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AI से आगे निकलने की तैयारी में ट्रंप, अमेरिका में ‘सुपर इंटेलिजेंस’ पर जोर देने का ऐलान

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनकी सरकार सरकारी कागजात और आधिकारिक बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और AI शब्दों का इस्तेमाल बंद कर देगी। उनकी जगह सुपर इंटेलिजेंस और SI का इस्तेमाल किया जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने AI को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि उनकी सरकार अब सरकारी दस्तावेजों और आधिकारिक बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एआई शब्दों का इस्तेमाल बंद कर देगी। उनकी जगह ‘सुपर इंटेलिजेंस’ और ‘SI’ शब्द इस्तेमाल किए जाएंगे। ट्रंप का कहना है कि पुराना नाम अब इस तकनीक की असली ताकत और क्षमताओं को सही तरीके से नहीं बताता है।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में यह बात कही। उन्होंने वॉल स्ट्रीट जर्नल पर सवाल उठाते हुए लिखा कि अखबार कब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को छोड़कर ‘एसआई (सुपर इंटेलिजेंस)’ कहना शुरू करेगा। इस दौरान ट्रंप ने पुराने नाम को ‘बहुत खराब और गलत’ बताया। उन्होंने कहा कि नया नाम ‘सुपर इंटेलिजेंस’ लगभग हर कोई इस्तेमाल कर रहा है या जल्द ही करेगा। पोस्ट में ट्रंप ने आगे लिखा कि जल्द ही हम सभी जरूरी दस्तावेजों और बाकी चीजों में ‘एआई/आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ शब्द को आधिकारिक रूप से बैन कर देंगे, क्योंकि यह गलत जानकारी देता है।

यह बयान 30 सितंबर को ट्रंप के साइन किए एक कार्यकारी आदेश के बाद आया है। आदेश का नाम था ‘सुपर इंटेलिजेंस के युग की शुरुआत।’ इसमें संघीय कार्यकारी विभागों और एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे आधिकारिक पत्र-व्यवहार, सार्वजनिक संदेश, आधिकारिक वेबसाइट, रिपोर्ट और प्रशासनिक नीति दस्तावेजों में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ और ‘एआई’ की जगह ‘सुपर इंटेलिजेंस’ और ‘एसआई’ का इस्तेमाल करें। यह बदलाव कानून द्वारा दी गई अधिकतम सीमा तक लागू किया जाएगा। आदेश में साफ किया गया है कि पुराने जारी नियमों, मौजूदा सरकारी ठेकों, ग्रांट और पुराने अभिलेखीय रिकॉर्ड में पीछे की तारीख से कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। यानी पहले से मौजूद दस्तावेजों पर यह नया नियम लागू नहीं होगा।

बदलाव का कारण बताते हुए आदेश में कहा गया कि तकनीक में तरक्की अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पुराने ढांचे से काफी आगे निकल गई है। आज के अग्रणी सिस्टम सिर्फ इंसान की बुद्धि के अलग-अलग पहलुओं की नकल या उन्हें ऑटोमेट करने से कहीं ज्यादा काम करते हैं। वे इंसान की समझ को तेजी से बढ़ाते हैं और रचनात्मकता के नए तरीके खोलते हैं। इससे अमेरिकी लोग विज्ञान, चिकित्सा और लगभग हर दूसरे क्षेत्र में वह हासिल कर पा रहे हैं जो पहले नामुमकिन लगता था।

आदेश में विज्ञान और तकनीक के लिए राष्ट्रपति के सहायक को 60 दिन की डेडलाइन भी दी गई है। उन्हें कांग्रेस को प्रस्तावित कानूनी भाषा जमा करनी होगी। इसमें ‘सुपर इंटेलिजेंस’ की अपडेटेड संघीय कानूनी परिभाषा तय की जाएगी और मौजूदा कानूनों में उससे जुड़े जरूरी बदलावों की सिफारिश की जाएगी। यह कदम ट्रंप के वाइट हाउस में एलन मस्क, मार्क जुकरबर्ग, सुंदर पिचाई और जेनसेन हुआंग जैसे बड़े टेक्नोलॉजी अधिकारियों की मेजबानी के बाद आया है। बैठक में तकनीक की तेज तरक्की और उन्नत सिस्टम के सुरक्षित विकास पर चर्चा हुई थी। ट्रंप ने सेक्टर की वृद्धि को पहले कभी नहीं हुई बताया, जबकि उद्योग के नेताओं ने नई तकनीक विकसित करने में सहयोग और सुरक्षा पर जोर दिया।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN