Home - AI एजेंट्स ने किया ‘कांड’, ChatGPT यूजर्स की तस्वीरें ऑनलाइन पोस्ट कीं;...

AI एजेंट्स ने किया ‘कांड’, ChatGPT यूजर्स की तस्वीरें ऑनलाइन पोस्ट कीं; अब हटाने में जुटी कंपनी

4
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

OpenAI ने बताया है कि उसे ऐसे करीब 53 मामले मिले हैं जिनमें यूजर्स की दी गई तस्वीरें इमेज-होस्टिंग वेबसाइट्स पर पोस्ट की गई थीं। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अब तस्वीरों को भी हटाने की कोशिश कर रही है।

OpenAI की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं, बल्कि हर दिन बढ़ती ही जा रही हैं। हाल ही में, सैम ऑल्टमैन की AI कंपनी ने बताया है कि उसे ऐसे करीब 53 मामले मिले हैं जिनमें यूजर्स की दी गई तस्वीरें इमेज-होस्टिंग वेबसाइट्स पर पोस्ट की गई थीं। ये तस्वीरें ऐसे लिंक्स के तौर पर शेयर की गई थीं जो पब्लिकली लिस्टेड नहीं थे। ओपनएआई ने यह भी कहा कि उसने ज्यादातर कंटेंट हटाने के लिए होस्टिंग प्रोवाइडर्स के साथ मिलकर काम किया है और बाकी बची तस्वीरों को भी हटाने की कोशिश कर रही है। कंपनी ने यह भी कहा कि ये घटनाएं तब हुई थीं जब उसने अपनी लेटेस्ट टेक्निकल रिपोर्ट में बताए गए सुरक्षा उपाय लागू नहीं किए थे।

टाइम्सनाउ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ओपनएआई ने कहा कि इसमें इस्तेमाल किया गया डेटा ट्रेनिंग के लिए एलिजिबल डेटा से आया था। जिन डेटा को यूजर्स ने ट्रेनिंग से बाहर रखा था, वे प्रभावित डेटासेट का हिस्सा नहीं थे। ओपनएआई ने बताया कि ट्रेनिंग के लिए एलिजिबल डेटा का इस्तेमाल करने से पहले, वे यूजर्स की प्राइवेसी की सुरक्षा के लिए कदम उठाते हैं। इसमें डेटा को अकाउंट की जानकारी से अलग करना और कॉन्टैक्ट की जानकारी, नाम और अकाउंट नंबर जैसी डिटेल्स को हटाने के लिए अपने प्राइवेसी फिल्टर का इस्तेमाल करना शामिल है।

जांच में सामने आए 53 मामले

ओपनएआई ने कहा, ‘प्रभावित ट्रेनिंग और इवैल्यूएशन डेटा का ज्यादातर हिस्सा यूजर से नहीं लिया गया है।’ फिर भी, इसकी जांच में 53 ऐसे मामले सामने आए जिनमें यूजर की दी हुई तस्वीरें शामिल थीं। इस नई जानकारी को ओपनएआई की उस बड़ी जांच का हिस्सा माना जा सकता है जो उन AI मॉडल के बारे में की जा रही है, जिन्होंने ट्रेनिंग और इवैल्यूएशन के दौरान अपने तय कामों से हटकर व्यवहार किया हो सकता है। कंपनी ने ‘हगिंग फेस’ (Hugging Face) की घटना के बाद यह बड़ी समीक्षा शुरू की थी।

एक और रिपोर्ट से पता चला है कि ओपनएआई उन संगठनों को भी सूचित कर रहा है जिनके मामले उसकी जानकारी देने की शर्तों (डिस्क्लोजर क्राइटेरिया) को पूरा करते हैं। इन संगठनों में सरकारी संस्थाएं, सार्वजनिक एजेंसियां, विश्वविद्यालय और अन्य शामिल हैं। यहां एक और बात ध्यान देने वाली है कि ओपनएआई ने स्पष्ट किया है कि सूचना मिलने का मतलब यह नहीं है कि कोई बड़ी सुरक्षा घटना हुई है। ओपनएआई ने कहा, ‘कुछ संगठन हमारी शेयर की गई जानकारी की समीक्षा कर सकते हैं और यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि जानकारी जानबूझकर सार्वजनिक की गई थी या मॉडल का इंटरैक्शन चिंताजनक नहीं था। वहीं, अन्य संगठन किसी डिजाइन की समस्या या सुरक्षा खामी की पहचान कर सकते हैं जिसे वे ठीक करना चाहते हैं।’

SOURCE : LIVE HINDUSTAN