Source :- LIVE HINDUSTAN
शी ने कहा कि मैं राष्ट्रपति और प्रथम महिला को चीन आने के लिए आमंत्रित करता हूं। इस पर ट्रंप ने कहा कि हम आएंगे और हम काफी बातचीत करेंगे।
अमेरिका और चीन के बीच संबंध सुधरने लगे हैं। अमेरिका के अपने राजकीय दौरे के समापन से पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दो बार और मुलाकात होगी। शी ने ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया को नवंबर में चीन के शेनझेन में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन में आने का निमंत्रण दिया। चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि इसके एक महीने बाद फ्लोरिडा में ‘ट्रंप नेशनल डोरल मियामी गोल्फ क्लब’ में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान उनकी फिर से मुलाकात हो सकती है।
शी ने कहा, ”मैं राष्ट्रपति और प्रथम महिला को चीन आने के लिए आमंत्रित करता हूं।” इस पर ट्रंप ने कहा, ”हम आएंगे और हम काफी बातचीत करेंगे।” चीनी राष्ट्रपति के दौरे के समापन से पहले ट्रंप उन्हें राष्ट्रीय अभिलेखागार भी ले जाएंगे। ट्रंप दुनिया के सबसे शक्तिशाली साम्यवादी देश के नेता को अमेरिकी लोकतंत्र के महत्वपूर्ण मूल दस्तावेज दिखाएंगे।
शी के अमेरिका के राष्ट्रीय अभिलेखागार का दौरा करने के बाद वाशिंगटन से रवाना होने की संभावना है। यहां स्वतंत्रता की घोषणा, संविधान और अधिकार विधेयक जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखे गए हैं। शी की यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब अमेरिका अपनी स्थापना की 250वीं वर्षगांठ मना रहा है। ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कहा था कि वह शी को ”उस गौरवशाली इतिहास के कुछ सबसे महत्वपूर्ण खजाने” दिखाना चाहते हैं।
ट्रंप दंपति ने गुरुवार रात प्रौद्योगिकी उद्योग के दिग्गजों की मौजूदगी में अपने मेहमानों के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन किया था। दोनों नेताओं ने बृहस्पतिवार को बंद कमरे में 90 मिनट तक बैठक भी की। बैठक के बाद चीन सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व, यूक्रेन और कोरियाई प्रायद्वीप जैसे मुद्दों पर चर्चा की। अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने इस चर्चा के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है।
वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से साफ शब्दों में कहा है कि ईरान को किसी भी प्रकार की सीधे-सीधे या छिपकर की जाने वाले मदद उन्हें बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है, चाहे यह मदद खुफिया जानकारी से लेकर, सैन्य उपकरण और तकनीकी पुर्जे मुहैया कराने जैसी हो। चीन में अमेरिका के राजदूत डेविड पेड्यू ने अमेरिका में हुई दोनों शीर्ष नेताओं की बैठक के संदर्भ में यह जानकारी दी।
अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनबीसी से बातचीत में पेड्यू ने बताया कि गुरुवार को व्हाइट हाउस में हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मुद्दे पर अमेरिका का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन पिछले कुछ हफ्तों से लगातार इस विषय को उठाता रहा है और इसे ताइवान से जुड़ी अमेरिकी प्रतिबद्धताओं से अलग रखकर देखा जा रहा है।
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