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हार्ट अटैक में जान बचा सकती है ये संजीवनी किट, कार्डियोलॉजिस्ट बोले- ये 3 गोलियां जरूर रखें!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें एक-एक मिनट काफी मायने रखती है। ऐसे में अगर आपके पास ये संजीवनी किट है, तो जान बचने के चांस काफी बढ़ जाते हैं। कार्डियोलॉजिस्ट से जानें इसमें कौन सी दवाइयां रखनी हैं

हमारे देश में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। आजकल तो कम उम्र में भी लोगों को हार्ट से जुड़ी बीमारियां और कई बार सीधा अटैक आने की शिकायत हो रही है। ऐसे में किसी भी इमरजेंसी के लिए पहले से तैयार रहना समझदारी भरा स्टेप है। हार्ट अटैक आने पर एक-एक मिनट का महत्व बढ़ जाता है, इसलिए शुरुआती कदम बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे में आप घर में ही एक इमरजेंसी किट बनाकर रख सकते हैं, जो हार्ट अटैक जैसी स्थिति में काम आ सकती है। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ एस.के त्रिपाठी ने ऐसी ही संजीवनी किट के बारे बताया है, जिसमें तीन दवाएं शामिल हैं। हार्ट अटैक जैसी मेडिकल इमरजेंसी में ये किट लाइफ सेविंग साबित हो सकती है। आइए जानते हैं इसमें क्या-क्या शामिल है।

क्या है संजीवनी किट?

डॉ त्रिपाठी कहते हैं कि जैसे संजीवनी बूटी ने लक्ष्मण जी की जान बचाई थी, उसी तरह ये संजीवनी किट हार्ट अटैक से जान बचाने में मदद कर सकती है। आमतौर पर इसमें तीन दवाएं शामिल होती हैं- एस्पिरिन, एटोरवास्टेटिन और क्लोपिडोग्रेल। ये दवाएं खून के थक्के बनने की प्रक्रिया और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने से जुड़े अलग-अलग तरीकों से काम करती हैं। आइए जानते हैं इन तीनों दवाओं का क्या काम है और इन्हें कैसे इस्तेमाल करना है।

एस्पिरिन कैसे करती है काम?

डॉ त्रिपाठी कहते हैं कि एस्पिरिन एक एंटी-प्लेटलेट ड्रग है। यानी ये खून के थक्के जमने की दर को कम करने का काम करती है। संजीवनी किट में आपको 325 mg की एस्पिरिन की गोली रखनी चाहिए। हार्ट अटैक के लक्षण महसूस होने पर इसे हमेशा दांत से चबाकर लेना चाहिए, ताकि ये खून में जल्दी पहुंच जाए।

किट में क्लोपिडोग्रेल की टैबलेट रखें

क्लोपिडोग्रेल भी एक एंटी-प्लेटलेट दवा है, जो एस्पिरिन के साथ मिलकर खून के थक्के जमने से रोकती है। डॉक्टर संजीवनी किट में 300 mg की क्लोपिडोग्रेल की गोली रखने की सलाह देते हैं। इसे पानी के साथ नॉर्मल टैबलेट की तरह निगलकर लेना होता है। एस्पिरिन की तरह इसे चबाया नहीं जाता है।

एटोरवास्टेटिन का क्या काम होता है?

एटोरवास्टेटिन खून में खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL को कम करने के साथ-साथ धमनियों में जमा प्लाक को स्थिर करने में मदद करती है। अगर प्लाक स्थिर हो जाता है, तो हार्ट अटैक के कारण धमनियों के बंद होने की दर कम हो जाएगी। संजीवनी किट में एटोरवास्टेटिन की डोज 80 mg रखी जाती है।

कब लेनी चाहिए ये दवाएं?

कार्डियोलॉजिस्ट कहते हैं कि कभी भी अगर आपके सीने में बहुत तेज दर्द उठे, घबराहट के साथ पसीना आए या सीने पर हाथ रखकर कोई कराहता हुआ दिखे, तो तुरंत सही डोज में ये तीनों दवाइयां ली जा सकती हैं। वैसे तो इन्हें लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। लेकिन अगर आपके आसपास ज्यादा मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, तो इमरजेंसी में ये तीन दवाइयां ले कर तुरंत हॉस्पिटल पहुंचना चाहिए।

ध्यान रखने वाली जरूरी बात

डॉक्टर कहते हैं कि ये संजीवनी किट सिर्फ इमरजेंसी के लिए है। इसे हार्ट अटैक की दवा नहीं समझना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत मरीज नजदीकी अस्पताल ले कर जाएं, जहां कार्डियोलॉजिस्ट की सुविधा मौजूद हो।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर मौजूद यूजर-जनरेटेड कंटेंट पर आधारित है। लाइव हिन्दुस्तान ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN