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म्यूचुअल फंड में पैसा डालने वालों को झटका! सिर्फ ये 2 हुए हिट, 29 में 22 का रिटर्न निगेटिव

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • पिछले एक साल में रिपोर्टेड रिटर्न वाले 29 एग्रेसिव हाइब्रिड म्यूचुअल फंड में से 22 ने निगेटिव रिटर्न दिया, जबकि केवल दो फंड्स 8% से ज्यादा रिटर्न दे पाए
  • बैंक ऑफ इंडिया एग्रेसिव हाइब्रिड फंड ने 12.1% रिटर्न के साथ बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि HDFC एग्रेसिव हाइब्रिड फंड का रिटर्न माइनस 6.87% रहा

म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश करने वाले लोगों के लिए एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स (Aggressive Hybrid Funds) के ताजा आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पिछले एक साल में इस कैटेगरी के 29 फंड्स में से केवल 2 ही 8% से ज्यादा रिटर्न देने में सफल रहे, जबकि 22 फंड्स ने निवेशकों को निगेटिव रिटर्न दिया। इस लिस्ट में SBI और ICICI प्रूडेंशियल जैसे बड़े फंड्स भी शामिल हैं। वैल्यु रिसर्च (Value Research) के आंकड़ों के मुताबिक, बैंक ऑफ इंडिया एग्रेसिव हाइब्रिड फंड (Bank of India Aggressive Hybrid Fund) ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि HDFC एग्रेसिव हाइब्रिड फंड का रिटर्न सबसे कमजोर रहा। ये आंकड़े बताते हैं कि इक्विटी और डेट दोनों में निवेश करने वाले फंड्स में भी बाजार की कमजोरी के दौरान नुकसान हो सकता है।

सिर्फ 2 फंड्स ने दिया 8% से ज्यादा रिटर्न

एक साल के प्रदर्शन के मामले में बैंक ऑफ इंडिया एग्रेसिव हाइब्रिड फंड (Bank of India Aggressive Hybrid Fund) सबसे आगे रहा। इस फंड ने 12.1% का रिटर्न दिया। वहीं, नेवी एग्रेसिव हाइब्रिड फंड (Navi Aggressive Hybrid Fund) 8.42% रिटर्न के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इन दोनों के अलावा केवल 5 फंड्स ने सकारात्मक रिटर्न दिया, लेकिन उनका प्रदर्शन 0.05% से 3.83% के बीच रहा, यानी ज्यादातर फंड्स निवेशकों को आकर्षक रिटर्न देने में नाकाम रहे।

दूसरी ओर HDFC एग्रेसिव हाइब्रिड फंड (Aggressive Hybrid Fund) ने एक साल में 6.87% का निगेटिव रिटर्न दिया। इनविस्को इंडिया एग्रेसिव हाइब्रिड फंड (Invesco India Aggressive Hybrid Fund) का रिटर्न माइनस 6.59% रहा। महिंद्रा मैनुलाइफ एग्रेसिव हाइब्रिड फंड (Mahindra Manulife Aggressive Hybrid Fund) में 5.46% और फ्रैंकलिन इंडिया एग्रेसिव हाइब्रिड फंड (Franklin India Aggressive Hybrid Fund) में 5.44% की गिरावट दर्ज की गई। बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) और HDFC के फंड्स के एक साल के रिटर्न में करीब 19 प्रतिशत अंकों का अंतर रहा। हालांकि, केवल एक साल के प्रदर्शन से यह तय नहीं किया जा सकता कि भविष्य में कौन सा फंड बेहतर रिटर्न देगा।

SBI और ICICI Prudential जैसे बड़े फंड्स भी घाटे में

कमजोर प्रदर्शन केवल छोटे फंड्स तक सीमित नहीं रहा। बड़े फंड्स को भी बाजार की कमजोरी का सामना करना पड़ा। SBI एग्रेसिव हाइब्रिड फंड (Aggressive Hybrid Fund) के पास ₹86,163 करोड़ की नेट एसेट्स थीं, लेकिन इसने एक साल में 0.18% का निगेटिव रिटर्न दिया। वहीं, ₹50,706 करोड़ के एसेट्स वाले ICICI प्रूडेंशियल एग्रेसिव हाइब्रिड फंड का रिटर्न माइनस 2.83% रहा।

HDFC एग्रेसिव हाइब्रिड फंड का एक साल का प्रदर्शन इस लिस्ट में सबसे कमजोर था। इसके पास ₹21,161 करोड़ की नेट एसेट्स थीं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि किसी फंड का बड़ा होना उसके बेहतर रिटर्न की गारंटी नहीं है। निवेशकों को फंड का आकार देखने के साथ उसके प्रदर्शन, निवेश की रणनीति और जोखिम को भी समझना चाहिए।

91% एसेट्स वाले फंड्स का रिटर्न निगेटिव

आंकड़ों का एक और अहम पहलू यह है कि जिन फंड्स का एक साल का रिटर्न निगेटिव रहा, उनके पास कुल मिलाकर करीब ₹2.33 लाख करोड़ की एसेट्स थीं। यह लिस्ट में शामिल फंड्स की कुल एसेट्स का लगभग 91% है। इसका मतलब है कि निगेटिव रिटर्न का असर केवल कुछ छोटी योजनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बड़ी मात्रा में निवेश संभालने वाले फंड्स भी इससे प्रभावित हुए। हालांकि, यह आंकड़ा एक साल की अवधि के प्रदर्शन को दिखाता है और इससे लंबे समय के रिटर्न का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।

क्या होते हैं एग्रेसिव हाइब्रिड म्यूचुअल फंड?

एग्रेसिव हाइब्रिड म्यूचुअल फंड (Aggressive Hybrid Funds) ऐसे म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) होते हैं, जो इक्विटी और डेट दोनों में निवेश करते हैं। आमतौर पर इन फंड्स को अपनी कुल एसेट्स का 65% से 80% हिस्सा इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में लगाना होता है, बाकी 20% से 35% निवेश डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में किया जाता है।

इक्विटी में निवेश से लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न पाने की संभावना रहती है, जबकि डेट में निवेश पोर्टफोलियो को कुछ संतुलन दे सकता है। लेकिन, इक्विटी का बड़ा हिस्सा होने के कारण बाजार गिरने पर इन फंड्स को भी नुकसान हो सकता है। डेट में निवेश होने का मतलब यह नहीं है कि आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है।

आपका फंड निगेटिव रिटर्न दे रहा है तो क्या करें?

अगर आपके एग्रेसिव हाइब्रिड फंड (Aggressive Hybrid Fund) ने पिछले एक साल में निगेटिव रिटर्न दिया है, तो केवल इसी आधार पर निवेश बेचने या फंड बदलने का फैसला करना सही नहीं होगा। निवेश से जुड़े निर्णय लेने से पहले कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है।

– 3 और 5 साल का रिटर्न देखें: एक साल के प्रदर्शन के बजाय लंबी अवधि में फंड ने कैसा प्रदर्शन किया है, इसकी जांच करें।

– बेंचमार्क से तुलना करें:- देखें कि फंड अपने बेंचमार्क और इसी कैटेगरी के दूसरे फंड्स की तुलना में कैसा रहा है।

– पोर्टफोलियो और जोखिम समझें:- फंड किन कंपनियों और डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करता है, यह जानना जरूरी है।

– अपने निवेश का लक्ष्य देखें:- अगर आपका निवेश लंबी अवधि के लिए है, तो छोटी अवधि की गिरावट को अपने लक्ष्य और जोखिम सहने की क्षमता के संदर्भ में परखें।

– सिर्फ पिछले विजेता के पीछे न भागें:- जिस फंड ने पिछले एक साल में सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है, जरूरी नहीं कि वह आगे भी सबसे बेहतर प्रदर्शन करे।

निवेशकों के लिए अहम बात

एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स (Aggressive Hybrid Funds) में इक्विटी और डेट का मिक्स्ड होता है, लेकिन इनमें बाजार का जोखिम बना रहता है। इसलिए केवल एक साल के रिटर्न या फंड के आकार को देखकर फैसला करने के बजाय लंबी अवधि का प्रदर्शन, निवेश की रणनीति और अपने वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखें।

नोट:- लेख में रिटर्न और एसेट्स के आंकड़े आपके दिए गए स्रोत पर आधारित हैं। निवेश से जुड़े निर्णय से पहले नवीनतम फंड डेटा और आधिकारिक दस्तावेज जरूर जांचें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN