्ध के बावजूद दोनों तरफ कूटनीति भी चल रही है। न्यूयॉर्क में अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों की लंबी बातचीत हुई है। युद्ध रोकने और होर्मुज जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे पेजेशकियन से मिलने के लिए तैयार हैं, हालांकि अभी कोई पक्की बैठक तय नहीं हुई है।

ईरान संयुक्त राष्ट्र का पुराना सदस्य है और दशकों से महासभा में आता रहा है। लेकिन इस बार स्थिति अलग है। एक तरफ युद्ध है, दूसरी तरफ एक ही शहर में बातचीत और अमेरिकी सुरक्षा। ऊंचे स्तर की कूटनीति, आने-जाने पर सख्त रोक और अमेरिकी एजेंसियों की सुरक्षा ने इस साल ईरान की मौजूदगी को सबसे अलग और चर्चा वाला बना दिया है।

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में दर्जनों नेता और हजारों प्रतिनिधि आते हैं। पूरा इलाका सीक्रेट सर्विस, एफबीआई, स्टेट डिपार्टमेंट, संयुक्त राष्ट्र पुलिस और स्थानीय पुलिस मिलकर सुरक्षित रखती है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल उसी बड़े सुरक्षा घेरे का हिस्सा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN