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खुलते ही भरभराया शेयर बाजार, एक झटके में ₹6 लाख करोड़ स्वाहा, 5 फैक्टर जिम्मेदार

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Stock Market crash news: भारतीय शेयर बाजार निवेशकों के लिए सोमवार की शुरुआत बेहद खराब रही। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शुरुआती कारोबार में मचे हाहाकार की वजह से निवेशकों को करीब 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सुबह 11 बजे तक सेंसेक्स 1000 अंक या 1.30% से ज्यादा टूट चुका था और निफ्टी 300 अंक से अधिक टूटकर 22,900 अंक के नीचे ट्रेड कर रहा था। सवाल है कि आखिर बाजार में ये हाहाकार क्यों मचा है। आइए समझ लेते हैं।

ईरान-अमेरिका जंग

-ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर में होने वाले मध्यावधि कांग्रेस चुनाव से पहले ईरान पर नए हमले की संभावना को खुला रखा है। फॉक्स न्यूज़ को दिए एक साक्षात्कार में जब ट्रंप से चुनाव से पहले नए हमले की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “यह मुमकिन है लेकिन मैं यह कहना नहीं चाहता।” वॉल स्ट्रीट जर्नल ने पहले बताया था कि ट्रंप नवंबर के मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर हमले फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहे थे। ट्रंप ने ईरान के सात दिन के सीजफायर और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने के प्रस्ताव को खारिज भी कर दिया।

कच्चे तेल की कीमतें

तनाव वाले माहौल की वजह से मिडिल ईस्ट में संघर्ष लंबा खिंचने और तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी टेंशन बढ़ा दी है। तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 2 फीसदी बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 94 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की महंगाई चिंता का विषय है।

बॉन्ड यील्ड में तेजी

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी की वजह से भी बाजार दबाव में है। 10 साल की ट्रेजरी यील्ड 5.2 फीसदी से ऊपर पहुंच गई, जो 2004 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है। बता दें कि बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर निवेशकों के लिए सुरक्षित बॉन्ड में निवेश आकर्षक हो सकता है, जिससे शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ता है।

रुपया कमजोर

सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे कमजोर होकर 95.89 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। बाजार में अब रुपया 96 रुपये प्रति डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने की आशंका जताई जा रही है।

-विदेशी निवेशक भी भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, जुलाई और अगस्त में खरीदारी के बाद सितंबर में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) फिर बिकवाल बन गए हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN