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एशियन गेम्स 2026: यूपी के बेटों ने जीते पदक! मेरठ के जय लाए सिल्वर, बुंलदशहर के मैराज को कांस्य

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Source :- LIVE HINDUSTAN

एशियन गेम्स 2026 में यूपी के दो बेटों ने पदक जीते। मेरठ के जय कुमार मिक्स्ड रिले में अपनी टीम के साथ सिल्वर मेडल लाए। वहीं, बुंलदशहर के मैराज खान ने शूटिंग में कांस्य जीता।

एशियाई खेलों में गुरुवार भारत के लिए शुभ रहा। खिलाड़ियों ने निशानेबाजी, रिले, वुशू में देश को पदक दिलाए। वेस्ट यूपी के दो बेटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक कब्जाए। मेरठ के जय कुमार ने मिक्स रिले टीम के साथ सिल्वर जीता। वहीं, बुलंदशहर के मैराज खान ने कांस्य नाम किया।

हीट में जय कुमार की रफ्तार से ही पक्का हो गया था पदक

मेरठ के उभरते हुए धावक जय कुमार ने एशियाई खेलों (एशियाड) में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए रजत पदक जीता है। हीट से ही यह सफलता तय हुई। जय कुमार ने क्वालीफाइंग हीट में अपनी गजब की रफ्तार और बेहतरीन प्रदर्शन से टीम को फाइनल तक पहुंचाया, जिससे पदक की उम्मीदें पुख्ता हो गईं। 400 मीटर के विशेषज्ञ जय कुमार का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 45.47 सेकंड है, जो उन्होंने मई 2026 में दर्ज किया था। इस उपलब्धि को मेरठ की ट्रैक एंड फील्ड खेल परंपरा में एक और स्वर्णिम अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।

जय कुमार के कोच विशाल सक्सेना ने उनके एशियाई खेलों के प्रदर्शन पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय टीम के लिए दौड़ना जय के लिए बड़ी उपलब्धि है। हीट में जिम्मेदारी मिलने पर जय ने अपना सर्वश्रेष्ठ देते हुए टीम को फाइनल तक पहुंचाने में योगदान दिया। कोच ने जय के प्रदर्शन को मेरठ के एथलेटिक्स के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। कोच विशाल सक्सेना के अनुसार जय कुमार 400 मीटर के विशेषज्ञ धावक हैं। वर्ल्ड एथलेटिक्स के रिकॉर्ड के अनुसार उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 45.47 सेकंड है, जो उन्होंने मई 2026 में दर्ज किया था। 4×400 मीटर रिले में उनके नाम 3:03.67 और मिश्रित 4×400 मीटर रिले में 3:22.54 का प्रदर्शन भी दर्ज है।

375 में से 346 टारगेट हिट कर मैराज खान ने जीता कांस्य

बुलंदशहर में खुर्जा क्षेत्र के मोहल्ला ख्वेशज्ञान निवासी मेराज खान ने जापान में आयोजित हुए एशियन गेम्स में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए 375 में से 346 टारगेट हिट किए। उन्होंने तीसरा स्थान प्राप्त किया। साथ ही कांस्य पदक हांसिल करते हुए देश का नाम रोशन किया है। मोहल्ला ख्वेशज्ञान निवासी मेराज खान के पिता इलियास अहमद खान पॉटरी कारोबारी थे। मेराज खान का खेलों से जुड़ने का सफर लंबे संघर्ष और कड़ी मेहनत से भरा रहा है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान ही उनकी रुचि खेलों की ओर बढ़ी और उन्होंने शूटिंग को अपना खेल चुना। इसके बाद वर्ष 1998 से उन्होंने शूटिंग में बेहतर प्रदर्शन के लिए कड़ी मेहनत शुरू कर दी।

लगातार अभ्यास और मेहनत के बल पर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। मेराज खान ने वर्ष 2016 में रियो डी जनेरियो में आयोजित ओलंपिक में प्रतिभाग किया था। जिसके बाद उन्होंने वर्ष 2021 में टोक्यो में आयोजित ओलंपिक खेलों में शूटिंग की स्कीट स्पर्धा में हिस्सा लिया था। क्वालीफिकेशन के दूसरे दिन के मुकाबले में वह 25वें स्थान पर रहे थे। उन्होंने 2022 में दक्षिण कोरिया के चोंगवोन में आयोजित वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा। इस प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड चैंपियन का खिताब हासिल किया था। अब एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने 375 में से 346 टारगेट हिट किए। एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने पर परिवार और उनके संबंधियों के बीच खुशी की लहर है।

मेराज के दो भाई, एक बहन

मेराज के दो भाई हैं। भाई सिराज खान इंजीनियर हैं, जबकि दूसरे भाई नाजम खान अपने पिता के पॉटरी कारोबार को संभाल रहे हैं। उनकी एक बहन भी है।

मेहनत का नतीजा है उपलब्धियां

ओलंपियन मेराज खान बताते हैं कि लंबे समय तक किया गया अभ्यास, अनुशासन और मेहनत किसी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा सकती है। इसलिए अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसके प्रति अभ्यास करते रहना चाहिए। साथ ही अनुशासन का पालन जरुरी है। एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने के बाद अब उनके परिवार और क्षेत्र के लोगों को उनकी आगामी प्रतियोगिताओं में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN