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भारत के पहले OTT की कहानी, मोटा बजट और ‘परफेक्ट’ प्लान, फिर क्यों हो गया फ्लॉप?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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भारत में आज ओटीटी बहुत आम चीज हो गई है, लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था। एक वक्त था जब ओटीटी का मतलब भी लोग नहीं समझते थे। चलिए जानते हैं भारत के पहले ओटीटी की कहानी।

नेटफ्लिक्स दुनिया का पहला OTT प्लेटफॉर्म है, यह तो सब जानते हैं; लेकिन क्या आपको भारत के पहले ओटीटी प्लेटफॉर्म के बारे में पता है? क्या आपको पता है कि इसे किसने बनाया था और इसका क्या नाम है? क्या आपको पता है कि भारत का पहला OTT प्लेटफॉर्म सक्सेसफुल हुआ या फिर फ्लॉप? आज ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब जानेंगे। आज जानेंगे भारत के पहले OTT प्लेटफॉर्म की पूरी कहानी। जहां नेटफ्लिक्स ने अपना OTT बिजनेस साल 1997 में रेंट पर DVD बेचने से शुरू किया था, वहीं भारत का पहला ओटीटी प्लेटफॉर्म इसके सालों बाद 2008 में लॉन्च किया गया था।

भारत का पहला OTT, इसकी शुरुआत

नेटफ्लिक्स इस वक्त तक दुनिया भर में अपना डंका पीट रहा था, लेकिन इंडिया में इसकी एंट्री नहीं हुई थी। इस मौके का फायदा उठाते हुए साल 2008 में रिलायंस एंटरटेनमेंट ने बिग फ्लिक्स (BigFlix) नाम का OTT प्लेटफॉर्म शुरू किया। नाम नेटफ्लिक्स से मिलता-जुलता था, लेकिन इसके फीचर्स उससे काफी अलग थे। मुकेश अंबानी के मालिकाना हक वाले इस ओटीटी पर ‘वीडियो ऑन डिमांड’ और ‘मूवी ऑन डिमांड’ जैसे फीचर्स रखे गए थे। शुरुआत में इस पर हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली और पंजाबी सहित 9 भारतीय भाषाओं में करीब 2,000 से ज्यादा HD फिल्में उपलब्ध कराई गई थीं।

भारत में क्यों नहीं चल पाया बिगफ्लिक्स?

रिलायंस ने बिग फ्लिक्स को सिर्फ भारतीय ऑडियंस ही नहीं बल्कि विदेशों में रह रहे भारतीयों को भी ध्यान में रखकर डिजाइन किया था। इस एप्लिकेशन में सब कुछ रखा गया था जो भारतीय ऑडियंस के लिए उन दिनों जरूरी था। तो फिर सवाल उठता है कि यह फ्लॉप क्यों हो गया? इसके पीछे कई कारण था। पहला बड़ा कारण यह था कि 2008 से 2012 के बीच लोग भारत में 2G-3G इस्तेमाल कर रहे थे। इंटरनेट बहुत धीमा था। फिल्में छोड़िए एक छोटी सी वीडियो चलाना भी चुनौती होता था।

जब वक्त आया तो आ गए ये कॉम्पटिटर्स

ऊपर से डाटा पैक इतने महंगे थे कि लोग बड़ी सावधानी और जरूरी कामों के लिए ही इंटरनेट इस्तेमाल करते थे। इसके अलावा इस पर ऑरिजनल कॉन्टेंट ना के बराबर था। साल 2016 में जब तक इंटरनेट थोड़ा तेज हुआ, तब तक इंडिया में नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम वीडियो कदम रख चुके थे। इन जायंट्स के सामने बिग फ्लिक्स कहां टिक पाता। सालों के इनोवेशन और रिसर्च से बेहतर बनाए गए नेटफ्लिक्स और प्राइम वीडियो के सामने बिग फ्लिक्स ने घुटने टेक दिए। कुल मिलाकर यह एक ऐसा आइडिया था, जो था तो कमाल का, लेकिन टाइमिंग गलत थी।

फिर यूं हारकर भी जीत गया रिलायंस

रिपोर्ट्स की मानें तो यह करोड़ों रुपये का इनवेस्टमेंट था। कंपनी ने बड़े-बड़े प्रोडक्शन हाउस जैसे धर्मा प्रोडक्शंस, डिज्नी, वायाकॉम18 और राजश्री प्रोडक्शंस के साथ फिल्मों के डिजिटल राइट्स खरीदने के लिए भारी-भरकम डील की थीं। बाद में 2017 में कंपनी ने इसे एक मॉर्डन अवतार में दोबारा री-लॉन्च भी किया, जिसके लिए भारत में सिर्फ ₹50 रुपये का सब्सक्रिप्शन रखा गया। लेकिन वह भी नहीं चला। इसके बाद रिलायंस ने जियो एंटरटेनमेंट और जियो सिनेमा लाया। वह भी नहीं चला। लेकिन ओटीटी सेगमेंट में रिलायंस को अपनी धाक जमानी ही थी। फाइनली अब जियो हॉटस्टार नाम से रिलायंस का ओटीटी भारत में सबसे बड़ा ओटीटी है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN