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5.6 गुना बढ़ गया इस बैंक का मुनाफा, अब शेयर पर रहेगी नजर! 155.36 रुपये है भाव

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • बंधन बैंक ने सितंबर तिमाही में 622 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया
  • पिछले साल की समान तिमाही यानी Q2 FY26 में बैंक का मुनाफा 112 करोड़ रुपये था
  • इस तरह सालाना आधार पर बैंक के मुनाफे में 510 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई

Bandhan Bank Q2 Results: बंधन बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी सितंबर तिमाही के अपने नतीजे आज बुधवार को जारी कर दिए। सितंबर तिमाही में बैंक का शानदार परफॉर्मेंस रहा। बैंक का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के 112 करोड़ रुपये से बढ़कर 622 करोड़ रुपये हो गया। यानी बैंक के मुनाफे में सालाना आधार पर करीब 5.6 गुना तक का उछाल आया है। इसके साथ ही बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी बढ़ोतरी देखी गई है। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी जून तिमाही के मुकाबले मामूली सुधार देखने को मिला। इन नतीजों के बीच 28 अक्टूबर को बंधन बैंक के शेयर में भी तेजी रही। बैंक के शेयर आज 2 पर्सेंट से ज्यादा चढ़कर 155.36 रुपये पर पहुंच गए थे। अब कल गुरुवार को यह शेयर फोकस में रह सकता है।

क्या है डिटेल – जानिए

बंधन बैंक ने सितंबर तिमाही में 622 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। पिछले साल की समान तिमाही यानी Q2 FY26 में बैंक का मुनाफा 112 करोड़ रुपये था। इस तरह सालाना आधार पर बैंक के मुनाफे में 510 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। बैंक के मुनाफे में इस उछाल के पीछे नेट इंटरेस्ट इनकम में बढ़ोतरी और प्रोविजन में पिछले साल के मुकाबले आई कमी की अहम भूमिका रही। प्रोविजन वह रकम होती है, जिसे बैंक संभावित कर्ज नुकसान जैसी स्थितियों से निपटने के लिए अलग रखता है।

NII में 14% की बढ़ोतरी

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम यानी NII भी बढ़ी है। आसान भाषा में समझें तो बैंक को कर्ज पर मिलने वाले ब्याज और जमा पर दिए जाने वाले ब्याज के बीच जो अंतर बचता है, उसे नेट इंटरेस्ट इनकम कहा जाता है। सितंबर तिमाही में बंधन बैंक की NII बढ़कर 2,961 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह 2,589 करोड़ रुपये थी। इस तरह इसमें सालाना आधार पर 14% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

जून तिमाही से खर्च अधिक

बंधन बैंक के प्रोविजन में पिछले साल के मुकाबले अच्छी-खासी कमी देखने को मिली। सितंबर तिमाही में बैंक ने 718 करोड़ रुपये का प्रोविजन किया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह रकम 1,153 करोड़ रुपये थी। हालांकि, जून तिमाही के मुकाबले प्रोविजन बढ़ा है। जून 2026 में बैंक का प्रोविजन 683 करोड़ रुपये था, जो सितंबर तिमाही में बढ़कर 718 करोड़ रुपये हो गया। इसका मतलब है कि पिछले साल के मुकाबले स्थिति बेहतर हुई है, लेकिन कर्ज से जुड़े संभावित नुकसान का दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

बैंक की एसेट क्वालिटी में मामूली सुधार

किसी भी बैंक की वित्तीय स्थिति समझने के लिए यह देखना जरूरी होता है कि उसका कितना कर्ज समय पर वापस नहीं आ रहा है। ऐसे कर्ज को NPA यानी नॉन-परफॉर्मिंग एसेट कहा जाता है। बंधन बैंक का ग्रॉस NPA सितंबर तिमाही में घटकर 3.11% रह गया, जबकि जून तिमाही में यह 3.15% था। वहीं, नेट NPA भी जून तिमाही के 0.93% से घटकर 0.92% पर आ गया। इन आंकड़ों से पता चलता है कि पिछली तिमाही के मुकाबले बैंक के फंसे हुए कर्ज के रेशियो में थोड़ा सुधार हुआ है।

देशभर में बैंक का नेटवर्क कितना बड़ा

बंधन बैंक अपने कारोबार को बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच बनाने पर काम कर रहा है। सितंबर तिमाही तक बैंक के देश के 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 2,001 ब्रांच थीं। इसके अलावा, बैंक के इमर्जिंग एंटरप्रेन्योर बैंकिंग सेगमेंट में 4,414 बैंकिंग यूनिट्स थीं। बैंक के ATM की संख्या 438 रही। वहीं, बैंक का कुल ग्राहक आधार बढ़कर 3.2 करोड़ यानी 32 मिलियन तक पहुंच गया। इससे पता चलता है कि बैंक का नेटवर्क और ग्राहक आधार काफी बड़ा है। बता दें कि बंधन बैंक के ग्राहक तेजी से डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। बैंक के मुताबिक, रिटेल ट्रांजैक्शन में से 98% लेनदेन डिजिटल माध्यम से किए गए। वहीं, 93% सेविंग अकाउंट डिजिटल चैनलों के जरिए खोले गए।

(डिस्क्लेमर: यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN