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ट्रंप हुए फुस्स तो ईरान ने चल दिया बड़ा दांव, भारत-चीन समेत दो मुस्लिम देशों को दी बड़ी छूट; वजह भी बताया

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Source :- LIVE HINDUSTAN

दूसरी तरफस ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने होर्मुज समुद्री मार्ग के निकट दक्षिणी प्रांत होर्मोजगान के बंदर खमीर के ऊपर अमेरिका के दो ड्रोन मार गिराने का दावा किया है।

अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी संसद (कांग्रेस) पर फिर से डेमोक्रेट्स ने कब्जा कर लिया है। इस बीच, अमेरिका से दो-दो हाथ कर रहे ईरान ने बड़ा दांव चल दिया है। ईरान ने भारत, चीन समेत इराक और कतर के जहाजों को होर्मुज जल मार्ग से जुड़ी पाबंदियों से छूट दे दी है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के उपाध्यक्ष, अमीर हयात-मोघद्दम ने कहा कि इन चार देशों के जहाज इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से अब बिना किसी रोक-टोक के गुजर सकते हैं और अमेरिका भी इन्हें नहीं रोकता है।

‘ईरानियन स्टूडेंट्स न्यूज एजेंसी’ को दिए एक इंटरव्यू में हयात-मोघद्दम ने कहा, “हमने फिलहाल भारत, चीन, इराक और कतर को होर्मुज समुद्री मार्ग से गुजरने संबंधी पाबंदियों से छूट दी है। इन देशों के जहाज आसानी से आ-जा सकते हैं और अमेरिकी भी उन्हें नहीं रोकते हैं।” उन्होंने बताया कि इस छूट का मकसद इन देशों के साथ ईरान के हितों को मजबूत करना है। फारसी भाषा में बात करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान भारतीय जहाजों को आने-जाने की सुविधा दे रहा है ताकि भारत से दवाओं का आयात किया जा सके, जबकि चीन के जहाजों को दी गई छूट का उद्देश्य चीन का राजनीतिक समर्थन हासिल करना है।

भारतीय जहाज देते हैं ट्रांजिट फीस

हयात-मोघद्दम ने बताया कि ईरान भारतीय और चीनी जहाजों से ट्रांजिट शुल्क (गुजरने का शुल्क) लेता है, जबकि कतर के जहाजों को बिना किसी शुल्क के गुजरने की इजाजत है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इराक के जहाजों को ट्रांजिट शुल्क देना पड़ता है या नहीं? बता दें कि भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 90% आयात करता है, और फिलहाल इस आयात का करीब 30% हिस्सा होर्मुज समुद्री मार्ग से होकर आता है। पहले भारत के कच्चे तेल के आयात का 70% हिस्सा इसी रास्ते से आता था, लेकिन अब यह निर्भरता कम हो गई है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत ने रूस, अमेरिका, पश्चिम अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह से तेल खरीदकर अपने आयात के स्रोतों में विविधता ला दी है।

भारत का 90% LPG आयात होर्मुज से

हालांकि, भारत का 90% LPG आयात अभी भी होर्मुज से होकर आता है। कतर और UAE से होने वाले LNG आयात का 50% से अधिक हिस्सा भी इसी जलमार्ग से आता है। यह जलमार्ग भारत के लिए उर्वरक (खाद) के आयात के लिहाज से भी बहुत महत्वपूर्ण है। ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के बाद, भारत ने बार-बार अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में ऊर्जा आपूर्ति की निर्बाध आवाजाही और नौवहन की स्वतंत्रता की मांग की है। ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य से, पश्चिमी एशियाई देशों से होने वाली वैश्विक समुद्री तेल आपूर्ति का लगभग 25% हिस्सा गुजरता है।

अब तक 24 भारतीय मारे ग

हयात-मोघद्दम की यह टिप्पणी होर्मुज जल मार्ग में जहाजों की आवाजाही पर जारी प्रतिबंधों के संदर्भ में आई है। यूरोपीय संघ (EU) का कहना है कि ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ की नौसेना ने एक ऐसी व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत जहाजों को वहां से गुजरने के लिए अपनी पहचान बतानी होगी और अपने कार्गो (सामान) तथा गंतव्य के बारे में जानकारी देनी होगी। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के अनुसार, फरवरी में संघर्ष शुरू होने से लेकर अगस्त तक व्यापारिक जहाजों पर कम से कम 70 हमले हुए। इन हमलों में 19 नाविकों की मौत हो गई। पश्चिमी एशिया के इस संघर्ष में अब तक मारे गए 24 भारतीयों में 15 नाविक शामिल हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN