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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। JDU नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और महाराष्ट्र के अमरावती की पूर्व सांसद नवनीत राणा ने मल्लिकार्जुन खरगे पर तीखा हमला बोला है। ललन सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष पर राजनीतिक मर्यादा की सीमाएं लांघने का आरोप लगाते हुए उनसे माफी की मांग की, जबकि नवनीत राणा ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके माता-पिता का सम्मान करने वाले लोग खरगे की टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। ललन सिंह ने यहां तक कहा कि इसके पीछे या तो उम्र का असर है या फिर वह मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गए हैं।
नवनीत राणा बोलीं- खरगे जी, बचकर रहना
नवनीत राणा ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पिता के बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के लिए ‘जी’ कहने तक के बारे में सोचना पड़ रहा है, क्योंकि उन्होंने प्रधानमंत्री के पिता को लेकर इस तरह की टिप्पणी की है। नवनीत राणा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के परिवार के बारे में मंच से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना पूरे देश के लिए निंदनीय है। उन्होंने कांग्रेस पर अपनी मर्यादा और संस्कृति भूलने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “खरगे जी, बचकर रहना। आप देश में जहां भी घूमेंगे, वहां ऐसे लोग मिलेंगे जो अपने माता-पिता से प्रेम करते हैं और उनका सम्मान करते हैं। कांग्रेस सम्मान करना भूल गई होगी, लेकिन इस देश के मतदाता नहीं भूले हैं। खरगे जी, जहां जाओगे, लोग आपको छोड़ेंगे नहीं।”
ललन सिंह ने कहा- राजनीतिक मर्यादा की सारी सीमाएं पार
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने भी खरगे के बयान की कड़ी आलोचना की। संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष बार-बार राजनीतिक मर्यादा की सीमाएं लांघ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने वरिष्ठ पद पर बैठे नेता प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं।
ललन सिंह ने कहा कि खरगे के व्यवहार के पीछे या तो उम्र का असर है या फिर वह मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गए हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी को अनुचित बताते हुए कहा कि इस तरह की भाषा की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
उन्होंने 1974 के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार के खिलाफ लोगों ने आंदोलन किया था, लेकिन उनके खिलाफ इस तरह की अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया गया था। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस नेताओं को आखिर हो क्या गया है।
पटना में कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, यह विवाद पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ। बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों को जेल भेजने की बात कही थी।
इसी दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि जब तक विद्रोह नहीं होगा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। इस पर कांग्रेस अध्यक्ष ने जवाब देते हुए कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
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