Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- कर्नाटक सरकार, कैबिनेट मीटिंग में दूध के दाम बढ़ाने पर विचार कर सकती है
- कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) के तहत आने वाले 16 कोऑपरेटिव मिल्क यूनियनों ने दूध की कीमत में 12 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मांग की है
कर्नाटक के लोगों को महंगाई का बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल, कर्नाटक सरकार की एक कैबिनेट मीटिंग होने वाली है। इस मीटिंग में राज्य सरकार दूध के दाम बढ़ाने पर विचार कर सकती है। इसके अलावा, बस किराए में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है।
12 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी की है मांग
कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) के तहत आने वाले 16 कोऑपरेटिव मिल्क यूनियनों ने दूध की कीमत में 12 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मांग की है। ऐसा माना जा रहा है कि राज्य सरकार 8 से 10 रुपये प्रति लीटर तक दूध के दाम बढ़ा सकती है। मिल्क यूनियंस का तर्क है कि मवेशियों के चारे और दूध खरीदने की लागत बढ़ गई है। यूनियन अध्यक्षों ने राज्य सरकार से इस बढ़ोतरी को मंजूरी देने का आग्रह किया है ताकि डेयरी किसानों और यूनियनों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम किया जा सके। अगर मिल्क यूनियंस की मांग को अक्षरश: स्वीकार किया जाता है तो ये राज्य के आम लोगों के लिए बड़ा झटका होगा।
मुनाफे में हैं मिल्क यूनियंस
अप्रैल से जुलाई के बीच 16 मिल्क यूनियंस के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो इनमें से 11 मुनाफे में हैं। वहीं, सिर्फ पांच यूनियन घाटे में रहे। इस अवधि में बेंगलुरु के BAMUL ने सबसे ज्यादा 15.73 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। वहीं, चिक्कबल्लापुर मिल्क यूनियन को सबसे ज्यादा 11.88 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। इसके बाद कोलार मिल्क यूनियन का घाटा 5.48 करोड़ रुपये रहा।
कर्नाटक सरकार की कैबिनेट मीटिंग में बस के किराए में बदलाव पर भी विचार किया जा सकता है। बता दें कि किराए में लगभग दो वर्षों से कोई बदलाव नहीं हुआ है जबकि चार सरकारी ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन को बढ़ती परिचालन लागत के कारण लगातार नुकसान हो रहा है। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से नुकसान भी बढ़ा है। अब इसी नुकसान की भरपाई के लिए सरकार किराये में बढ़ोतरी कर सकती है।
किराये में बढ़ोतरी की सिफारिश
रिटायर्ड IAS अधिकारी अतुल कुमार तिवारी की अध्यक्षता वाली ‘पब्लिक ट्रांसपोर्ट फेयर रेगुलेटरी कमेटी’ ने किराया संशोधन पर अपनी सिफारिशें सौंप दी हैं। अगर कैबिनेट इसे मंजूरी देती है, तो किराए में बढ़ोतरी इसी महीने से लागू हो सकती है। चार ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन को 2023-24 में कुल 1,354.48 करोड़ रुपये, 2024-25 में 842 करोड़ रुपये और 2025-26 में 1,527 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। पिछले वित्तीय वर्ष में, उनका कुल रेवेन्यू 14,991 करोड़ रुपये था, जबकि खर्च 16,519 करोड़ रुपये था।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN




