Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुल सकता है और 23 अक्टूबर को बंद हो सकता है
- वहीं, शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने की संभावना है
- एंकर निवेशकों के लिए बोली 19 अक्टूबर से शुरू हो सकती है
Reliance Jio IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी इस IPO के जरिए करीब 30,200 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसके लिए शेयर का संभावित प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये के बीच बताया जा रहा है। इससे पहले कंपनी की वैल्यूएशन करीब 11 लाख करोड़ रुपये आंकी जा रही थी, लेकिन अब इसे घटाकर करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये तक रखने की योजना बताई जा रही है। इधर, रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को लेकर बाजार में अभी से हलचल तेज हो गई है। IPO आने से पहले ही ग्रे मार्केट में जियो के शेयर पर 200 रुपये तक का प्रीमियम बताया जा रहा है। आइए जानते हैं डिटेल में…
कब तक खुलेगा जियो का IPO?
लाइवमिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुल सकता है और 23 अक्टूबर को बंद हो सकता है। वहीं, शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने की संभावना है। एंकर निवेशकों के लिए बोली 19 अक्टूबर से शुरू हो सकती है। हालांकि, इन तारीखों और कीमतों को लेकर कंपनी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
पहले से कम क्यों हुई जियो की वैल्यूएशन?
रिपोर्ट के मुताबिक, जियो की संभावित वैल्यूएशन अब पहले लगाए जा रहे अनुमान से कम रखी जा रही है। इसकी एक वजह शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और बड़े IPO को लेकर निवेशकों की बदलती दिलचस्पी बताई जा रही है। जून में जब कंपनी ने IPO के शुरुआती डॉक्यूमेंट्स दाखिल किए थे, तब इसकी वैल्यूएशन करीब 131 अरब डॉलर यानी लगभग 13 लाख करोड़ रुपये मानी जा रही थी। अब रिपोर्ट में इसका वैल्यूएशन करीब 106 अरब डॉलर यानी 10.3 लाख करोड़ रुपये तक रहने की बात कही गई है। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस बदलाव पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
जियो का IPO इतना खास क्यों है?
जियो प्लेटफॉर्म्स सिर्फ मोबाइल नेटवर्क तक सीमित नहीं है। कंपनी मोबाइल सेवाओं के साथ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड, क्लाउड सर्विस, एंटरटेनमेंट, कारोबार से जुड़ी टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी सेवाओं में भी काम करती है। मार्च तक कंपनी के पास करीब 52.44 करोड़ टेलीकॉम ग्राहक थे। इतनी बड़ी ग्राहक संख्या और डिजिटल कारोबार में मौजूदगी के कारण निवेशकों की इस IPO पर खास नजर है। अगर कंपनी की लिस्टिंग सफल रहती है, तो मार्केट कैप के लिहाज से यह भारत की चार सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल हो सकती है।
IPO से मिले पैसे का क्या करेगी कंपनी?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स IPO से मिलने वाली रकम में से 27,500 करोड़ रुपये तक अपनी टेलीकॉम सब्सिडियरी रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने या समय से पहले भुगतान करने में इस्तेमाल कर सकती है। इससे कंपनी पर कर्ज का बोझ कम करने में मदद मिल सकती है। इस IPO में नए शेयर जारी किए जाने की योजना है, यानी मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने के बजाय कंपनी नए शेयर जारी करके पैसा जुटाएगी।
जियो की कमाई में भी हुई बढ़ोतरी
जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबार में भी बढ़त दर्ज की गई है। रॉयटर्स के मुताबिक, मार्च में समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी की ऑपरेशंस से होने वाली कमाई 14.6% बढ़कर 1.47 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। वहीं, कंपनी का मुनाफा 15.1% बढ़कर 30,050 करोड़ रुपये रहा। अब निवेशकों की नजर IPO की आधिकारिक तारीख, प्राइस बैंड और कंपनी की ओर से जारी होने वाले दस्तावेजों पर है।
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