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पंजाब में जालंधनर के पास लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के कैंपस में शनिवार देर रात सैकड़ों स्टूडेंट्स ने विरोध प्रदर्शन किया.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार प्रदीप शर्मा के अनुसार, स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया है कि कैंपस में एक छात्रा के साथ बलात्कार हुआ है.
उन्होंने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी ने मामले को तुरंत दबाने का दबाव बनाया, जिसकी वजह से यह जानकारी उपलब्ध नहीं है कि लड़की कौन है. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाया.
इस मामले में यूनिवर्सिटी ने एक बयान जारी कर कहा है कि ये सभी अफवाहें हैं और संस्थान की छवि ख़राब करने की कोशिश है.
जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने कहा, “आज सुबह 2 बजे (देर रात) बड़ी संख्या में एलपीयू के छात्रों ने यहां नेशनल हाईवे को जाम कर दिया. उनकी मुख्य मांग थी कि तीन दिन पहले जी-3 हॉस्टल की एक लड़की के साथ रेप हुआ था और अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई.”
उन्होंने बताया, “शिकायत में फिलहाल सिर्फ़ इतना कहा गया है कि जी-3 हॉस्टल में रहने वाली एक लड़की के साथ रेप हुआ है, लेकिन उसका नाम अभी स्पष्ट नहीं है, इसलिए अभी अज्ञात शख़्स के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की जा रही है.”
पुलिस ने कहा कि वह स्टूडेंट्स के अनुरोध के अनुसार जांच करने के लिए तैयार है, लेकिन पहले यह बताया जाना चाहिए कि घटना किसके साथ और कहां हुई.
हाल ही में चितकारा यूनिवर्सिटी में भी एक छात्र के आत्महत्या करने की ख़बरों को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था.
हालांकि, इस मामले में भी विश्वविद्यालय का कहना है कि ‘ये सभी अफवाहें हैं और विश्वविद्यालय में ऐसा कुछ नहीं हुआ है.’
छात्र क्या कह रहे हैं?
इस घटना के विरोध में बड़ी संख्या में छात्रों के इकट्ठा होने और प्रदर्शन करने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं.
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, रविवार सुबह तक छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया.
स्टूडेंट्स का आरोप है कि जिस लड़की के साथ बलात्कार हुआ है, वह लापता है.
स्टूडेंट्स पूछ रहे हैं, “अगर वे अपने हॉस्टल के कमरों में सुरक्षित नहीं हैं, तो विश्वविद्यालय किस सुरक्षा की बात करता है और इसके लिए पैसे भी क्यों लेता है?”
स्टूडेंट्स ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाया और कहा, “पुलिस हमें बस इधर से उधर कर रही है. अब वे कह रहे हैं कि वे जांच करेंगे.”
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पुलिस ने क्या कहा?
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जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि “ए़फ़आईआर दर्ज की जा रही है. स्टूडेंट्स की कुछ और मांगें हैं, जिनको लेकर दोपहर 12 बजे विश्वविद्यालय प्रबंधन के साथ बैठक तय की गई है.”
मीडिया से बात करते हुए मौक़े पर मौजूद फगवाड़ा के एसपी मेजर सिंह ने कहा, “विश्वविद्यालय के कृषि विभाग की एक लड़की ने 4-5 दिन पहले आत्महत्या की थी और हमने उसके माता-पिता को बुलाया था.”
उन्होंने कहा, “नियमों के अनुसार पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव उसके माता-पिता को सौंप दिया गया.”
“अब कुछ बातें उठाई जा रही हैं कि बलात्कार हुआ है. हमारे पास कोई शिकायत नहीं है. अगर बलात्कार हुआ है, तो किस लड़की के साथ हुआ, किस हॉस्टल में हुआ, किस लड़के ने किया…यह शिकायत हमारे पास आना चाहिए.”
“हम कह रहे हैं कि अगर ऐसा कुछ हुआ है, तो हमें बताएं कि किस लड़की के साथ हुआ. हम जांच करेंगे, उसका मेडिकल परीक्षण कराएंगे. जिसने ऐसा किया है, उस लड़के को ढूंढ लिया जाएगा.”
जब पुलिस अधिकारी मीडिया से बात कर रहे थे, तब उनके पास खड़े कुछ स्टूडेंट्स को कैमरे पर यह आरोप लगाते हुए सुना गया कि ‘लड़की लापता है’.
यूनिवर्सिटी ने इसे ‘अफ़वाह’ बताया
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“अगर घटना सही पाई जाती है, तो उचित क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी. कुछ और मांगें भी थीं, जो लॉजिस्टिक्स से जुड़ी थीं. हमारे प्रशासनिक अधिकारी बैठकर उन पर चर्चा करेंगे. मुझे इस घटना की जानकारी तक नहीं थी.”
इससे पहले विश्वविद्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट वेलफ़ेयर विंग के एग्जीक्यूटिव डीन डॉक्टर सौरभ लखनपाल ने कहा, “एलपीयू झूठी और मनगढ़ंत ख़बरों और अफ़वाहों को पूरी तरह ख़ारिज करता है.”
उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय के संज्ञान में आया है कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर झूठी और निराधार अफवाहें फैला रहे हैं. इसकी वजह से यूनिवर्सिटी ने इसे ‘अफ़वाह’ बताया के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है और अकादमिक माहौल भी खराब हो रहा है.”
“जिस तरह से यह झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है, उससे ऐसा लगता है कि यह विश्वविद्यालय की छवि खराब करने की एक जानबूझकर की गई कोशिश है.”
“विश्वविद्यालय स्पष्ट करता है कि इन सभी अफ़वाहों में कोई सच्चाई नहीं है. छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और आम लोगों से अनुरोध है कि वे इन्हें बढ़ावा न दें और न ही फैलाएं. केवल विश्वविद्यालय की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें.”
विश्वविद्यालय के एग्जीक्यूटिव डीन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि छात्रों जिस लड़की की बात कर रहे हैं, उसके बारे में वे कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं.
उन्होंने कहा, “उसका कोई नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर, माता-पिता…कुछ तो होना चाहिए. मेरी जानकारी के अनुसार, अभी तक ऐसा कुछ सामने नहीं आया है कि वह लड़की कौन है.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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