Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- Stock Market Crash Today: सेंसेक्स करीब 700 टूट गया, जबकि निफ्टी 50 गिरकर 22,600 के नीचे पहुंच गया
- दोनों बेंचमार्क इंडेक्स में करीब 1% की गिरावट से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये की कमी आई
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 22 अक्टूबर को भारी बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स-निफ्टी लाल हो गए। बीएसई-एनएसई पर स्टॉक्स हरे से ज्यादा लाल रंग में रंगे थे। सेंसेक्स करीब 700 टूट गया, जबकि निफ्टी 50 गिरकर 22,600 के नीचे पहुंच गया। दोनों बेंचमार्क इंडेक्स में करीब 1% की गिरावट से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। बाजार में गिरावट के पीछे केवल कच्चे तेल की उछलती कीमतें ही नहीं, बल्कि एक्सपायरी से जुड़ी उठापटक और निवेशकों की सतर्कता प्रमुख वजहों में शामिल रही।
गिरावट का आलम यह ह कि पावर ग्रिड के शेयर करीब 3% टूटकर सेंसेक्स के प्रमुख नुकसान वाले शेयरों में आ गया। टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, BEL, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत कई शेयर 1 से 2% तक गिर गए। ऑटो, FMCG, मेटल और फार्मा सेक्टर में भी करीब 2% की कमजोरी रही।
बाजार में गिरावट की 4 बड़ी वजहें
1-कच्चे तेल में लगी आग: ब्रेंट क्रूड अब $110 प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों की मुनाफे पर इसके असर को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से तेल की कीमतें ऊपर जा रही हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, सऊदी अरब में यमन के ईरान समर्थित हूथियों के हमलों के बाद अमेरिका ने अपने कुछ राजनयिकों और उनके परिवारों को सऊदी अरब में मौजूद अपने मिशनों से निकलने का आदेश दिया है।
2. एक्सपायरी के कारण बढ़ी उठापटक: डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट की एक्सपायरी के दौरान ट्रेडर्स अपनी पोजीशन में बदलाव करते हैं। इससे बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। गुरुवार को भी एक्सपायरी से जुड़ी गतिविधियों के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना।
3. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली: बाजार की कमजोरी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। इससे संकेत मिला कि निवेशक जोखिम वाले शेयरों में अपनी हिस्सेदारी घटा रहे थे।
4. कई सेक्टरों में दबाव: बिकवाली का असर कई प्रमुख शेयरों और सेक्टरों पर पड़ा। बाजार में व्यापक कमजोरी के कारण निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ी गिरावट आई।
निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?
बाजार में गिरावट के दौरान जोखिम बढ़ने का संकेत इंडिया VIX में भी दिखा। यह लगभग 6% उछलकर 16.60 पर पहुंच गया। NSE पर सुबह के कारोबार में 2,348 शेयर गिरावट में थे, जबकि 510 शेयर बढ़त पर थे। बाजार में तेज गिरावट के दौरान निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। निवेश से पहले कंपनियों के नतीजों, शेयरों के मूल्यांकन और बाजार की दिशा पर ध्यान देना जरूरी है। शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को रिस्क मैनेमेंट पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
(डिस्क्लेमर: यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)
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