Source :- LIVE HINDUSTAN
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने देश की सैन्य नागरिक हाइब्रिड शासन को तनाव पूर्ण नीतियों का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि घरेलू और बाहरी स्तर पर तनाव से बचना चाहिए। उन्होंने इस तनाव के लिए मुनीर की टकराव वाली नीतियों पर सवाल उठाया।
पाकिस्तान लगातार परेशानियों से जूझ रहा है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के शासन में आने के बाद भले ही वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान मजबूत दिखने की कोशिश कर रहा है। लेकिन घरेलू स्तर पर सीमा पर लगातार तनाव बना हुआ है। अब इस मामले में पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल अली भुट्टों ने नागरिक सैन्य प्रशासन के हाइब्रिड मॉडल पर सवाल उठाया है। उन्होंने सीधा पाकिस्तानी सेना के आर्मी चीफ आसिम मुनीर पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब देश गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है, ऐसे में घरेलू और सीमाओं पर तनाव वाली नीतियां अपनाने का क्या तर्क है?
भुट्टो ने पाकिस्तान की नागरिक-सैन्य “हाइब्रिड” व्यवस्था की कड़ी आलोचना की। उन्होंने संघीय सरकार और सैन्य प्रतिष्ठान से कहा कि वे राजनीतिक विरोधियों और पड़ोसी देशों के खिलाफ अपना टकराव बंद करें। उन्होंने कहा, “त्ता में बैठे लोगों को एक तरफ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ और मौलाना फजलुर रहमान जैसे घरेलू विरोधियों से लड़ना बंद करना चाहिए, और दूसरी तरफ भारत और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के साथ भी तनाव कम करना चाहिए।” उन्होंने चेतावनी दी कि देश अपनी अहम ऊर्जा को कई मोर्चों पर दुश्मनी मोल लेने में बर्बाद नहीं कर सकता, जबकि आम नागरिक लगातार बढ़ती मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
बिलावल ने आसिम मुनीर पर साधा निशाना
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर पर भी निशाना साधा। उन्होंने घरेलू और सीमा पर जारी तनाव के लिए आसिम मुनीर की टकराव वाली नीतियों के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन नीतिोयं पर फिर से विचार करने की जरूरत है। तनाव के मुद्दों को राजनीतिक बातचीत के जरिए किया जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश एक गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है, तो ऐसे समय में घरेलू राजनीतिक मोर्चे और बाहरी सीमाओं दोनों जगह आक्रामक और टकराव वाला रुख बनाए रखने का क्या तर्क है?
टकराव छोड़े राष्ट्रीय हित पर बात करें- बिलावल भुट्टो
बिलावल भुट्टो ने कहा कि देश के हाइब्रिड मॉडल को देश के स्तर पर काम करना चाहिए। उन्होंने पीटीआई, मौलाना फजलुर रहमान, भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ कई मोर्चे खोलने के फैसले पर सवाल उठाया और पूछा कि देश आखिरकार आर्थिक विकास और सुधार पर कब ध्यान देगा।
बता दें, आसिम मुनीर पाकिस्तानी सेना के प्रमुख बनने के बाद से पाकिस्तान में लगातार संघर्ष की स्थित बनी हुई है। घरेलू स्तर पर सबसे बड़ी लड़ाई पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी से जारी है। दूसरी तरफ अफगानिस्तान के मोर्चे पर भी पाकिस्तान लगातार लड़ रहा है। भारत के साथ पाकिस्तान का तनाव जगजाहिर है। दूसरी तरफ पाकिस्तान के क्षेत्रीय नेता फजलुर रहमान भी लगातार हमलावर बने हुए हैं।
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