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नहीं हो सलमान खान के मुकदमे की सुनवाई, फिल्म निर्माता पहुंचा HC; अदालत ने बॉलीवुड स्टार से मांगा जवाब

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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खान ने अपकमिंग फिल्म और उसके प्रचार-प्रसार के मटीरियल पर आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि फिल्म के कुछ पहलुओं से उनकी पहचान उजागर हो सकती है और ये पहलू उनके जीवन की घटनाओं से जुड़े हो सकते हैं। वहीं, दूसरी ओर फिल्म निर्माता ने एक्टर की ओर से मांगी गई राहत का विरोध किया है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लीगल’ के मेकर्स की अर्जी पर एक्टर सलमान खान से जवाब मांगा। फिल्म निर्माता ने यह याचिका फिल्म की रिलीज के खिलाफ बॉलीवुड स्टार की तरफ से दायर मुकदमे पर रोक लगाने के लिए दायर की है। जिस पर सुनवाई के बाद जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने फिल्म निर्माताओं की अर्जी पर खान को नोटिस जारी किया। फिल्म निर्माता की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि हाई कोर्ट में पहले से चल रहे एक मामले में भी ऐसी ही राहत मांगी गई थी और तर्क दिया कि जब तक पुराने मामले का फैसला नहीं हो जाता, तब तक मौजूदा कार्यवाही पर रोक लगा दी जानी चाहिए।

दरअसल यह पूरा विवाद उस फिल्म से जुड़ा है, जिसके खिलाफ एक याचिका लगाकर सलमान खान ने उस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह फिल्म उनके जीवन में हुई घटनाओं पर आधारित है और उन्हें बदनाम करने की नीयत से बनाई गई है। हालांकि फिल्म निर्माता ने इससे इनकार किया है।

निर्माता बोले- अंतरिम रोक का आदेश दिया गया

फिल्म के निर्माता अमित जानी ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि अदालत की कार्यवाही उसी प्रस्तावित फिल्म, प्रमोशनल मटीरियल और एक्टर के पर्सनालिटी या पब्लिसिटी अधिकारों के कथित उल्लंघन से जुड़े एक अन्य मुकदमे के बराबर है। अर्जी में कहा गया है कि खान ने पहले ही अपने व्यक्तित्व (पर्सनालिटी) अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक मुकदमा शुरू किया है, जिसमें 11 दिसंबर, 2025 को एकतरफा अंतरिम रोक का आदेश दिया गया था।

निर्माता ने कहा- यह पहले जैसी याचिका

इसके बाद खान ने विशेष रूप से प्रस्तावित फिल्म के संबंध में अंतरिम रोक की मांग करते हुए एक अर्जी दायर की। खान की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि मुकदमे में प्रस्तावित फिल्म और उसके टीजर की रिलीज, प्रदर्शन और प्रसार को रोकने के लिए जो मुख्य राहत मांगी गई है, वह काफी हद तक उसी राहत के समान है जो पहले की कार्यवाही में मांगी गई थी। फिल्म के निर्माता का कहना है कि अंतरिम रोक का मामला अभी भी लंबित है।

जुलाई में कोर्ट ने दिया था टीजर हटाने का आदेश

27 जुलाई को, एक संबंधित बेंच ने खान की आपत्ति के बाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से फिल्म के टीजर और उससे जुड़ी अन्य पोस्ट हटाने का अंतरिम आदेश दिया था। इससे पहले, फिल्म के मेकर्स ने कोर्ट को बताया था कि फिल्म रिलीज के लिए तैयार नहीं है क्योंकि इसे अभी सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेशन नहीं मिला है और इसका ट्रेलर भी रिलीज नहीं हुआ है।

कोर्ट ने दिया था पर्सानिलिटी अधिकारों की रक्षा का आदेश

खान की रोक लगाने की याचिका उनके पर्सनालिटी अधिकारों की सुरक्षा के लिए दायर मुकदमे का हिस्सा है। इस बारे में अंतरिम आदेश पारित करते समय, हाई कोर्ट ने कहा था कि ‘काला हिरण’ के मेकर्स 59 वर्षीय बॉलीवुड स्टार के नाम, तौर-तरीकों और अन्य खासियतों का इस्तेमाल उनकी मंजूरी के बिना अपने व्यावसायिक फायदे के लिए नहीं कर सकते हैं और न ही ऐसा कंटेंट रिलीज कर सकते हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे।

डिजिटल मीडिया की पहुंच और गति काफी तेज

कोर्ट ने कहा था कि सोशल मीडिया पर ऐसा कंटेंट फैलाने से, जो पर्सनालिटी राइट्स का उल्लंघन करता हो या जिससे बदनामी होती हो, नुकसान और बढ़ जाता है, क्योंकि डिजिटल पब्लिकेशन की स्पीड, पहुंच और हमेशा बने रहने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है।

निर्माता बोले- यह फिल्म सलमान खान की बायोपिक नहीं

अपनी याचिका में फिल्म बनाने वालों ने यह भी साफ किया है कि यह फिल्म सलमान खान की बायोपिक नहीं है और वे ‘ब्लैकबक’ (काला हिरण) विवाद से जुड़ी सार्वजनिक घटनाओं को मिटाने के लिए व्यक्तित्व अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर सकते।

खान की अर्जी में फिल्म निर्माताओं पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने एक्टर की गुडविल और रेप्युटेशन की कीमत पर पब्लिक का ध्यान खींचने के लिए जानबूझकर शिकार के मामले को सनसनीखेज बनाने और सुर्खिया बटोरने की कोशिश की।

सलमान खान पहले भी खटखटा चुके हाईकोर्ट का दरवाजा

खान ने इससे पहले हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था ताकि अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स वेबसाइटों को उनके नाम, तस्वीरों, पर्सनालिटी और शक्ल-सूरत का बिना इजाजत इस्तेमाल करने से रोका जा सके और उनके व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की जा सके।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN