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बच्च े क ो साल मे ं 1 स े 2 बार य े दव ा जरूर दे ं पैरेंट्स, पीडियाट्रिशियन न े बताय ा क्यो ं ह ै जरूरी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अगर आपक े बच्च े क ी उम्र अभ ी 1-19 साल क े बीच है, त ो साल मे ं य े दव ा कम स े कम एक बार जरूर देन ी चाहिए । डॉक्टर क ी माने ं त ो य े बच्च े क े बेहतर विकास और सह ी ग्रोथ क े लिए य े बेहद जरूर ी है । लेकिन अक्सर पैरेंट्स इस े नजरअंदाज कर देत े हैं।

बच्चो ं क ी सेहत क े लिए पैरेंट्स वैक्सीन, खाना, दूध, फल, सब्जिया ं और नींद जैस ी कई चीजो ं क ा ध्यान रखत े हैं, लेकिन एक जरूर ी बात अक्सर मिस ह ो जात ी है । य े ह ै बच्चो ं क ी डीवॉर्मिंग, यान ी पेट क े कीड़ो ं क ी दवा । डॉक्टर रव ि मलिक क े अनुसार, बच्चो ं क ो समय पर कीड़ो ं क ी दव ा देन ा उनक ी सेहत और पोषण क े लिए जरूर ी है । पेट मे ं कीड़ े होन े पर बच्च े क ी भूख कम ह ो सकत ी ह ै और शरीर क ो जरूर ी पोषक तत्व ठीक स े नही ं मिल पाते । कुछ मामलो ं मे ं कमजोर ी और खून क ी कम ी जैस ी परेशान ी भ ी ह ो सकत ी है । इसलिए साल मे ं कम स े कम एक बार त ो बच्च े क ो पेट मे ं कीड़ े होन े वाल ी दव ा जरूर द ी जान ी चाहिए । बेहतर होग ा क ि य े दव ा द ो बार द ी जाए।

बच्चो ं क ो डीवॉर्मिंग क ी दव ा क्यो ं द ी जात ी है?

बच्चो ं क े पेट मे ं कीड़ े होन ा एक आम समस्य ा है । पेट मे ं मौजूद कुछ तरह क े कीड़ े बच्च े क े शरीर मे ं पोषक तत्वो ं क े अवशोषण क ो प्रभावित कर सकत े हैं । इसक ा असर बच्च े क ी भूख, पोषण और विकास पर पड ़ सकत ा है । आंतो ं क े कीड़ो ं क ा संक्रमण बच्चो ं मे ं एनीमिय ा यान ी खून क ी कमी, कमजोर शारीरिक विकास, कुपोषण और भूख कम होन े जैस ी समस्याओ ं स े जुड़ ा ह ो सकत ा है । इसलिए डीवॉर्मिंग क ो नजरअंदाज नही ं करन ा चाहिए।

1 स े 19 साल तक क े बच्चो ं क े लिए चलाय ा जात ा ह ै कार्यक्रम

ड ॉ रव ि मलिक बतात े है ं क ि भारत सरकार बच्चो ं और किशोरो ं क े लिए नेशनल डीवॉर्मिंग ड े कार्यक्रम चलात ी है । इसक े तहत 1 स े 19 साल तक क े बच्चो ं और किशोरो ं क ो डीवॉर्मिंग क ी दव ा द ी जात ी है । नेशनल डीवॉर्म ड े आम तौर पर साल मे ं द ो बार मनाय ा जात ा है । इसक े लिए 10 फरवर ी और 10 अगस्त क ी तारीख तय क ी गई है । इसक ा मकसद बच्चो ं मे ं पेट क े कीड़ो ं क े संक्रमण क ो कम करन ा और उनक ी हेल्थ व पोषण क ो बेहतर बनान े मे ं मदद करन ा है।

पेट मे ं कीड़ े होन े स े बच्च े क ो क्य ा नुकसान ह ो सकत ा है?

हर बच्च े मे ं पेट क े कीड़ो ं क े लक्षण एक जैस े दिखाई दें, यह जरूर ी नही ं है । कई बार बच्च े क ो कोई खास परेशान ी महसूस भ ी नही ं होती । लेकिन अगर समस्य ा ज्याद ा ह ो त ो बच्च े क ी भूख प्रभावित ह ो सकत ी है । ऐस े मे ं शरीर क ो खान े स े मिलन े वाल े पोषक तत्वो ं क ा पूर ा फायद ा नही ं मिल पाता । कुछ मामलो ं मे ं बच्च े क ो कमजोरी, एनीमिय ा यान ी खून क ी कमी, आयरन क ी कम ी और खराब शारीरिक विकास जैस ी परेशानिया ं ह ो सकत ी हैं।

कितन ी बार देन ी चाहिए कीड़ो ं क ी दवा?

ड ॉ रव ि मलिक बतात े है ं क ि भारत क े नेशनल डीवॉर्मिंग ड े कार्यक्रम मे ं 1 स े 19 साल क े बच्चो ं क े लिए साल मे ं द ो बार डीवॉर्मिंग क ी जात ी है । पैरेंट्स चाहे ं त ो पीडियाट्रिशियन क ी सलाह स े साल मे ं एक स े द ो बार बच्चो ं क ो पेट मे ं कीड़ े वाल ी दव ा द े सकत े है ं य ा अपन े लोकल हेल्थ प्रोग्राम स े जानकार ी ल े सकत े हैं।

क्य ा डीवॉर्मिंग क ी दव ा सुरक्षित होत ी है?

डीवॉर्मिंग क े लिए इस्तेमाल होन े वाल ी दवाएं, लंब े समय स े इस्तेमाल क ी ज ा रह ी हैं । ड ॉ रव ि मलिक क ा कहन ा ह ै क ि पैरेंट्स क ो अपन े बच्चो ं क ी डीवॉर्मिंग जरूर करन ी चाहिए और सबस े खास बात यह ह ै क ि डीवॉर्मिंग मे ं इस्तेमाल क ी जान े वाल ी दवाइयो ं क ा कोई भ ी साइड इफेक्ट नही ं होत ा है।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकार ी क े उद्देश्य स े लिख ा गय ा है । इस े किस ी भ ी तरह स े पेशेवर मेडिकल सलाह क ा विकल्प न मानें । किस ी भ ी स्वास्थ्य समस्य ा य ा मेडिकल कंडीशन स े जुड़ े सवालो ं क े लिए हमेश ा अपन े डॉक्टर क ी सलाह जरूर लें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN