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ईरान को फिर दहलाने चले थे नेतन्याहू, ट्रंप ने लगा दिया इमरजेंसी ब्रेक! क्यों फूले हाथ-पांव?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) 10 अक्टूबर 2026 वाले वीकेंड पर ईरान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले करने के लिए पूरी तरह तैयार था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें रोक लिया।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस महीने की शुरुआत में ईरान के परमाणु ठिकानों और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा हमला करने की योजना बना रहे थे। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े विरोध के बाद इस योजना को फिलहाल टालना पड़ा है।

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप 3 नवंबर को होने जा रहे अमेरिकी मध्यावधि चुनावों (US Midterm Elections) से ठीक पहले ईरान के साथ नए सिरे से युद्ध या सैन्य संघर्ष की शुरुआत नहीं चाहते थे।

10 अक्टूबर के वीकेंड पर हमले की थी पूरी तैयारी

सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) 10 अक्टूबर 2026 वाले वीकेंड पर ईरान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले करने के लिए पूरी तरह तैयार था।

कौन से थे निशाने? इस योजना के तहत ईरानी परमाणु सुविधाओं, शासन के ठिकानों और नागरिक बुनियादी ढांचे (ऊर्जा संयंत्रों और तेल रिफाइनरियों) को निशाना बनाया जाना था।

सूत्रों का कहना है कि यदि यह हमला होता, तो यह इसी साल फरवरी में अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए संयुक्त सैन्य हमलों से भी ज्यादा भीषण और विनाशकारी होता।

एक सूत्र ने बताया कि इजरायल ने नए ठिकानों की लिस्ट तैयार कर ली है, और आने वाले हफ्तों में यह हमला दोबारा शुरू होना कोई “असंभव परिदृश्य” नहीं है।

अमेरिकी और इजरायली चुनावों का गणित

रिपोर्ट में कहा गया है कि हमलों को रोकने के पीछे अमेरिकी मिडटर्म चुनाव और 27 अक्टूबर को होने वाले इजरायली आम चुनाव की टाइमिंग सबसे मुख्य वजह रही।

राष्ट्रपति ट्रंप ने 9 अक्टूबर को ही स्पष्ट कर दिया था कि वाशिंगटन चुनाव से पहले ईरान पर कोई हमला नहीं करेगा।

यरूशलम का आकलन है कि अगर अमेरिका या इजरायल ईरान पर हमला करते हैं, तो ईरान इसके जवाब में इजरायल पर भारी मिसाइलें दागेगा। आईडीएफ चीफ ऑफ स्टाफ ले. जनरल ईयाल जमीर ने अमेरिकी अधिकारियों को आगाह किया था कि ऐसे बड़े हमले के कारण इजरायल में होने वाले चुनाव को स्थगित तक करना पड़ सकता है।

यह रिपोर्ट अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की इजरायल की उस गुप्त यात्रा के ठीक दो दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नेतन्याहू से क्षेत्रीय खतरों और ईरान नीति पर बंद कमरे में बातचीत की थी।

इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स का मानना है कि नेतन्याहू का यह कदम ईरान पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने या वार्ता में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। फिलहाल पेंटागन या इजरायली पीएमओ की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN