Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- Dividend Stocks: ICICI प्रूडेंशियल मैनेजमेंट कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए हर शेयर पर ₹30 अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है
- इलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी ने 0.50 रुपये अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है
- MRPL ने ₹3 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है
Dividend Stocks: शेयर बाजार में डिविडेंड से कमाई करने वाले निवेशकों के लिए इलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी, ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी और मैंग्लोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) के शेयर चर्चा में हैं। तीनों कंपनियों ने अपने अंतरिम डिविडेंड के लिए 21 अक्टूबर 2026 की रिकॉर्ड डेट तय की है। हालांकि, दशहरा के कारण मंगलवार, 20 अक्टूबर को शेयर बाजार बंद है। ऐसे में रिकॉर्ड डेट से पहले सोमवार, 19 अक्टूबर को आखिरी कारोबारी सत्र था।
किन शेयरों पर कितना डिविडेंड मिलेगा?
1.इलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी
इलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी ने पात्र शेयरधारकों के लिए हर शेयर पर 0.50 रुपये अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है। इसके लिए 21 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट निर्धारित की गई है।
डिविडेंड हिस्ट्री: कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹1.50 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड की भी सिफारिश की थी। कंपनी इससे पहले अक्टूबर 2025 और अक्टूबर 2024 में ₹0.50 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है।
2. ICICI प्रूडेंशियल AMC
ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए हर शेयर पर ₹30 अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है। तीनों कंपनियों में प्रति शेयर घोषित होने वाली यह सबसे बड़ी डिविडेंड राशि है।
डिविडेंड हिस्ट्री: कंपनी ने जनवरी 2026 में ₹14.85 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड और जून 2026 में ₹12.40 प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड दिया था। नई घोषणा के साथ उपलब्ध रिकॉर्ड में जनवरी 2026 से घोषित डिविडेंड का कुल आंकड़ा ₹57.25 प्रति शेयर हो जाता है।
3. MRPL
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल रिफाइनिंग कंपनी MRPL ने ₹3 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है। कंपनी ने इसके लिए भी 21 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। 19 अक्टूबर को शेयर ₹173.60 पर था।
डिविडेंड हिस्ट्री: MRPL ने मार्च 2026 में ₹4 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दिया था। इससे पहले अगस्त 2024 में ₹2 प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड और फरवरी 2024 में ₹1 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दिया गया था।
रिकॉर्ड डेट का क्या मतलब है?
रिकॉर्ड डेट वह तारीख होती है, जिसके आधार पर कंपनी यह तय करती है कि कौन-से शेयरधारक डिविडेंड पाने के पात्र हैं। भारतीय शेयर बाजार में T+1 सेटलमेंट व्यवस्था के तहत पात्रता के लिए आम तौर पर रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर खरीदना जरूरी होता है।
मान लीजिए, MRPL ₹3 प्रति शेयर डिविडेंड दे रही है और रिकॉर्ड डेट 21 अक्टूबर 2026 है। अगर आपके पास 100 शेयर हैं, तो आपको मिलने वाला डिविडेंड ₹300 होगा।
अगर आपने पात्रता के लिए शेयर पहले से खरीदे थे और 19 अक्टूबर को बेच दिए, तो सामान्य T+1 व्यवस्था में भी आप डिविडेंड के पात्र रह सकते हैं, बशर्ते बिक्री एक्स-डिविडेंड तारीख पर या उसके बाद हुई हो और अन्य शर्तें पूरी हों।
चूंकि 20 अक्टूबर को बाजार बंद है और 21 अक्टूबर रिकॉर्ड डेट है, इसलिए इन कंपनियों के शेयरों में पात्रता के लिए 19 अक्टूबर का कारोबारी सत्र महत्वपूर्ण था। अगर आपने 19 अक्टूबर को ही पहली बार शेयर खरीदे, तो उस ट्रेड के सेटलमेंट और एक्स-डिविडेंड तारीख को ध्यान में रखकर पात्रता की पुष्टि करनी चाहिए।
डिविडेंड पाने के लिए शेयर कब खरीदना जरूरी है: भारत में शेयरों का सामान्य सेटलमेंट T+1 है। इसलिए रिकॉर्ड डेट से ठीक पहले वाले कारोबारी दिन तक शेयर खरीद लेना आम तौर पर जरूरी होता है।
(डिस्क्लेमर: यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)
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