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रूसी विदेश मंत्री की मौजूदगी को लेकर जी-20 की बैठक में हुआ ये विवाद

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Source :- BBC INDIA

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव 30 अक्टूबर, 2026 को जॉर्जिया के अटलांटा में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के पहले पूर्ण सत्र के दौरान अपनी सीट ग्रहण करने के लिए पहुंचे.

यूरोप राजनयिकों ने जी20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ के साथ तस्वीर खिंचवाने से इनकार कर दिया.

इसके चलते अमेरिकी मेज़बानों ने पूर्वनियोजित तस्वीर को रद्द कर दिया.

दो अधिकारियों ने बीबीसी को शुक्रवार को होने वाले “फैमिली फोटो” समारोह के रद्द होने की पुष्टि की, जिसमें आमतौर पर सभी देशों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं.

ब्रिटेन के विदेश सचिव एड मिलिबैंड ने समिट में अपने रूसी समकक्ष से कहा, “मैं रूसी विदेश मंत्री से सीधे तौर पर यह कहना चाहता हूँ: हम सभी जानते हैं कि इस युद्ध में हमलावर कौन है,” और उन्होंने यूक्रेन में निर्दोष नागरिकों की हत्या करने के लिए उनकी सरकार पर आरोप लगाया.

यह बैठक अटलांटा में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की अध्यक्षता आयोजित की जा रही है.

शुक्रवार को जी20 के विदेश मंत्रियों से बात करते हुए मिलिबैंड ने कहा कि सदस्य देशों को “यूक्रेन में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए और अधिक मेहनत करनी चाहिए”.

उन्होंने कहा, “रूस का युद्ध वैश्विक स्तर पर भारी नुक़सान पहुँचा रहा है- जिसमें हज़ारों निर्दोष नागरिकों की मौत और ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान शामिल है. इससे खाद्य असुरक्षा और भी बदतर हो रही है.”

“यह युद्ध केवल यूरोप या नेटो के लिए एक परीक्षा नहीं है- इसके लिए हम सभी को आर्थिक और राजनयिक दबाव डालकर पुतिन को उन राजस्वों से वंचित करना होगा जो इस बर्बर युद्ध को जारी रखते हैं.”

ब्रिटेन के विदेश सचिव एड मिलिबैंड एक मेज पर बैठे हैं, जिसके बगल में एक बोर्ड रखा है जिस पर लिखा है: जी20 यूनाइटेड किंगडम. उन्होंने अपने हाथ जोड़ रखे हैं और उनके चेहरे पर गंभीर भाव हैं

यूक्रेन जी20 का सदस्य नहीं है, लेकिन हाल के वर्षों में उसे इसी तरह की बैठकों में आमंत्रित किया गया है. हालांकि, इस बैठक में यूक्रेन को आमंत्रित नहीं किया गया था.

एक ब्रिटिश अधिकारी ने बीबीसी को बताया, “यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से रूसी मंत्रियों के साथ सीधे, द्विपक्षीय संपर्क न रखने की ब्रिटेन की एक पुरानी नीति रही है और हम इसे बदलने वाले नहीं हैं.”

इस महीने यूक्रेन और अमेरिका के बीच संबंध विशेष रूप से तनावपूर्ण रहे हैं, क्योंकि रूस के भीतर तेल के बुनियादी ढांचे पर यूक्रेन के हमलों को लेकर राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच राजनयिक गतिरोध बढ़ गया है.

एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि “यह स्पष्ट होने के बाद कि कुछ प्रतिनिधिमंडल साझी तस्वीर में भाग लेने के इच्छुक नहीं थे” तस्वीर लेने का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया.

अधिकारी ने कहा, “औपचारिक फोटो खिंचवाने के अवसर को राजनयिक बाधा बनने देने के बजाय, अमेरिका ने फोटो न खिंचवाने और मुख्य चर्चाओं पर ध्यान केंद्रित रखने का फ़ैसला किया.”

पोलैंड

पोलैंड को लेकर रूस की आपत्ति

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने शुक्रवार को कहा कि पोलैंड को जी20 की बैठकों में शामिल होने का निमंत्रण देना कूटनीतिक परंपरा के ख़िलाफ़ है.

पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की ने अटलांटा में पत्रकारों से कहा कि अमेरिका ने पोलैंड को जी20 का स्थायी सदस्य बनाने का प्रस्ताव रखा है और वारसा इसके लिए प्रयास कर रहा है.

रूसी समाचार एजेंसियों के मुताबिक़, अटलांटा में जी20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से अलग पत्रकारों से बातचीत में लावरोफ़ ने कहा, “बेशक, यह कूटनीति के सिद्धांतों और ख़ासकर बहुपक्षीय कूटनीति के सिद्धांतों का उल्लंघन है. जी20 जैसे संगठनों के सदस्य आम सहमति के आधार पर काम करते हैं.”

उन्होंने कहा, “यह बात बैठक के एजेंडे और नए प्रतिभागियों को आमंत्रित करने, दोनों पर लागू होती है.”

लावरोफ़ ने कहा कि पोलैंड की मौजूदगी से बैठक में “कुछ भी नहीं जुड़ता.” उन्होंने कहा कि पोलैंड इस बैठक में शामिल होने की पात्रता पूरी नहीं करता, क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था इतनी बड़ी नहीं है.

उन्होंने यह भी कहा कि पोलैंड को “पूर्वी यूरोप” का प्रतिनिधि बताना ग़लत है, क्योंकि नेटो और यूरोपीय संघ की ओर से इस क्षेत्र का पर्याप्त प्रतिनिधित्व पहले से मौजूद है.

रूसी समाचार एजेंसियों के मुताबिक़, लावरोफ़ ने कहा, “अमेरिकियों ने बस पोलैंड के विदेश मंत्री को आमंत्रित किया. वह आए और उनके लिए तय की गई कुर्सी पर बैठ गए.”

अमेरिका

यूक्रेन के उलट, अमेरिका और रूस के बीच संबंध हाल के हफ़्तों में आंशिक रूप से सुधरते हुए प्रतीत होते हैं, क्योंकि ट्रंप ने कुछ प्रतिबंधों में छूट दी है और अमेरिकी बाज़ार के लिए रूसी डीज़ल आयात करने के समझौते पर सहमति व्यक्त की.

यह क़दम ऐसे समय आया है, जब ट्रंप ईरान युद्ध के राजनीतिक परिणामों से निपटने में कई महीने बिताने के बाद, मंगलवार को होने वाले मिडटर्म इलेक्शन से पहले अमेरिका में ईंधन की क़ीमतों को कम करने का प्रयास कर रहे हैं.

यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ ट्रंप के समझौते की कड़ी आलोचना की है.

ज़ेलेंस्की ने इसे पुतिन के लिए “एक उपहार” बताया जो “एक ऐसे युद्ध में निवेश के बराबर है, जिसे समाप्त किया जाना चाहिए, न कि लंबा खींचा जाना चाहिए”.

ट्रंप ने कहा कि रूस पर लगे कई प्रतिबंधों को निलंबित करने का उनका निर्णय रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में मॉस्को को बातचीत की मेज पर बनाए रखने का एक प्रयास है.

पुतिन ने कहा है कि रूस, जिसने इस साल की शुरुआत में डीज़ल निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था, अमेरिका और वैश्विक बाज़ारों को तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करने के लिए तैयार है.

फिर भी, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस सप्ताह कहा कि उसने यूक्रेन को दो अरब डॉलर से अधिक मूल्य की पैट्रियट मिसाइलों की बिक्री को मंज़ूरी दे दी है, जो रूसी हमलों से ख़ुद को बचाने के लिए देश की हवाई सुरक्षा के लिए एक अत्यंत ज़रूरी उपकरण है.

रूस ने 2022 में यूक्रेन पर हमला शुरू किया था और वर्तमान में यूक्रेन के लगभग पांचवें हिस्से पर उसका नियंत्रण है.

हाल के हफ़्तों में मॉस्को ने राजधानी कीएव और अन्य यूक्रेनी शहरों पर अपने घातक मिसाइल और ड्रोन हमलों को तेज़ कर दिया है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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SOURCE : BBC NEWS