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Rajat Sharma’s Blog: MLC चुनाव बैलट से हुए, फिर भी कांग्रेस को ज़ीरो क्यों?

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Source :- Khabar Indiatv

उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों को लिए चुनाव हुए। सभी राज्यों से तकरीबन mixed नतीजे आये हैं। कर्नाटक में कांग्रेस की चारों सीटों पर हार चौंकाने वाली है। सिद्धरामैया के हटने के बाद डी. के. शिवकुमार का पहला इम्तिहान था। वो फेल हो गए। बाकी राज्यों मे भी कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली।

बैलट पेपर से चुनाव हुए तो भी कांग्रेस की हार बताती है कि समस्या EVM में या वोटर लिस्ट में नहीं है। वैसे तो MLC चुनाव पर इतनी चर्चा नहीं होती, इस चुनाव में शिक्षक या स्नातक वोट डालते हैं। बस इतना पता चलता है कि पढ़े-लिखे लोग किस पार्टी के साथ हैं,लेकिन यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसीलिए BJP और समाजवादी पार्टी ने इस बार इन चुनावों में पूरी ताकत लगाई।

यूपी में जो जीता, वो MLC चुनाव के नतीजों को आने वाले विधानसभा चुनाव का trend बता रहा है, जो हारा, चुनाव आयोग पर इल्ज़ाम लगा रहा है। उत्तर प्रदेश में मिले जुले नतीजे आने वाले विधान सभा चुनाव को और भी कांटे का बना देंगे। 

बिहार में भी MLC के चुनाव को लेकर घमासान है क्योंकि यहां प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी की ताक़त का इम्तिहान था। BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की बांकीपुर विधानसभा सीट जीतकर प्रशांत किशोर ने बहुत बड़ा मैदान मारा था। अब अगर MLC चुनाव में वो शिक्षित वोटरों की एक-दो सीट जीत लेते हैं, तो  उनका सिक्का जम जाएगा। आप देखेंगे कि महाराष्ट् में भी MLC चुनाव हुए, लेकिन वहां इतनी मारामारी नहीं हुई। वहां अपेक्षित नतीजे आए। 

UP के CEO नवदीप रिणवा ने माफी क्यों मांगी?

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा को अपने ट्वीट की भाषा को लेकर माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि यूपी चुनाव आयोग के ट्विटर हैंडल से जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया वैसा नहीं होना चाहिए। नवदीप रिणवा ने कहा कि चुनाव आयोग भविष्य में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करेगा, जिससे किसी को परेशानी हो या किसी का अपमान हो।

REEL और social media के ज़माने में कभी-कभी ज़्यादा चतुराई दिखाना भी मुश्किल पैदा कर देता है। यूपी में मुख्य चुनाव अधिकारी के साथ यही हुआ, हालांकि अच्छा हुआ, उन्होंने अपनी ग़लती मान ली और विवाद को ज़्यादा नहीं बढ़ने दिया।

यूपी में चुनाव आयोग ने एक और सही काम ये किया कि फ़र्ज़ी वोट बनाने वाले अफ़सरों के ख़िलाफ़ एक्शन लिया। इससे ये भी साबित हो गया कि वोट काटने, जोड़ने का काम न तो दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त  करते हैं, न यूपी के मुख्य चुनाव अधिकारी। ये काम बूथ लेवल  के अफ़सर करते हैं। ऐसे अफ़सरों को हटाने से अच्छा संदेश जाएगा।

तिरुपति : मंदिर परिसर में reels न बनाएं

तिरुपति के मंदिर परिसर में अब जो भी व्यक्ति वीडियो रील बनाएगा, उसे कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे। तिरुपति तिरुमला देवस्थानम ट्रस्ट ने श्रीवारी मंदिर के सामने डांस करने और रील बनाने वाले जोड़ों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने फिल्मी गानों पर डांस का रील बना कर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था। मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि वो पवित्र तीर्थस्थल की गरिमा और पवित्रता बनाए रखने में सहयोग करें।

तिरुपति बालाजी के दर्शन करने के लिए दुनिया भर से करोड़ों लोग आते हैं। इस मंदिर का वातावरण बहुत ही पवित्र और शांत है। चारों तरफ़ सिर्फ़ गोविंदा, गोविंदा की गूंज सुनाई देती है। ऐसी जगह पर अगर REEL बनाने वाले पहुंच जाएंगे तो वाक़ई मंदिर की गरिमा पर चोट पहुंचेगी। इसलिए तिरुपति तिरुमला देवस्थानम ने मंदिर के सामने REEL बनाने पर रोक लगाकर अच्छा काम किया है।

देखें: ‘आज की बात‘, रजत शर्मा के साथ’ 27 अक्टूबर, 2026 का पूरा एपिसोड

SOURCE : - KHABAR INDIA NEWS