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विधवा होकर सिंदूर क्यों लगाती हैं रूपा गांगुली? ट्रोलर्स को महाभारत की ‘द्रौपदी’ ने दिया करारा जवाब

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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रूपा गांगुली ने खुद विधवा होते हुए भी सिंदूर लगाने पर उन्हें ट्रोल करने वालों को करारा जवाब दिया है। आइए जानते हैं रूपा गांगुली ने क्या कहा?

महाभारत में द्रौपदी के किरदार से फेमस हुईं रूपा गांगुली ने खदु को एक्टिंग के साथ राजनीति में भी खुद को साबित किया। भाजपा विधायक रूपा गांगुली इन दिनों रूपा गांगुली सिंदूर लगाने को लेकर ट्रोल हो रही हैं। ऐसे में अब रूपा गांगुली ने खुद विधवा होते हुए भी सिंदूर लगाने पर उन्हें ट्रोल करने वालों को करारा जवाब दिया है। आइए जानते हैं रूपा गांगुली ने क्या कहा?

किसके लिए लगाती हूं सिंदूर ये किसी को बताने की जरूरत नहीं

सोनारपुर दक्षिण की विधायक रूपा गांगुली ने एक इंटरव्यू में पति की मृत्यु के बाद महिला के सिंदूर लगाने पर सवाल उठाया है। रूपा ने कहा कि वह किस वजह से और किसके लिए सिंदूर लगाती हैं, इसका जवाब किसी को नहीं देंगी। एक्ट्रेस ने ये भी साफ कहा कि सिंदूर लगाना उनकी अपनी पसंद है और इसके लिए वह किसी को जवाब देने के लिए बाध्य नहीं हैं।

अभिनय करियर से किया था समझौता

बता दें कि रूपा गांगुली ने साल 1992 में मैकेनिकल इंजीनियर ध्रुव मुखोपाध्याय से शादी की थी। शादी के कुछ साल बाद ही उनके शादीशुदा जिंदगी में दरार आनी शुरू हो गई और वो साल 2007 में दोनों का तलाक हो गया। इससे पहले रूपा ने अपने वैवाहिक जीवन के बारे में बताते हुए कहा था कि गृहस्थी बचाने के लिए उन्होंने अभिनय करियर से भी समझौता किया था। यही नहीं वो अपने शूटिंग का समय सुबह नौ से रात दस बजे तक रखती थी ताकि अपने परिवार को टाइम दे सकें। इसके बावजूद उनका रिश्ता कायम नहीं रह सका। आपको बता दें कि रूपा गांगुली ने बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ में द्रौपदी का किरदार निभाया था। इस रोल से उन्हें घर-घर में खास पहचान मिली।

नुसरत जहां ने किया था सपोर्ट

बांग्ला अभिनेत्री और पॉलिटिशियन नुसरत जहां ने दुर्गा पूजा के दौरान सिंदूर खेला को लेकर धर्म के नाम पर हो रही आलोचना का जवाब दिया है। दशमी के दिन पारंपरिक सफेद बंगाली साड़ी, शंख-पोला और मांग में सिंदूर लगाए उनकी तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर उनकी धार्मिक पहचान को लेकर सवाल उठाए गए। इस पर नुसरत ने ट्रोर्ल्‍स को जवाब देते हुए साफ शब्दों में कहा कि त्योहार सभी के लिए होता है। ये इंसान के व्यक्तिगत पसंद का मामला है। उन्होंने ट्रोलर्स से कहा कि यदि उन्हें लगता है कि वे अपने धर्म के बारे में सब कुछ जानते हैं, तो वे अपनी मान्यताओं को अपने तक रखें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN