केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने Munitions India Limited (MIL) के कार्यकारी निदेशक Anil Kumar के साथ-साथ दो निजी व्यक्तियों को रिश्वतखोरी और सूचना लीक मामले में गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां 13 अक्टूबर को की गईं और आरोप है कि अवैध लाभ के बदले रक्षा उत्पादन तथा खरीद से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा की गई।
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## किन लोगों को गिरफ्तार किया गया
– Anil Kumar — कार्यकारी निदेशक, MIL, पुणे
– Ashish Kansal — CEO, निदेशक-प्रमोटर, SMPP Limited, ड्रोन तकनीक और गोला-बारूद निर्माण के क्षेत्र में कार्यरत निजी कंपनी
– B. Harshavardhan — Anil Kumar के भाई
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## FIR में क्या आरोप लगाए गए हैं
CBI द्वारा 12 अक्टूबर को दर्ज FIR में Kumar पर MIL में कार्यरत रहते हुए कुछ ठेकेदारों और विक्रेताओं के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया गया है, ताकि:
– रिश्वत और अवैध लाभ की मांग तथा प्राप्ति की जा सके
– इन संस्थाओं को आधिकारिक लाभ पहुंचाया जा सके
– MIL के रक्षा उत्पादन, खरीद और अन्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा की जा सके
FIR के अनुसार, Ashish Kansal पिछले एक वर्ष से MIL को गोला-बारूद की आपूर्ति के लिए SMPP को दिए गए Rs 500 crore के अनुबंध को लेकर Kumar के साथ नियमित संपर्क में थे।
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## नकदी बरामदगी और तलाशी
सबूत जुटाने के लिए पुणे, Mysuru, Bengaluru और Delhi सहित कई स्थानों पर तलाशी ली गई। प्रमुख बरामदगी में शामिल हैं:
– पुणे स्थित Kumar के आवास से Rs 1.73 crore नकद
– अन्य स्थानों पर कार्रवाई के दौरान Rs 50 lakh नकद और आपत्तिजनक दस्तावेज
– अब तक जब्त की गई कुल नकदी लगभग Rs 2.23 crore है
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## कथित साजिश कैसे सामने आई
जांच से जुड़े विवरणों के अनुसार, कथित अनियमितता इस प्रकार सामने आई:
– आरोप है कि Kumar ने अपने भाई Harshavardhan को 12 अक्टूबर के अगले दिन पुणे जाने का निर्देश दिया, ताकि छिपाने के लिए बड़ी मात्रा में रिश्वत की रकम एकत्र की जा सके।
– कथित तौर पर अवैध रकम के स्रोत को छिपाने और उस पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए उसे Kumar की पत्नी, उनके भाई और अन्य रिश्तेदारों के माध्यम से भेजा गया या उनके पास रखा गया।
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## यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है
MIL, रक्षा मंत्रालय के अधीन एक रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। यह भारत की Army, Navy, Air Force और अर्धसैनिक बलों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले गोला-बारूद और विस्फोटकों का निर्माण, परीक्षण, विकास और विपणन करता है। MIL का मुख्यालय पुणे में है और इसकी 12 इकाइयों में लगभग 25,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके उत्पादों में छोटे से लेकर बड़े कैलिबर का गोला-बारूद, रॉकेट, मोर्टार, हैंड ग्रेनेड और विस्फोटक शामिल हैं।
MIL की संवेदनशील जानकारी का कथित अनधिकृत खुलासा राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है, रक्षा खरीद और विनिर्माण प्रक्रियाओं की पारदर्शिता तथा विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकता है और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
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## लागू कानूनी प्रावधान
यह मामला Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), 2023 की धारा 61(2) के साथ-साथ Prevention of Corruption Act, 1988 की 2018 में संशोधित धाराओं 7, 8, 9 और 12 के तहत दर्ज किया गया है। ये प्रावधान सार्वजनिक पद पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को संबोधित करते हैं, जिनमें रिश्वत लेना और देना तथा आपराधिक साजिश शामिल है।
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## जांच की स्थिति
CBI की जांच जारी है। Kumar फिलहाल हिरासत में हैं और अधिकारी आरोपियों से जुड़े दस्तावेजों, संचार, अनुबंधों तथा वित्तीय लेन-देन की जांच कर रहे हैं। जांच आरोपपत्र दाखिल करने की दिशा में आगे बढ़ने के बाद अदालतें औपचारिक आरोपों का निर्धारण करेंगी।
आरोपों को लेकर SMPP की ओर से अब तक कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है और MIL ने मामले की जांच जारी होने की पुष्टि करने के अलावा कोई टिप्पणी नहीं की है।
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