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आपकी बिटिया के लिए 8.2% ब्याज देती रहेगी सरकार, इस चर्चित स्कीम पर आया फैसला

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • केंद्र सरकार ने एक बार फिर से सुकन्या समृद्धि समेत स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है
  • सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा पर 8.2 प्रतिशत की दर से ब्याज है
  • यह ब्याज दर अब दिसंबर तिमाही तक के लिए है

अकसर देखा गया है कि लोग बिटिया की पढ़ाई से शादी तक की टेंशन उसके बचपन से ही करने लगते हैं। इस टेंशन को खत्म करने के लिए जरूरी है कि बिटिया के बचपन में भी निवेश शुरू कर दें। केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर आप लॉन्ग टर्म में एक बड़ी रकम तैयार कर सकते हैं। आइए डिटेल जान लेते हैं।

जमा पर 8.2 प्रतिशत की दर से ब्याज

दरअसल, सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा पर 8.2 प्रतिशत की दर से ब्याज है। इस योजना की खास बात यह है कि इसमें बहुत छोटी रकम से भी शुरुआत की जा सकती है। सुकन्या समृद्धि खाता खोलने के लिए न्यूनतम 250 रुपये जमा करने होते हैं। एक वित्त वर्ष में खाते में अधिकतम 1.50 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। बता दें कि सुकन्या समृद्धि खाता बच्ची के 10 साल की उम्र पूरी करने से पहले खोला जा सकता है। इसे माता-पिता या कानूनी अभिभावक बच्ची के नाम पर खोल सकते हैं। सामान्य तौर पर एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के नाम खाते खोले जा सकते हैं। खाता खुलने के बाद इसमें 15 साल तक रकम जमा की जा सकती है जबकि खाता खुलने की तारीख से 21 साल पूरा होने पर यह मैच्योर होता है।

कब निकाल सकेंगे पैसे?

इस योजना में नियमों के तहत आंशिक निकासी की सुविधा भी मिलती है। बेटी के 18 साल की उम्र पूरी करने या 10वीं कक्षा पास करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए खाते में जमा रकम का 50 फीसदी तक निकाला जा सकता है। कुछ शर्तों के तहत 18 साल की उम्र के बाद शादी के लिए खाता बंद करने की सुविधा भी उपलब्ध है।

वहीं, हर वित्त वर्ष कम से कम 250 रुपये जमा करना जरूरी है। इसमें निवेश पर आयकर कानून की धारा 80C के तहत कटौती का लाभ मिल सकता है, जिसकी कुल सीमा 1.50 लाख रुपये है। सुकन्या खाते का ब्याज आयकर से मुक्त है।

ब्याज दर में बदलाव नहीं

केंद्र सरकार ने एक बार फिर से सुकन्या समृद्धि समेत स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि दिसंबर तिमाही के लिए भी वही ब्याज दरें रहेंगी जो जुलाई से सितंबर के दौरान थी।

सरकार ने सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र की ब्याज दरों में भी कोई बदलाव नहीं किया है। कहने का मतलब है कि एक अक्तूबर, 2026 से शुरू होने वाली चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए दरों को यथावत रखा गया है। यह लगातार दसवीं तिमाही है जब लघु बचत योजनाओं की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN