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छोटी कंपनी को मिला ₹660 करोड़ का बड़ा ऑर्डर, आज ₹35 से कम के शेयर बने रॉकेट

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Source :- LIVE HINDUSTAN

वास्कॉन इंजीनियर्स के शेयर शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रॉकेट बन गए हैं। इस उड़ान के पीछे कंपनी को अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी क्वालकॉम की भारतीय यूनिट क्वालकॉम इंडिया से ₹660.79 करोड़ के बड़े ऑर्डर का मिलना है। इस खबर के बाद शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर करीब 10 फीसदी तक चढ़ गए।

कंपनी के मुताबिक, यह ऑर्डर बेंगलुरु में क्वालकॉम के नए ऑफिस परिसर के विकास से जुड़ा है। वास्कॉन को यहां Block K विकसित करना है। इसमें तीन बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और उसके ऊपर 12 मंजिल होंगी। इसके साथ जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर का काम भी कंपनी के दायरे में होगा।

30 महीने में पूरा करना होगा प्रोजेक्ट

यह प्रोजेक्ट डिजाइन एंड बिल्ड, गारंटीड मैक्सिमम प्राइस (GMP) कॉन्ट्रैक्ट के तहत मिला है। साइट हैंडओवर होने की तारीख से कंपनी को इसे पूरा करने के लिए 30 महीने का समय दिया गया है।

शेयर क्यों चढ़ा?

क्वालकॉम जैसी बड़ी ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी से इतना बड़ा ऑर्डर मिलना बाजार के लिए कंपनी के ऑर्डर फ्लो का अहम अपडेट है। ₹660.79 करोड़ का यह अकेला ऑर्डर Vascon Engineers के मौजूदा साइज की तुलना में काफी बड़ा है। यही वजह है कि ऑर्डर की खबर सामने आने के बाद शेयर में तेज खरीदारी देखने को मिली। शुक्रवार सुबह 9:26 बजे NSE पर कंपनी का शेयर करीब ₹36.47 पर कारोबार कर रहा था और पिछले बंद भाव से करीब 9.55 फीसदी ऊपर था।

एक साल में 44 प्रतिशत लुढ़का

पिछले एक साल से शेयर पस्त पड़ा है। इस अवधि में यह करीब 44 प्रतिशत लुढ़क चुका है। जबकि, इस साल अबतक इसने करीब 24 प्रतिशत का निगेटिव रिटर्न दिया है। हालांकि, पिछले छह महीने में इसमें 8 प्रतिशत की बढ़त भी देखी गई है और एक महीने में इसने 11 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है। इसका 52 हफ्ते का हाई 74.59 रुपये और लो 26.75 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 868.61 करोड़ रुपये है।

क्या करें निवेशक

इस ऑर्डर से कंपनी को अगले 30 महीनों के लिए काम की विजिबिलिटी मिलती है, लेकिन असली असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी प्रोजेक्ट को कितनी तेजी और कितने मार्जिन के साथ पूरा करती है।

कंपनी के हालिया आंकड़ों में भी यही महत्वपूर्ण बिंदु है। पहली तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन करीब 3.25 फीसदी रहा, जबकि पिछले वित्तवर्ष में ऑपरेटिंग कैश फ्लो नकारात्मक रहा था। इसलिए आगे निवेशकों की नजर ऑर्डर एक्जीक्यूशन, मार्जिन और कैश फ्लो पर रहेगी।

(डिस्‍क्‍लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN