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60 महीने की FD पर 8.25% ब्याज, ये बैंक दे रहा सबसे ज्यादा रिटर्न…फटाफट चेक करें पूरी लिस्ट

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • अक्टूबर 2026 में वरिष्ठ नागरिकों को पांच साल की FD पर 8.25% तक सालाना ब्याज मिल रहा है
  • उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सुर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.25% और जन स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.77% ब्याज दर दे रहे हैं
  • आइए DICGC के ₹5 लाख तक के जमा बीमा कवर, बैंक की शर्तों और समय से पहले निकासी के नियमों को समझते हैं

रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी और अपनी बचत की सुरक्षा वरिष्ठ नागरिकों के लिए काफी अहम होती है। ऐसे में FD (Fixed Deposit) निवेश का एक लोकप्रिय विकल्प है। अक्टूबर 2026 में कुछ बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 5 साल की FD पर 8.25% तक सालाना ब्याज दे रहे हैं। 7 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध पैसाबाजार (Paisabazaar) के आंकड़ों के मुताबिक, सुर्योदर स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank) सबसे ऊंची दर देने वाले बैंकों में शामिल है। हालांकि, FD में निवेश करने से पहले ब्याज दर के साथ बैंक की शर्तों, जमा की सुरक्षा और समय से पहले पैसा निकालने के नियमों को समझना जरूरी है।

कौन-सा बैंक दे रहा है सबसे ज्यादा ब्याज?

वरिष्ठ नागरिकों यानी 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए कुछ बैंक सामान्य ग्राहकों की तुलना में अधिक ब्याज दर देते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 3 करोड़ रुपये तक की जमा राशि पर 5 साल की FD पर 8.25% की सालाना ब्याज दर सुर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहा है, जो सबसे ज्यादा है। वहीं, जन स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.77% की सालाना ब्याज दे रहा है।

इन दरों के आधार पर सुर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank) इस लिस्ट में आगे है। हालांकि, FD खोलने से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से लागू ब्याज दर की पुष्टि कर लें। ब्याज दरें समय के साथ बदल सकती हैं और भुगतान की वास्तविक राशि FD की अवधि, ब्याज भुगतान के विकल्प और बैंक की शर्तों पर निर्भर करेगी।

स्मॉल फाइनेंस बैंक में FD कराते समय रखें ध्यान

स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Bank) की FD में आकर्षक ब्याज मिल सकता है, लेकिन केवल ज्यादा रिटर्न देखकर निवेश करना सही नहीं है। DICGC के नियमों के तहत एक जमाकर्ता को एक बैंक में समान अधिकार और क्षमता में रखी गई मूल राशि और ब्याज मिलाकर अधिकतम 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है। यह सीमा उसी बैंक की सभी पात्र जमाओं को मिलाकर लागू होती है, अलग-अलग FD पर अलग से नहीं।

इसलिए वरिष्ठ नागरिकों को अपनी पूरी बचत एक ही बैंक में जमा करने से पहले जोखिम का आकलन करना चाहिए। जरूरत के हिसाब से रकम को अलग-अलग बैंकों में बांटना और आपातकाल के लिए कुछ पैसा आसानी से उपलब्ध रखना उपयोगी हो सकता है।

बैंक ब्याज दर
AU Small Finance Bank 6.75
Equitas Small Finance Bank 7.00
ESAF Small Finance Bank 5.75
Jana Small Finance Bank 7.77
Shivalik Small Finance Bank 6.25
slice Small Finance Bank 7.00
Suryoday Small Finance Bank 8.25
Ujjivan Small Finance Bank 7.20
Utkarsh Small Finance Bank 7.00

FD के ब्याज पर कब कटता है TDS?

बैंक FD से मिलने वाले ब्याज पर TDS (Tax Deducted at Source) काट सकते हैं। दिए गए स्रोत के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बैंक में वित्त वर्ष के दौरान FD ब्याज 1 लाख रुपये से अधिक होने पर TDS लागू हो सकता है। ध्यान रखें कि TDS कटना और अंतिम आयकर देनदारी एक ही बात नहीं है। रिटर्न दाखिल करते समय पात्र करदाता TDS का क्रेडिट ले सकते हैं और अतिरिक्त कटौती होने पर रिफंड का दावा कर सकते हैं।

अगर वरिष्ठ नागरिक की अनुमानित कुल कर देनदारी शून्य है, तो वे पात्रता के अनुसार Form 121 जमा कर TDS नहीं काटने का अनुरोध कर सकते हैं। यह फॉर्म पहले Form 15H के नाम से जाना जाता था। हालांकि, फॉर्म जमा करने से पहले अपनी कुल आय, लागू टैक्स रिजीम, छूट और उपलब्ध रिबेट के आधार पर कर देनदारी की गणना करना जरूरी है।

फॉर्म-121 जमा करने के बाद भी ITR भरना जरूरी है?

फॉर्म-121 जमा करना और ITR (Income Tax Return) दाखिल करना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। Form 121 का उद्देश्य पात्र व्यक्ति की शून्य अनुमानित कर देनदारी के आधार पर TDS कटौती से राहत लेना है। इससे ITR दाखिल करने की जिम्मेदारी अपने आप खत्म नहीं होती। यदि किसी वरिष्ठ नागरिक पर आयकर कानून के तहत रिटर्न दाखिल करने की शर्तें लागू होती हैं, तो उन्हें ITR भरना पड़ सकता है।

कुछ विशेष शर्तें पूरी करने वाले 75 साल या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को ITR दाखिल करने से छूट मिल सकती है। इसके लिए व्यक्ति का भारत का निवासी होना, पेंशन और निर्धारित बैंक से मिलने वाले ब्याज के अलावा अन्य आय न होना तथा संबंधित बैंक और घोषणा से जुड़ी शर्तों को पूरा करना जरूरी है। पात्र मामलों में बैंक ही लागू कटौतियों और रिबेट को ध्यान में रखकर टैक्स की गणना करता है।

निवेश से पहले जरूरी बात:- FD चुनते समय सिर्फ ब्याज दर न देखें। जमा बीमा की सीमा, बैंक की शर्तें, समय से पहले निकासी पर लगने वाला जुर्माना और अपनी पैसों की जरूरतों को भी ध्यान में रखें। टैक्स से जुड़े फैसले लेने से पहले मौजूदा नियमों की पुष्टि किसी योग्य टैक्स विशेषज्ञ या बैंक से कर लें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN