Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- यह इश्यू ऐसे समय आ रहा है, जब निवेशक यह देख रहे हैं कि जियो अपने विशाल कस्टमर बेस का लाभ उठाकर डिजिटल सेवाओं, टेक्नोलॉजी और एआई से अधिक मुनाफा देने वाला राजस्व कितना बढ़ा सकती है
Jio IPO News: रिलायंस इंडस्ट्रीज की इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के आईपीओ का इंतजार कुछ ही घंटे में खत्म हो जाएगा। रिटेल निवेशकों के लिए यह आईपीओ 21 अक्टूबर यानी बुधवार से ओपन हो रहा है। इससे पहले, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने एक बड़ा बयान दिया है।
क्या कहा आकाश अंबानी ने?
आकाश अंबानी ने कहा कि कंपनी ग्रोथ के लिए टेलीकॉम से आगे अपनी टेक्नोलॉजी, एआई और क्लाउड क्षेत्र पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि जियो सिर्फ टेलीकॉम इकाई नहीं बल्कि एक टेक्नोलॉजी कंपनी है। आकाश अंबानी ने कहा, ”जियो के लिए टेलीकॉम और टेक्नोलॉजी में से किसी एक को चुनने का सवाल नहीं है, क्योंकि हमारा नेटवर्क ही हमारी टेक्नोलॉजी है।” उन्होंने कहा कि कंपनी ने अपना 5जी कोर नेटवर्क, क्लाउड आधारित रेडियो नेटवर्क और सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म खुद विकसित किया है। जियो का यह नेटवर्क 53.33 करोड़ ग्राहकों को सेवाएं देता है। अंबानी ने कहा, ”कनेक्टिविटी इस प्लेटफॉर्म पर हमारा पहला प्रोडक्ट था। डिजिटल सेवाएं, एआई और क्लाउड वे चीजें हैं जिन्हें हम अब इसके साथ क्रमिक रूप से जोड़ रहे हैं।” अंबानी ने कहा कि जियो के वृद्धि अवसर मोबाइल सेवाओं से लेकर होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज डिजिटल समाधानों तक फैले हुए हैं। देश में आज भी करीब 26 करोड़ भारतीय 2जी सेवाओं का उपयोग करते हैं, जबकि फिक्स्ड ब्रॉडबैंड देश के केवल लगभग 21 प्रतिशत घरों तक पहुंच पाया है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की शुद्ध फिक्स्ड-ब्रॉडबैंड वृद्धि में जियो की हिस्सेदारी 67.56 प्रतिशत थी, जबकि देश के 7.9 करोड़ से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) में डिजिटल-सेवाओं को अपनाने वाले अभी भी तीन प्रतिशत से कम हैं। अंबानी ने कहा, ”हमारा लक्ष्य ग्राहकों की संख्या बढ़ाने, उनके साथ जुड़ाव मजबूत करने और प्रत्येक ग्राहक को अधिक सेवाएं देने पर है। जियो का प्रत्येक ग्राहक पहले से ही औसतन हर महीने 43.7 जीबी डेटा इस्तेमाल करता है। शुल्क दरें एक बड़ी कहानी का सिर्फ एक हिस्सा हैं।”
आईपीओ डिटेल
बता दें कि जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। इसके तहत नए शेयर जारी कर करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से शेयरों की बिक्री (ओएफएस) का कोई हिस्सा नहीं है। कंपनी ने इश्यू के लिए प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया है। कीमत के उच्च स्तर पर जियो का मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर बैठता है।
जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ से पहले अपर प्राइस बैंड पर 212 एंकर यानी बड़े निवेशकों को 8,109.85 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए हैं। कंपनी के शेयरों के लिए संस्थागत निवेशकों की बोली का आंकड़ा 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है, जो एंकर निवेशकों के लिए रखे गए शेयरों की तुलना में 30 गुना से अधिक है।
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