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अच्छे Q2 रिजल्ट के बाद भी Axis, HDFC समेत इन बैंकों के शेयरों में गिरावट, लेकिन ब्रोकरेज ने दी ये सलाह

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Bank Stocks to Buy: देश के तीन बड़े प्राइवेट बैंकों ICICI Bank, HDFC Bank और Axis Bank के सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउस इन शेयरों को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। तीनों बैंकों के मुनाफे और NII (Net Interest Income) में बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन मार्जिन पर दबाव ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। इसके बावजूद मार्केट खुलते ही इन तीनों बैंकों के शेयर धड़ाम हो गए। एक्सिस, एचडीएफसी समेत icici बैंक के शेयर 4% तक लुढ़क गए। फिलहाल, एक्सपर्ट के मुताबिक आने वाली तिमाहियों में बैंकों के मार्जिन में सुधार इन शेयरों की अगली चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

बैंकों के शेयरों में गिरावट

19 अक्टूबर 2026 को कारोबार के शुरुआती रुझानों में तीनों बैंक शेयरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। ICICI Bank के शेयरों में मजबूती दिखी और सुबह करीब 9:48 बजे BSE पर यह 1% से ज्यादा चढ़ गया, वहीं, 10:08 बजे के करीब यह स्टॉक 0.61% गिरकर 1,388 रुपये के करीब कारोबार कर रहा था। वहीं, HDFC बैंक का शेयर सुबह 10:10 बजे तक 2% से ज्यादा गिरकर 713.80 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जबकि एक्सिस बैंक (Axis Bank) के शेयरों में भी दबाव देखने को मिला और शुरुआती कारोबार में यह 4% से ज्यादा गिरकर करीब ₹1,237 तक पहुंच गया। इससे संकेत मिलता है कि मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद निवेशक तीनों बैंकों के मार्जिन और आगे की कमाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

तीनों बैंकों में ICICI बैंक का प्रदर्शन मुख्य ब्याज आय के मामले में सबसे मजबूत रहा, जबकि Axis Bank ने मुनाफे में सबसे तेज सालाना बढ़त दर्ज की। दूसरी ओर HDFC Bank का मुनाफा अपेक्षाकृत धीमी रफ्तार से बढ़ा। इसके बावजूद Nuvama समेत कई ब्रोकरेज हाउस ने तीनों शेयरों पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, ब्रोकरेज के टारगेट प्राइस अनुमान हैं, इसको वास्तविक रिटर्न की गारंटी नहीं माना चाहिए।

ICICI, HDFC और Axis Bank: किस बैंक का प्रदर्शन कैसा रहा?

सितंबर तिमाही में तीनों बैंकों के नतीजों की तुलना से पता चलता है कि उनकी कमाई की रफ्तार अलग-अलग रही। ICICI Bank ने Net Interest Income में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की, जबकि Axis Bank का मुनाफा सबसे तेजी से बढ़ा।

बैंक NII में सालाना बढ़ोतरी नेट प्रॉफिट में सालाना बढ़ोतरी
ICICI Bank 17.7% 20.1%
Axis Bank 11.8% 37.6%
HDFC Bank 10% 4.7%

NII यानी Net Interest Income वह कमाई है, जो बैंक को कर्ज पर मिलने वाले ब्याज और जमा पर दिए जाने वाले ब्याज के अंतर से होती है। बैंक के मुख्य कारोबार की मजबूती समझने के लिए यह एक महत्वपूर्ण पैमाना है।

ICICI Bank की मजबूत NII ग्रोथ से उसके मुख्य बैंकिंग कारोबार में अच्छी गति का संकेत मिला। Axis Bank का मुनाफा 37.6% बढ़ा, लेकिन इस वृद्धि को समझते समय पिछले साल के कम आधार को भी ध्यान में रखना होगा। पिछले साल की सितंबर तिमाही में बैंक ने Priority Sector Lending से जुड़ा एकमुश्त प्रावधान किया था, जिसका असर तुलना पर पड़ा।

HDFC Bank का नेट प्रॉफिट 4.7% बढ़ा। इसकी एक वजह पिछले साल की तुलना में कम Treasury Gains भी रही। ऐसे में बैंक के लिए आने वाली तिमाहियों में मुख्य कारोबार से कमाई बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा।

तीनों बैंकों के मार्जिन पर क्यों बना दबाव?

तिमाही के दौरान तीनों बैंकों का NIM (Net Interest Margin) घटा। NIM से पता चलता है कि बैंक अपने ब्याज कमाने वाले एसेट्स से कितना शुद्ध ब्याज कमाता है। इसमें गिरावट आने से बैंक की कमाई की क्षमता पर दबाव पड़ सकता है।

Axis Bank का NIM सालाना आधार पर 37 बेसिस पॉइंट घटा। बैंक के मुताबिक, FCNR(B) डिपॉजिट के कारण ही उसके मार्जिन पर 11 बेसिस पॉइंट का असर पड़ा। इस प्रभाव को हटाने पर बैंक का NIM 3.47% होता।

HDFC Bank का NIM 14 बेसिस पॉइंट और ICICI Bank का 12 बेसिस पॉइंट घटा। बैंकों ने RBI की FCNR(B) स्वैप सुविधा के तहत जुटाए गए विदेशी मुद्रा डिपॉजिट सहित कई कारणों से मार्जिन पर दबाव का सामना किया।

एनालिस्ट को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में उपलब्ध नकदी का बेहतर इस्तेमाल होने और फंडिंग लागत का असर कम होने से मार्जिन में सुधार हो सकता है। SMIFS के रिसर्च प्रमुख Sharad Avasthi के मुताबिक, ज्यादातर पैमानों पर नतीजे बेहतर रहे हैं। उनके अनुसार, Treasury से जुड़े नुकसान का बड़ा हिस्सा दूसरी और तीसरी तिमाही में सामने आ सकता है, जबकि चौथी तिमाही से प्रदर्शन में सुधार की संभावना है।

ICICI Bank: ब्रोकरेज की पहली पसंद क्यों?

ICICI Bank को तीनों बैंकों में अपेक्षाकृत मजबूत प्रदर्शन करने वाला बैंक माना जा रहा है। Nuvama ने शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखते हुए ₹1,850 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के अनुसार, FCNR डिपॉजिट के प्रभाव को अलग रखने पर भी बैंक की क्रेडिट ग्रोथ मजबूत बनी हुई है।

Nuvama को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही से मार्जिन में सुधार शुरू हो सकता है। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 से 2029 के दौरान बैंक का RoA (Return on Assets) 2.2–2.3% और RoE (Return on Equity) करीब 17% रहने का अनुमान जताया है।

Systematix ने भी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,700 से बढ़ाकर ₹1,750 कर दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, बैंक का दूसरी तिमाही का मुनाफा ₹14,843 करोड़ रहा, जो उसके अनुमान से 3.3% अधिक था। घरेलू NIM भी मोटे तौर पर स्थिर रहा।

HDFC Bank: कम वैल्यूएशन के बावजूद क्या हैं चुनौतियां?

HDFC Bank के शेयर में इस साल अब तक करीब 26% की गिरावट बताई गई है, जबकि ICICI Bank और Axis Bank के शेयरों में करीब 4% तक बढ़त दर्ज हुई है। इसके बावजूद ब्रोकरेज हाउस HDFC Bank पर सकारात्मक बने हुए हैं, लेकिन मजबूत कमाई की वापसी उनके लिए सबसे अहम मुद्दा है।

Nuvama ने HDFC Bank पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹950 का टारगेट दिया है। बैंक की क्रेडिट ग्रोथ सालाना आधार पर 16% रही, लेकिन मुनाफे की वृद्धि सीमित रही।

Elara Capital ने भी ‘Buy’ रेटिंग के साथ ₹923 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज की नजर नए MD और CEO Anup Bagchi की रणनीति पर रहेगी। मार्जिन और मुख्य कमाई में सुधार के लिए उनकी योजनाएं महत्वपूर्ण होंगी।

HDFC Bank का RoA करीब 1.7% रहा है और मार्जिन की रिकवरी अब भी धीमी है। ऐसे में शेयर के कम वैल्यूएशन से संभावित फायदा तभी मिल सकता है, जब बैंक की कमाई में लगातार सुधार दिखाई दे।

Axis Bank: मुनाफे में उछाल, अब मार्जिन रिकवरी पर नजर

Axis Bank ने तीनों बैंकों में सबसे अधिक 37.6% की सालाना मुनाफा वृद्धि दर्ज की। हालांकि, पिछले साल के कम आधार के कारण इस बढ़ोतरी को सावधानी से देखना होगा। Nuvama ने Axis Bank पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹1,650 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कर्ज की मांग मजबूत बनी रह सकती है और वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही से मार्जिन में सुधार हो सकता है।

अगर बैंक उपलब्ध नकदी का बेहतर इस्तेमाल करता है और लोन से जुड़े नुकसान के लिए प्रावधान कम होते हैं, तो उसकी कमाई और रिटर्न में धीरे-धीरे सुधार आ सकता है। हालांकि, निवेशकों को यह भी देखना होगा कि पिछले साल के कम आधार का लाभ खत्म होने के बाद बैंक मुनाफे की रफ्तार बनाए रख पाता है या नहीं।

तीनों बैंक शेयरों की वैल्यूएशन कितनी है?

शेयरों की वैल्यूएशन की तुलना करने के लिए P/B (Price-to-Book) रेशियो एक उपयोगी पैमाना है। यह बताता है कि निवेशक कंपनी की प्रति शेयर बुक वैल्यू के मुकाबले कितनी कीमत चुका रहे हैं।

बैंक मौजूदा P/B रेशियो 5 साल का औसत
HDFC Bank 1.8 गुना 2.8 गुना
ICICI Bank 2.6 गुना 3 गुना
Axis Bank 1.8 गुना 2.02 गुना

इन आंकड़ों के अनुसार, HDFC बैंक अपने 5 साल के औसत P/B रेशियो से काफी नीचे कारोबार कर रहा है। इससे शेयर में रिकवरी की संभावना बन सकती है, लेकिन इसके लिए कमाई और मार्जिन में टिकाऊ सुधार जरूरी होगा।

ICICI Bank का वैल्यूएशन उसके ऐतिहासिक औसत से नीचे है, जबकि Axis बैंक भी अपने 5 साल के औसत से कम P/B पर है। हालांकि, केवल कम वैल्यूएशन किसी शेयर को अपने आप आकर्षक निवेश नहीं बना देता। कारोबार की गुणवत्ता, कमाई की संभावनाएं और जोखिम भी महत्वपूर्ण हैं।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

Q2 नतीजों के बाद ICICI बैंक की मजबूत मुख्य ब्याज आय उसे तीनों में बढ़त देती है। Axis बैंक का मुनाफा तेजी से बढ़ा है, लेकिन आगे की कमाई के लिए मार्जिन में सुधार अहम रहेगा। HDFC बैंक का शेयर वैल्यूएशन के लिहाज से सस्ता दिख सकता है, मगर उसकी कमाई में मजबूत और लगातार सुधार होना अभी बाकी है।

तीनों बैंकों पर ब्रोकरेज की ‘Buy’ रेटिंग यह संकेत देती है कि एनालिस्ट को आगे सुधार की उम्मीद है। लेकिन निवेश से पहले मौजूदा शेयर भाव, टारगेट तक संभावित रिटर्न, जोखिम और अपनी निवेश अवधि का आकलन जरूर करें।

(डिस्क्लेमर: यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)

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