Home rss world hindi चुनाव से पहले ही ट्रंप कर देंगे ईरान पर हमला! रैली में...

चुनाव से पहले ही ट्रंप कर देंगे ईरान पर हमला! रैली में बोले- ‘एक और छोटा एपिक फ्यूरी’ कर सकते हैं

4
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

फ्लोरिडा में समर्थकों की भीड़ को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने आक्रामक विदेश नीति का रुख अपनाते हुए कहा, हम एक और छोटा एपिक फ्यूरी कर सकते हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नए सिरे से सैन्य कार्रवाई का संकेत देकर मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है। फ्लोरिडा के फोर्ट मायर्स में आयोजित एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर तेहरान अमेरिका के साथ समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करता है, तो वाशिंगटन ईरान के खिलाफ “एक और छोटा एपिक फ्यूरी” सैन्य ऑपरेशन शुरू कर सकता है।

गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ अमेरिका और उसके सहयोगियों की ओर से ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों के खिलाफ चलाए गए बड़े सैन्य अभियान का आधिकारिक कोड नेम है।

चुनावी रैली में ट्रंप की ईरान को चेतावनी

फ्लोरिडा में समर्थकों की भीड़ को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने आक्रामक विदेश नीति का रुख अपनाते हुए कहा, “हम एक और छोटा एपिक फ्यूरी कर सकते हैं, या फिर वे समझौते के लिए राजी हो जाएंगे। अगर वे समझदार हैं, तो बस यही कहेंगे- ‘चलिए, सीधे काम की बात करते हैं।’ लेकिन मुझे संदेह है कि वे ऐसा करेंगे, क्योंकि शायद उनमें उतनी अक्ल नहीं है।”

अमेरिकी राजदूत का “वीकेंड अटैक” वाला बयान और ट्रंप का रुख

ट्रंप की यह तीखी टिप्पणी तुर्की में अमेरिका के राजदूत टॉम बैरक के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद आई है, जिसमें उन्होंने इस वीकेंड ईरान पर हमले की पूरी संभावना जताई थी।

एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या इस वीकेंड ईरान पर हमला हो सकता है, तो बैरक ने कहा था, “क्या इस वीकेंड स्ट्राइक हो सकती है? बिल्कुल! अगर आप दुनिया, हमारे सहयोगियों और खाड़ी देशों को लगातार धमकी देंगे, तो उसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हालांकि, ये परिणाम सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं होंगे।”

रैली से पहले संवाददाताओं ने जब ट्रंप से राजदूत बैरक के बयान के बारे में पूछा, तो उन्होंने इससे खुद को अलग करते हुए कहा, “क्या वो मेरे राजदूत थे? मुझे लगता है कि वे काफी शक्तिशाली व्यक्ति हैं। अगर ऐसा है, तो मुझे इस (इस वीकेंड हमले) बारे में फिलहाल कुछ नहीं पता।”

ईरान हमले का अमेरिकी मिडटर्म चुनाव पर असर

ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव और अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिका के घरेलू चुनाव पर भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है।

इस महीने की शुरुआत में ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर दोबारा हमला नहीं करेगा। हालांकि, अब चुनावी रैली में वह फिर से हमला करने की धमकी दे रहे हैं। ऐसे में लग रहा है कि ट्रंप इसे चुनावी मुद्दा बना रहे हैं।

पिछले 8 महीनों से जारी इस संघर्ष और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इससे अमेरिका में महंगाई बढ़ी है, जो आगामी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की पार्टी के लिए बड़ा आर्थिक मुद्दा बन गया है।

फिलहाल तेहरान और अमेरिका के बीच किसी भी कूटनीतिक समझौते पर सहमति नहीं बन सकी है, जिससे मध्य पूर्व में एक बार फिर बड़े पैमाने पर सैन्य संघर्ष छिड़ने की आशंका तेज हो गई है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN