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मुंबई में सीजेपी के प्रदर्शन के समर्थन में पहुंचे एक्टर इमरान खान को शनिवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन्हें मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान से डिटेन किया गया, जहां सीजेपी का प्रदर्शन होना था। हिरासत में लिए जाने के बाद इमरान ने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर पुलिस वैन के अंदर से अपनी सेल्फी शेयर की। इसके साथ उन्होंने लिखा, ‘लगता है मैं ड्राइव पर जा रहा हूं।’
हिरासत में लिए जाने से पहले इमरान खान ने कहा, ‘मेरी कोई मांग नहीं है। मैं यहां एक नागरिक के तौर पर आया हूं, जो इसी शहर में रहता है। मैं यह देखने आया हूं कि लोगों की आवाजाही की आजादी पर रोक क्यों लगाई जा रही है और उनकी आवाज क्यों दबाई जा रही है। मैं इसी वजह से यहां आया हूं। मैं किसी से कोई मांग करने की स्थिति में नहीं हूं और न ही मैं किसी संगठन का हिस्सा हूं। मेरी कोई औकात नहीं है। मैं यहां सिर्फ एक प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद हूं।’
प्रदर्शन के लिए इजाजत नहीं मांगी गई: मुंबई पुलिस
मुंबई पुलिस के मुताबिक, सीजेपी के समर्थन में प्रदर्शन के लिए उससे इजाजत नहीं मांगी गई थी। पुलिस ने यह भी कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत मुंबई में प्रदर्शन की अनुमति केवल आजाद मैदान में दी जा सकती है। दूसरी ओर, सीजेपी के कार्यकर्ताओं का दावा है कि उन्होंने प्रदर्शन की इजाजत के लिए मुंबई पुलिस को ईमेल भेजा था, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
इमरान खान ने पहले भी किया CJP प्रोटेस्ट का सपोर्ट
इमरान खान जुलाई में भी विरोध मार्च में शामिल हुए थे। अभिनेता ने पूछा गया कि कला को राजनीति से अलग मानने वाले कलाकारों से वह क्या कहना चाहेंगे। इस पर इमरान ने कहा था कि सच्ची कला में कलाकार का नजरिया और उसकी सोच शामिल होती है। अगर कोई कलाकार अपनी राय के साथ खड़ा नहीं हो सकता और अपनी भावनाओं को कला में नहीं उतारता, तो उसकी कला का कोई मूल्य नहीं रह जाता। इमरान ने सोशल मीडिया पर छात्रों के प्रदर्शन का भी समर्थन किया था। उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज और पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि जो व्यवस्था छात्रों की रक्षा और मदद के लिए बनी है, वही उन्हें निराश कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया था कि अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे छात्रों को चुप कराने और पीटने का क्या औचित्य है।
इस बीच, दिल्ली में भी सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी रही। पुलिस के अनुसार, शनिवार को प्रदर्शन के मद्देनजर करीब 1500 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की नेहा बोरा के नाम भी शामिल बताए गए। सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची के SIR में अनियमितताएं हुई हैं। इस मुद्दे पर संगठन ने विरोध प्रदर्शन और सार्वजनिक बयान जारी किए हैं।
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