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सौरव दास, आशुतोष रांका और आजिंक्य शिंदे को दिल्ली पुलिस ने अरेस्ट किया- रत्ना सिंह

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Source :- BBC INDIA

कॉकरोच जनता पार्टी

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पढ़ने का समय: 3 मिनट

कॉकरोच जनता पार्टी के क़ानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह के मुताबिक़ दिल्ली पुलिस ने आज जंतर-मंतर मामले में सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में गिरफ़्तार किया है.

रत्ना सिंह ने कहा, ”अभी-अभी जानकारी मिली है कि सौरव, आशुतोष और अजिंक्य को अगले एक घंटे के भीतर मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में एसईएम के सामने पेश किए जाने की संभावना है. जानकारी के लिए बता दें कि हिरासत में लिए जाने के 24 घंटे की अवधि जल्द ही पूरी होने वाली है.”

रत्ना सिंह एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए बताया है, ”उन पर अनधिकृत प्रवेश, बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन और सरकारी अधिकारी के काम में बाधा डालने समेत अन्य आरोप लगाए गए हैं.

”उन्हें सुबह एससीएम कोर्ट में पेश किया जाएगा. ऐसी संभावना है कि उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा जा सकता है.

देर रात तक उन्हें अपने वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई. उन्हें रात तीन बजे एक निजी वैन में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन लाया गया. इन ग़ैर-क़ानूनी कार्रवाइयों के बावजूद उनका हौसला बुलंद है.”

रत्ना सिंह ने मीडिया से कहा, “हम इस समय दिल्ली पुलिस को एक ख़ास ‘रूलबुक’ के हिसाब से काम करते हुए देख रहे हैं. यह रूलबुक ऊपर से मिले आदेशों के आधार पर तय होती है. पुलिस क़ानून को दरकिनार कर इस रूलबुक का पालन कर रही है.”

”हमने देखा कि जंतर-मंतर पर सिर्फ़ तिरंगा फहराने गए लोगों को हिरासत में ले लिया गया. क़रीब 24 घंटे हो चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक किसी वकील से मिलने की अनुमति नहीं दी गई है. शुरुआत में उन्हें हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने के आधार भी नहीं बताए गए. बाद में गिरफ़्तारी के आधार बताए गए, लेकिन सवाल यह है कि मौजूदा माहौल में दिल्ली पुलिस मनमाने तरीक़े से काम कर रही है.”

रत्ना सिंह ने कहा, ”पुलिस ने न सिर्फ़ आम कार्यकर्ताओं को मिलने से रोका, बल्कि उन वकीलों को भी मिलने नहीं दिया, जो सुबह से वहाँ मौजूद थे. मौके़े पर मौजूद थाना प्रभारी और दूसरे अधिकारी लगातार यही कहते रहे कि वे ऊपर से मिले आदेशों के तहत काम कर रहे हैं. फिर दिल्ली पुलिस को ये आदेश कौन दे रहा है, जो ख़ुद क़ानून से ऊपर माने जा रहे हैं?”

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक्स पर तीनों की एक फोटो पोस्ट करते हुए लिखा है, ”कॉकरोच आजिंक्य, आशुतोष और सौरव दास पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के अंदर हैं. कोई भी चीज़ उनका हौसला नहीं तोड़ सकती.

जंतर-मंतर

विरोध के लिए निर्धारित स्थल की सूची से हटा जंतर मंतर

इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका को मंगलवार सुबह दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था.

दोनों ने जंतर-मंतर के बंद गेट पर चढ़कर परिसर में प्रवेश किया था. इससे एक दिन पहले ही जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल का दर्जा ख़त्म कर दिया गया था.

रंका ने अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें वह और सौरव दास, संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी अजिंक्य शिंदे के साथ जंतर-मंतर के बंद गेट पर चढ़कर परिसर में प्रवेश करते दिखाई दे रहे हैं. वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और उन्हें पकड़ लिया.

लुटियंस दिल्ली में स्थित जंतर-मंतर में प्रवेश करने की यह कोशिश उस फ़ैसले के एक दिन बाद हुई, जिसके तहत इसे विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल की सूची से हटा दिया गया था.

दिल्ली पुलिस की ओर से सोमवार को जारी एक सर्कुलर में शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन नए स्थानों का उल्लेख किया गया. इसके साथ ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पर रोक लग गई. इसी जगह पर सीजेपी ने जून और जुलाई में एक बड़ा आंदोलन किया था, जिसके बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था.

सर्कुलर के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने नागरिकों के विरोध प्रदर्शन और धरना आयोजित करने के अधिकार को ध्यान में रखते हुए मौजूदा निर्धारित स्थल के विकल्प के रूप में उपयुक्त स्थानों की पहचान करने के लिए एक समिति गठित की थी.

सर्कुलर में कहा गया है कि समिति की सिफ़ारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के दर्जे से हटा दिया गया है. इसमें प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थानों – रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और शाहदरा स्थित सीबीडी मैदान का उल्लेख किया गया है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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SOURCE : BBC NEWS