Source :- LIVE HINDUSTAN
आज भी लोग नीम की दातुन का इस्तेमाल दांत साफ करने के लिए करते हैं। अगर आप भी दातुन करते हैं, तो इसके फायदे-नुकसान और करने का सही तरीका जान लीजिए।
गांव में आज भी लोग सुबह उठने के बाद कुल्ला करते हैं और नीम की दातुन का इस्तेमाल करते हैं। नीम की टहनी को दांतों से चबाकर फिर उसके रेशों से दांतों को साफ किया जाता है। दांत साफ करने का यह तरीका काफी पुराना और असरदार माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि नीम की दातुन करने से दांत चमकते हैं और उनमें कीड़े भी नहीं लगते। हालांकि, साइंस इस बात को नहीं मानता है। आज हम आपको बताएंगे नीम की दातुन करने से क्या होता है और इसके फायदे-नुकसान क्या होते हैं। साथ ही इसे करने का सही तरीका भी जानेंगे।
दांतों की सफाई का पुराना तरीका
पुराने जमाने में जब ब्रश, टूथपेस्ट नहीं हुआ करता था, तब लोगों ने नीम की टहनी को दातुन के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू किया। नीम के गुणों के बारे में हर कोई जानता है और इसके रेशों से दांतों पर जमा गंदगी को साफ कर दिया। बस फिर वही से दातुन करना लोगों ने शुरू किया। नीम की दातुन करने से दांतों और मसूड़ों की सफाई में मदद मिल सकती है। नीम में एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, इसलिए इसकी दातुन मुंह में मौजूद कुछ बैक्टीरिया को कम कर सकती है। नीम की महक से मुंह की बदबू भी काफी हद तक कम हो जाती है।
दातुन करने के फायदे जानिए
1. दांतों का पीलापन घटाना- नीम की दातुन अगर आप रोजाना करते हैं, तो दांतों का पीलापन कम हो जाता है। इससे दांतों पर जमा गंदगी की परत साफ करने में मदद मिलती है।
2. मसूड़ों के लिए फायदेमंद- सही तरीके से दातुन करने से मसूड़ों की सफाई भी अच्छे से हो जाती है। मसूड़ों में सूजन, खून आना जैसी समस्या भी कम होती है।
3. दांत दर्द में राहत- नीम की दातुन से मंजन करने के दौरान उसके रेशे मसूड़ों की नसों को शांत करते हैं। इससे दांत के दर्द में भी काफी राहत मिलती है।
नुकसान भी होते हैं
मसूड़ों को नुकसान- अगर आप दातुन को जोर से रगड़कर करते हैं, तो उससे मसूड़ों को नुकसान पहुंचता है। मसूड़ों में चोट या खून आ सकता है।
इनेमल के लिए खतरा- ज्यादा तेज रगड़ने से दांतों के इनेमल पर भी बुरा असर पड़ सकता है। इसके साथ ही दातुन से हर जगह अच्छी तरह सफाई नहीं हो पाती, जिससे गंदगी जमा रह सकती है।
गंदे दातुन से इंफेक्शन- अगर आप पुरानी या गंदी दातुन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उससे दांतों या मसूड़ों में इंफेक्शन का खतरा भी हो सकता है। हर पौधे की टहनी दातुन के लिए सही नहीं होती।
दातुन कैसे बनाएं?
नीम की ताजी, साफ और स्वस्थ टहनी लें, लगभग 6–8 इंच लंबी। टहनी को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। एक सिरे की छाल को थोड़ा हटाकर उसे हल्का-हल्का चबाएं, ताकि रेशे ब्रश जैसे मुलायम हो जाएं। अब इन मुलायम रेशों से दांतों की सफाई करें।
करने का सही तरीका
-दातुन को दांतों पर बहुत जोर से न रगड़ें।
-दांतों की बाहरी और अंदरूनी सतह को धीरे-धीरे साफ करें।
-मसूड़ों पर भी हल्के हाथ से सफाई करें।
-इस्तेमाल के बाद दातुन को फेंक दें और अगली बार नई, साफ टहनी लें। अगर आप दातुन नहीं करते हैं, तो ट्राई न करें टूथपेस्ट-ब्रश से ही दांतों की सफाई करें।
नोट- यह खबर सामान्य जानकारियों पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।
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