Source :- LIVE HINDUSTAN
आजकल सोशल मीडिया पर काफी सारे वीडियो बताते हैं कि चिकन को धोने से बैक्टीरिया नहीं मरते तो इन्हें धोने की बजाय अच्छी तरह से पकाकर खाएं। लेकिन चिकन को धोना क्यों जरूरी है और साथ ही इसे धोने की सही तकनीक जानें। साथ ही जानें FSSAI क्या कहता है।
काफी सारे लोग बोलते हैं कि चिकन को धोने से उसके बैक्टीरिया मरते नहीं है। इन बैक्टीरिया को मारने के लिए उन्हें अच्छी तरह से पकाना जरूरी है। ये बात तो सही है लेकिन क्या बगैर धोए मीट पकाना चाहिए? दरअसल, ये पूरी तरह से गलत है। मीट को सही मेथड से धोना चाहिए जिससे इससे निकलने वाले बैक्टीरिया पानी के साथ घुलकर नाली में बह जाएं और किचन के आसपास संक्रमण ना फैलाएं। मीट को ना धोना सॉल्यूशन नहीं है बल्कि सही तरीके से धोना जरूरी है इसलिए जापानी तकनीक से चिकन को धोकर इस्तेमाल करना चाहिए।
FSSAI का क्या है नियम
FSSAI का कहना है कि चिकन को कभी भी बहते हुए पानी में नहीं धोना चाहिए। मतलब चिकन को धोने का तरीका सही होना चाहिए और ना धोना सॉल्यूशन नहीं है। जब आप बहते पानी में चिकन धोते हैं तो चिकन के ऊपर मौजूद साल्मोनेला बैक्टीरिया पानी के महीन छीटों के साथ किचन के स्लैब और बर्तनों पर गिरते हैं, जिनसे इन खतरनाक बैक्टीरिया के फैलने यानी संक्रमण का डर रहता है। लेकिन जब आप इसे किसी गहरे बर्तन में रखकर धीरे से धोते हैं और पानी को बहा देते हैं तो पानी के छींटे नहीं उड़ते हैं और साल्मोनेला बैक्टीरिया फैलते नहीं बल्कि पानी के साथ घुलकर नाली में बह जाते हैं। इसलिए चिकन को धोने का सही तरीका जानें।
चिकन को जापानी तकनीक से धोएं
चिकन को हमेशा जापानी तकनीक से धोएं। जापानी तकनीक में पानी को 50 डिग्री सेल्सियस तक गर्म किया जाता है और उसमे चिकन को डालते हैं। 50 डिग्री सेल्सियस के पानी में चिकन पकना स्टार्ट नहीं होता। अब 50 डिग्री टेंपरेचर का पता कैसे चलेगा, बहुत ही सिंपल तरीका है। पानी गर्म करें और जब पानी इतना गर्म हो कि उंगली को पानी में डालने पर दो सेंकेड में ही उंगलियों पर जलन महसूस हो तो पानी 50 डिग्री तक गर्म हो गया है। अब इस गर्म पानी में एक चुटकी हल्दी और एक चम्मच नमक डाल दें। अब पूरे चिकन को अच्छी तरह से रगड़कर साफ करें। चिकन को रगड़कर साफ करने से चिकन की बदबू दूर होती है। साथ ही चिपचिपाहट, खून, हड्डियों के टुकड़े पूरी तरह से निकल जाते हैं। चिकन से किसी तरह के कंटेमिनेशन का डर कम हो जाता है।
तो अगली बार जब चिकन घर में लाकर बना रहे हैं तो सोशल मीडिया के वीडियो देखकर कंफ्यूज ना हो कि चिकन को धोए बगैर पकाना चाहिए। बल्कि सही तरीके से धोकर तब अच्छी तरह पकाएं और खाएं।
कहां से आते हैं चिकन पर बैक्टीरिया
दरअसल, ताजे कटे चिकन की स्किन पर किसी तरह का बैक्टीरिया नहीं होता। जिस खतरनाक बैक्टीरिया सल्मोनेला से इंफेक्शन की बात की जाती है वो आंतों में होता है। जब चिकन को काटा जाता है तो आंत में मौजूद मल निकलना है और उन मल से निकलने वाले बैक्टीरिया चिकन की स्किन पर चिपक जाते हैं। जो पानी और साबुन से नहीं जाते हैं। ये बैक्टीरिया केवल चिकन को अच्छी तरह से पकाने पर ही खत्म होते हैं। लेकिन बाकी गंदगी और बदबू को दूर भगाने के लिए चिकन को गर्म पानी में हल्दी और नमक डालकर जरूर धोना चाहिए।
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