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8वें वेतन आयोग में सिर्फ फिटमेंट नहीं, इन फैक्टर से भी बदलेगा सैलरी का गणित

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • केंद्रीय कर्मचारी अपने हिसाब से आठवें वेतन आयोग के तहत सैलरी का कैल्कुलेशन करने में जुट गए हैं
  • इसमें फिटमेंट फैक्टर की सबसे बड़ी भूमिका होगी
  • हालांकि, डीए, एचआरए समेत अन्य फैक्टर भी जिम्मेदार हैं

8th Pay Commission latest: केंद्रीय कर्मचारियों के हित में गठित आठवां वेतन आयोग डेडलाइन तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपने के लिए एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में वेतन आयोग की अक्टूबर महीने में 2 अहम बैठकें हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इन बैठकों के बाद वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करने में जुट सकता है। इससे पहले, केंद्रीय कर्मचारी अपने हिसाब से आठवें वेतन आयोग के तहत सैलरी का कैल्कुलेशन करने में जुट गए हैं। सैलरी के कैल्कुलेशन से पहले ये जान लेना जरूरी है कि इसमें फिटमेंट फैक्टर की सबसे बड़ी भूमिका होगी।

फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल मुख्य रूप से नई बेसिक सैलरी तय करने के लिए किया जाता है। इसके बाद महंगाई भत्ता यानी DA, HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे भत्तों का हिसाब अलग से होता है। बता दें कि 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। बहरहाल, आइए जानते हैं कि लेवल 8 के उन कर्मचारियों की सैलरी में कितना इजाफा हो सकता है जिनकी मौजूदा बेसिक सैलरी 47,600 रुपये है।

Level 8 कर्मचारी की बेसिक सैलरी

मान लीजिए किसी Level 8 कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 47,600 रुपये है और उसकी मौजूदा ग्रॉस सैलरी करीब 90,440 रुपये प्रति माह है। ऐसे में अगर फिटमेंट फॉर्मूला 2 लागू होता है तो बेसिक सैलरी 95 हजार रुपये से ज्यादा हो जाएगी। इस बेसिक सैलरी का मतलब हुआ कि इस लेवल की कैटेगरी के केंद्रीय कर्मचारी की ग्रॉस सैलरी 1 लाख रुपये से ज्यादा होगी। जैसे-जैसे फिटमेंट फॉर्मूला बढ़ेगा वैसे केंद्रीय कर्मचारी की सैलरी में भी बढ़ोतरी होगी।

ग्रॉस सैलरी में रहती हैं ये चीजें

वेतन आयोग में किसी कर्मचारी के लिए एक निश्चित फिटमेंट फैक्टर के आधार पर नई बेसिक सैलरी तय होती है। इस नई बेसिक पर उस समय लागू HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और दूसरे भत्ते जोड़कर कुल ग्रॉस सैलरी तय होगी। कहने का मतलब है कि बेसिक पे में बड़ी बढ़ोतरी और हाथ में आने वाली सैलरी में उतनी ही प्रतिशत बढ़ोतरी, दो अलग बातें हैं। 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिश आने और सरकार की ओर से उसे मंजूरी मिलने के बाद ही वास्तविक फिटमेंट फैक्टर, नई पे मैट्रिक्स और भत्तों की व्यवस्था स्पष्ट होगी।

बता दें कि आठवें वेतन आयोग की बेंगलुरु में 7-8 अक्टूबर और मुंबई में 22-23 अक्टूबर 2026 को बैठकें प्रस्तावित हैं। इससे पहले चंडीगढ़, चेन्नई, पुडुचेरी और जयपुर में भी कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के साथ चर्चा हो चुकी है। इन बैठकों में सैलरी रिविजन और फिटमेंट फैक्टर कर्मचारियों से जुड़े प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN