Source :- LIVE HINDUSTAN
https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/10/12/1200x900/EKTA_KAPOOR_10_12_1791766034027_olNV_1791766037981_YZXw_323538b1-df04-47bb-9ec6-6b8529c92d97_BHKO.pngएकता कपूर ने हाल ही में बताया कि साल 2008 उनके करियर के लिए सबसे खराब साल रहा था। इसी के साथ उन्होंने बताया कि जब सोशल मीडिया की शुरुआत हुई थी, उनके खिलाफ एक हेट क्लब था।
एकता कपूर को टीवी की क्वीन कहा जाता है। उन्होंने अपने कंटेंट से टीवी की दुनिया में बड़ा बदलाव लाया था। अब एक पॉडकास्ट में एकता कपूर ने कहा कि साल 2008 उनके करियर के लिए सबसे खराब साल था। वहीं, साल 2021-22 उनके लिए मेंटली सबसे खराब साल रहा था।
एकता कपूर के खिलाफ चलता था हेट क्लब
रणवीर इलाहाबादिया के साथ खास बातचीत में एकता कपूर ने कहा कि उन्हें पहचान आसानी से नहीं मिली। उस वक्त उन्हें सोशल मीडिया पर काफी नफरत मिली थी। एकता कपूर ने बताया कि जब उस वक्त सोशल मीडिया की शुरुआत हुई थी, ऑरकुट पर उनके हेट क्लब चलते थे। उन्होंने बताया कि उस वक्त सबसे ज्यादा फॉलोअर्स उनके और ऐश्वर्या राय के हेट क्लब के थे।
एकता कपूर बोलीं- लोगों ने नीचे खींचने की कोशिश की
एकता कपूर ने कहा, “मैं एक लड़की थी, एक बच्ची थी और बेबाक थी, बिल्कुल मुझे टारगेट किया गया। लोगों ने मुझे नीचे खींचने की कोशिश की, जो नॉर्मल था। अगर आप किसी प्रोफेशन में आते हैं और उसमें कुछ बदलाव लाते हैं, तो लोग आपसे नफरत करने ही लगते हैं।”
साल 2008 था सबसे खराब साल
इसी बातचीत के दौरान एकता कपूर ने कहा कि साल 2008 उनके करियर के लिए सबसे खराब साल था। उन्होंने कहा, “2008 मेरे लिए करियर के हिसाब से सबसे खराब साल था। उस साल मेरे लिए कुछ भी ठीक नहीं हो रहा था। वो साल काम के तौर पर मेरे लिए सबसे खराब था। मेंटल हेल्थ के लिहाज से भी वह बुरा था क्योंकि मैं उस स्थिति से निपट नहीं पा रही थी। लेकिन कोविड के समय ने मेंटली मुझे सबसे ज्यादा परेशान किया। भले ही मैंने अपने बेटे को जन्म नहीं दिया था, लेकिन मुझे भी ‘पोस्टपार्टम’ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा। मैं मदरहुड (मातृत्व) से जूझ रही थी। मैं कभी इतने लंबे समय तक घर पर नहीं रही थी और न ही मैंने अपने आस-पास इतनी मौतें देखी थीं। मेंटली 2021-2022 मेरे लिए सबसे मुश्किल साल था, और करियर के लिहाज से 2008 सबसे मुश्किल साल था।”
एकता कपूर बोलीं- मैंने बहुत गलतियां की हैं
साल 2008 के बारे में बात करते हुए एकता कपूर ने कहा, “साल 2008 में पेपर पर मेरे पास चीजें नहीं थीं। जब तक चीजें पेपर पर न हों, वो काम कभी मत करो। दूसरी बात, जब आप कंपनियों के साथ काम करते हैं और प्रोफेशनल्स पर भरोसा करते हैं, तो हो सकता है कि वो नौकरी छोड़ दें, फिर कंपनी किसी और प्रोफेशनल को ले आए और आप मुश्किल में फंस जाएं। हमेशा याद रखिए कि सफलता से आगे बढ़कर रिश्ते बनाने होते हैं। मुझे लगता था कि मैं बहुत जबरदस्त थी। पर मैं नहीं हूं। मैं अच्छा काम कर सकती हूं, बुरा काम भी कर सकती हूं। लोग अच्छे-बुरे के परे मेरे साथ काम करना चाहें। मैंने जीवन में ये सीखा है। मैंने बहुत सी गलतियां की हैं।”
एकता कपूर ने कहा, “मैंने उस वक्त उन प्रोफेशनल्स का सम्मान नहीं किया जो मेरे पास आए। मुझे लगता था कि मैंने सबसे अच्छा कंटेंट बनाया है। फिर मुझे एहसास हुआ कि जो क्रिएटर्स मिल-जुल कर काम करना चाहते हैं उन्हें विनम्र और मिलनसार होना चाहिए, ओवरकॉन्फिडेंट (जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास) नहीं। ओवरकॉन्फिडेंस स्वैग नहीं है, ये बेवकूफी है। आगे बढ़ने के लिए ओवरकॉन्फिडेंस की जरूरत नहीं होती है। उस वक्त से मैंने विनम्रता, टीमवर्क और चीजों को पेपर पर रखना सीखा।”
SOURCE : LIVE HINDUSTAN




